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अब बीएसए करेंगे शिक्षकों का समायोजन
Updated Tue, 11 Jul 2017 08:03 PM IST
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अब बीएसए करेंगे शिक्षकों का समायोजन
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का सैलरी डाटा अपलोड न होने के कारण बदला फैसला
शासन ने इस बार ऑनलाइन समायोजन करने का लिया था निर्णय, ऑफलाइन समायोजन को निर्देश जारी
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों के अध्यापकों का स्थानांतरण/समायोजन पूर्व की भांति बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ही करेंगे। वैसे इस बार यह प्रक्रिया ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया था लेकिन सैलरी डाटा में जोन चिन्हांकन, सरप्लस शिक्षकों का चिन्हांकन करते हुए एनआईसी की वेबसाइट पर समय से अपलोड न होने के कारण समायोजन की प्रक्रिया पूर्व की भांति करने का निर्णय लिया गया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया।
पारदर्शिता के लिए इस बार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया था। इस संबंध में शासन ने 13 जून को ही आदेश जारी कर दिया था। इसके तहत समायोजन/स्थानांतरण के लिए जनपदों में कार्यरत शिक्षकों के सैलरी डाटा में जोन चिन्हांकन, सरप्लस शिक्षकों का चिन्हांकन करते हुए एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था लेकिन अब तक सभी जनपदों के सैलरी डाटा को अपलोड नहीं किया जा सका है। इसके अलावा कुछ जनपदों से अपलोड किए गए सैलरी डाटा में अनेक गलतियां प्रदर्शित हो रही हैं। इसकी वजह से सैलरी डाटा के आधार पर प्रदेश के सभी जनपदों के समायोजन की कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है।
ऐसे में शासन ने जनपद स्तर पर ही सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की कार्रवाई 18 जुलाई तक प्रत्येक दशा में पूरी करने को कहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद सचिव संजय सिन्हा ने मंगलवार को इलाहाबाद के बीएसए को समायोजन के संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें सचिव ने स्पष्ट किया कि समायोजन की कार्रवाई ऑफलाइन ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाएगी। समायोजन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद के विद्यालयों में 30 अप्रैल तक के दिए गए पद निर्धारण के अनुरूप शिक्षकों की संख्या उपलब्ध हो गई हो। समायोजन में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी विद्यालय बंद या एकल न रहे। प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
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परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का सैलरी डाटा अपलोड न होने के कारण बदला फैसला
शासन ने इस बार ऑनलाइन समायोजन करने का लिया था निर्णय, ऑफलाइन समायोजन को निर्देश जारी
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों के अध्यापकों का स्थानांतरण/समायोजन पूर्व की भांति बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ही करेंगे। वैसे इस बार यह प्रक्रिया ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया था लेकिन सैलरी डाटा में जोन चिन्हांकन, सरप्लस शिक्षकों का चिन्हांकन करते हुए एनआईसी की वेबसाइट पर समय से अपलोड न होने के कारण समायोजन की प्रक्रिया पूर्व की भांति करने का निर्णय लिया गया। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया।
पारदर्शिता के लिए इस बार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया था। इस संबंध में शासन ने 13 जून को ही आदेश जारी कर दिया था। इसके तहत समायोजन/स्थानांतरण के लिए जनपदों में कार्यरत शिक्षकों के सैलरी डाटा में जोन चिन्हांकन, सरप्लस शिक्षकों का चिन्हांकन करते हुए एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था लेकिन अब तक सभी जनपदों के सैलरी डाटा को अपलोड नहीं किया जा सका है। इसके अलावा कुछ जनपदों से अपलोड किए गए सैलरी डाटा में अनेक गलतियां प्रदर्शित हो रही हैं। इसकी वजह से सैलरी डाटा के आधार पर प्रदेश के सभी जनपदों के समायोजन की कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही है।
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ऐसे में शासन ने जनपद स्तर पर ही सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की कार्रवाई 18 जुलाई तक प्रत्येक दशा में पूरी करने को कहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद सचिव संजय सिन्हा ने मंगलवार को इलाहाबाद के बीएसए को समायोजन के संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें सचिव ने स्पष्ट किया कि समायोजन की कार्रवाई ऑफलाइन ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाएगी। समायोजन प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद के विद्यालयों में 30 अप्रैल तक के दिए गए पद निर्धारण के अनुरूप शिक्षकों की संख्या उपलब्ध हो गई हो। समायोजन में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी विद्यालय बंद या एकल न रहे। प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
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