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किश्त पर ब्याज वसूली में हस्तक्षेप से इंकार
Updated Tue, 30 Oct 2018 09:57 PM IST
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किश्त पर ब्याज वसूली में हस्तक्षेप से इंकार
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा किश्त अदायगी नहीं करने पर ब्याज सहित किश्त की वसूली करने पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने याची को एक वर्ष में बकाया राशि चार किश्तों में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक माह में 75 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर आवंटन निरस्त करने संबंधी आदेश वापस कर दिया है, मगर कहा है कि यदि याची किश्तों का भुगतान नहीं कर पाता है तो प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
शिवविशाल सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की पीठ ने दिया है। याची को एमआईजी फ्लैट का आवंटन किया गया था, मगर वह समय पर किश्तों का भुगतान नहीं कर सका। इसकी वजह से आवंटन रद्द कर दिया गया था। उसने याचिका दाखिल कर आवंटन रद्द नहीं करने की मांग की। कोर्ट के आदेश पर उसने किश्त जमा कर दी। इसके बाद ब्याज में छूट दिए जाने के लिए याचिका दाखिल की। उसके ऊपर ब्याज सहित तीन लाख 22 हजार 779 रुपये बकाया थे।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा किश्त अदायगी नहीं करने पर ब्याज सहित किश्त की वसूली करने पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने याची को एक वर्ष में बकाया राशि चार किश्तों में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही एक माह में 75 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर आवंटन निरस्त करने संबंधी आदेश वापस कर दिया है, मगर कहा है कि यदि याची किश्तों का भुगतान नहीं कर पाता है तो प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
शिवविशाल सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की पीठ ने दिया है। याची को एमआईजी फ्लैट का आवंटन किया गया था, मगर वह समय पर किश्तों का भुगतान नहीं कर सका। इसकी वजह से आवंटन रद्द कर दिया गया था। उसने याचिका दाखिल कर आवंटन रद्द नहीं करने की मांग की। कोर्ट के आदेश पर उसने किश्त जमा कर दी। इसके बाद ब्याज में छूट दिए जाने के लिए याचिका दाखिल की। उसके ऊपर ब्याज सहित तीन लाख 22 हजार 779 रुपये बकाया थे।
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