फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   भुगतान न करना पड़ा महंगा, नपे अफसर

भुगतान न करना पड़ा महंगा, नपे अफसर

Thu, 16 Nov 2017 01:18 AM IST
Updated Thu, 16 Nov 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
भुगतान न करना पड़ा महंगा, नपे अफसर
भुगतान न करना पड़ा महंगा, नप गए अफसर
विज्ञापन

- तीन एसटीपी के लिए नहीं हो सका 700 करोड़ का टेंडर
- ठेकेदारों की शिकायत पर कार्रवाई, शासन ने लौटाईं 8 फाइल
इलाहाबाद। नमामि गंगे योजना के तहत शहर में किए जा रहे कार्यों का भुगतान न करना गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों को महंगा पड़ गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में नाराजगी जताई तो प्रमुख सचिव नगर विकास ने इकाई के महाप्रबंधक अजेय रस्तोगी और परियोजना प्रबंधक जेपी मणि को निलंबित कर दिया। शासन स्तर पर लंबित 24 बीजक के सापेक्ष धन निर्गत किया तो पिछले दिनों 11 कार्यदायी संस्थाओं को 12 करोड़ से अधिक का भुगतान भी किया गया।
शहर में इन दिनों गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई सीवर लाइन बिछाने का कार्य करा रहा है। कुछ इलाकों में काम के बाद कार्यदायी संस्थाओं ने भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत किए तो उन्हें अफसरों ने संस्तुति के लिए स्टेट गंगा रीवर कंजर्वेशन अथारिटी( एसजीआरसीए) के पास संस्तुति के लिए भेज दिए। 30 अक्तूबर को दिल्ली में केंद्रीय विभागीय मंत्री नितिन गडकरी ने अफसरों के साथ समीक्षा के दौरान उन शिकायतों पर नाराजगी जताई, जिसमें काम होने के बाद भी भुगतान न करने की बात कही गई थी। मंत्री को अफसरों ने जानकारी दी कि एसजीआरसीए के पास बिल संस्तुति के लिए भेज दिए गए हैं। अनुमोदन के साथ धनराशि मिलते ही संबंधित संस्थाओं को भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

मंत्री नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास सचिव मनोज कुमार सिंह ने संबंधित प्रकरण की जांच शुरू करा दी। इस बीच एसजीआरसीए ने 11 पत्रावलियों को निस्तारण कर धनराशि जारी कर दी। साथ ही करीब 7 करोड़ के भुगतान संबंधी आठ संस्थाओं के बीजक बिना किसी टिप्पणी के वापस कर दिए। बताया गया कि अब सिर्फ भुगतान के लिए 5 पत्रावलियां ही लंबित हैं। रकम मिलते ही यहां अफसरों ने कार्यदायी संस्थाओं को 12 करोड़ से अधिक का भुगतान भी कर दिया। अफसरों ने समझा कि सब कुछ ठीक है लेकिन मंगलवार रात प्रमुख सचिव नगर विकास ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक और परियोजना प्रबंधक जेपी मणि को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। दो वरिष्ठ अफसरों के निलंबन से फिलहाल नैनी, झूंसी और फाफामऊ में बनने वाली तीन एसटीपी के लिए टेंडर जारी करने में बाधा आ सकती है। वहीं इकाई के नैनी स्थित कार्यालय में दिन भर सन्नाटा छाया रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


-------------------

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed