{"_id":"5c5c3124bdec224a3d3fe061","slug":"131549545764-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वमंत्री इंद्रजीत के गांव में मिले 33 बीडीसी सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वमंत्री इंद्रजीत के गांव में मिले 33 बीडीसी सदस्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मंत्री इंद्रजीत के गांव में मिले 33 बीडीसी सदस्य
- अपहरण कर बंधक बनाए जाने की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
- एक घर में मिले सदस्यों ने कहा, बंधक नहीं बनाया गया मर्जी से आए हैं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। सरसवां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रक्रिया के बीच मंगलवार रात सदस्यों के अपहरण की अफवाह उड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के गांव में छापा मारा। वहां एक घर में करीब 33 सदस्य मिले। हालांकि सदस्यों ने साफ कह दिया कि वह अपनी मर्जी से आए हैं, इसलिए किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सरसवां ब्लॉक प्रमुख विद्या देवी के खिलाफ पखवाड़े भर पहले वार्ड नं. 67 की क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा सिंह अविश्वास प्रस्ताव लाईं थीं। जिलाधिकारी ने अविश्वास पर चर्चा के लिए 15 फरवरी की तारीख तय की है। इसके बाद बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में करने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार रात नेहा समर्थकों ने फोन करके एसपी प्रदीप गुप्ता को बताया कि ब्लॉक प्रमुख विद्या ने पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के पैतृक गांव धोबियन का पूरा में दर्जनों बीडीसी सदस्यों का अपहरण करके बंद कर दिया है। इस पर एसपी ने सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक को महेवाघाट व पश्चिमशरीरा कोतवाली की फोर्स के साथ मौके पर भेजा। सीओ ने बताया कि पूर्व मंत्री के गांव स्थित एक मकान में 33 बीडीसी सदस्य मिले थे। सभी सदस्यों के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई। उनसे लिखकर शपथ पत्र भी लिया गया। सदस्यों ने साफ कह दिया कि उनका किसी ने न तो अपहरण किया है और न ही बंधक बनाकर रखे गए हैं। नेहा और उनके समर्थक परेशान करते हैं। इसलिए विद्या देवी के समर्थन में एक स्थान पर ठहरे हुए हैं। सदस्यों के परिजनों की ओर से भी पुलिस को तहरीर नहीं मिली। ऐसे मेे पुलिस फोर्स किसी तरह की कोई कार्रवाई करे बगैर लौट आई।
विज्ञापन
- अपहरण कर बंधक बनाए जाने की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
- एक घर में मिले सदस्यों ने कहा, बंधक नहीं बनाया गया मर्जी से आए हैं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। सरसवां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ चल रही अविश्वास प्रक्रिया के बीच मंगलवार रात सदस्यों के अपहरण की अफवाह उड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के गांव में छापा मारा। वहां एक घर में करीब 33 सदस्य मिले। हालांकि सदस्यों ने साफ कह दिया कि वह अपनी मर्जी से आए हैं, इसलिए किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सरसवां ब्लॉक प्रमुख विद्या देवी के खिलाफ पखवाड़े भर पहले वार्ड नं. 67 की क्षेत्र पंचायत सदस्य नेहा सिंह अविश्वास प्रस्ताव लाईं थीं। जिलाधिकारी ने अविश्वास पर चर्चा के लिए 15 फरवरी की तारीख तय की है। इसके बाद बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में करने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार रात नेहा समर्थकों ने फोन करके एसपी प्रदीप गुप्ता को बताया कि ब्लॉक प्रमुख विद्या ने पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के पैतृक गांव धोबियन का पूरा में दर्जनों बीडीसी सदस्यों का अपहरण करके बंद कर दिया है। इस पर एसपी ने सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक को महेवाघाट व पश्चिमशरीरा कोतवाली की फोर्स के साथ मौके पर भेजा। सीओ ने बताया कि पूर्व मंत्री के गांव स्थित एक मकान में 33 बीडीसी सदस्य मिले थे। सभी सदस्यों के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई। उनसे लिखकर शपथ पत्र भी लिया गया। सदस्यों ने साफ कह दिया कि उनका किसी ने न तो अपहरण किया है और न ही बंधक बनाकर रखे गए हैं। नेहा और उनके समर्थक परेशान करते हैं। इसलिए विद्या देवी के समर्थन में एक स्थान पर ठहरे हुए हैं। सदस्यों के परिजनों की ओर से भी पुलिस को तहरीर नहीं मिली। ऐसे मेे पुलिस फोर्स किसी तरह की कोई कार्रवाई करे बगैर लौट आई।
विज्ञापन