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पाठ्यक्रम में फंसी आरओ-एआरओ परीक्षा
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:31 PM IST
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आरओ हिंदी, उर्दू पद पर भर्ती के लिए नया पाठ्यक्रम
0 पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद यूपीपीएससी जारी करेगा विज्ञापन
0 अफसरों को नवंबर के अंत तक विज्ञापन जारी होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। समीक्षा अधिकारी (आरओ) एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2017 पाठ्यक्रम तैयार न होने के कारण अटकी हुई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आरओ हिंदी एवं आरओ उर्दू पद पर भर्ती के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद शासन हरी झंडी मिलने पर आयोग की ओर से भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।
दरअसल, आरओ-एआरओ परीक्षा-2016 में नए पद शामिल किए गए थे। इनमें से एक आरओ हिंदी और दूसरा आरओ उर्दू का पद है। इसके लिए अर्हता निर्धारित की गई थी कि आरओ हिंदी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के स्नातक पाठ्यक्रम में हिंदी या संस्कृत साहित्य विषय रहा हो और आरओ उर्दू के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के स्नातक पाठ्यक्रम में अरबी, फारसी या उर्दू का विषय रहा हो। आरओ-एसआरओ के बाकी पदों के लिए स्नातक में किसी विशेष विषय की कोई बाध्यता नहीं है। अन्य पदों के लिए सामान्य स्नातक को ही योग्यता माना गया है। हालांकि पिछली बार आयोग ने आरओ हिंदी एवं आरओ उर्दू पद पर भर्ती के लिए अलग से कोई पाठ्यक्रम नहीं बनाया और सभी पदों के लिए सामान्य पाठ्यक्रम के तहत परीक्षा का आयोजन कराया। इस बार आयोग आरओ हिंदी और आरओ उर्दू पद पर भर्ती परीक्षा के लिए अलग से पाठ्यक्रम तैयार करा रहा है, क्येांकि दोनों पद विशेष योग्यता वाले पद हैं। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि पाठ्यक्रम तैयार हो रहा है। इसी वजह से आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा-2017 के लिए विज्ञापन अब तक जारी नहीं किया गया है। पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो गया है। नवंबर के अंत तक विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है।
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‘ओ-लेवल’ हटाने का प्रस्ताव शासन में लंबित
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शासन को आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा से ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म किए जाने का प्रस्ताव भेज रखा है। यह प्रस्ताव शासन में विचाराधानी है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि इस प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है लेकिन प्रक्रिया लंबी है। ऐसे में परीक्षा रोकी नहीं जा सकती। वैसे भी अधियाचन पुरानी नियमावली के हिसाब से आया है। अगर पाठ्यक्रम तैयार होने तक की ओर प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिलती है तो ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को बरकरार रखते हुए पुरारी नियमावली के अनुरूप परीक्षा कराने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
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512 पदों का आ चुका है अधियाचन
- आरओ-एआरओ परीक्षा- 2017 के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अब तक 512 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इनमें 362 पद सचिवालय, 143 पद आयोग और सात पद बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के हैं। आयोग में 48 पद समीक्षा अधिकारी और 95 पद सहायक समीक्षा अधिकारी के हैं।
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अगले हफ्ते जारी होगा पीसीएस-जे का कटऑफ
इलाहाबाद। पीसीएस-जे परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर किया जा चुका है और चयनितों को अब नियुक्ति का इंतजार है। इसका कटऑफ भी अब तक जारी नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-जे परिणाम की संस्तुति शासन को भेज दी है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि अगले हफ्ते तक पीसीएस-जे का कटऑफ जारी कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि काफी अर्से बाद ऐसा हुआ है कि परिणाम के कुछ दिनों बाद ही संस्तुति शासन को भेज दी गई। पहले आयोग इसमें काफी वक्त लेता था और अभ्यर्थियों को कटऑफ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। तीन दिन पहले ही आयोग ने एपीओ का कटऑफ भी जारी किया है।
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0 पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद यूपीपीएससी जारी करेगा विज्ञापन
0 अफसरों को नवंबर के अंत तक विज्ञापन जारी होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। समीक्षा अधिकारी (आरओ) एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2017 पाठ्यक्रम तैयार न होने के कारण अटकी हुई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आरओ हिंदी एवं आरओ उर्दू पद पर भर्ती के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद शासन हरी झंडी मिलने पर आयोग की ओर से भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।
दरअसल, आरओ-एआरओ परीक्षा-2016 में नए पद शामिल किए गए थे। इनमें से एक आरओ हिंदी और दूसरा आरओ उर्दू का पद है। इसके लिए अर्हता निर्धारित की गई थी कि आरओ हिंदी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के स्नातक पाठ्यक्रम में हिंदी या संस्कृत साहित्य विषय रहा हो और आरओ उर्दू के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के स्नातक पाठ्यक्रम में अरबी, फारसी या उर्दू का विषय रहा हो। आरओ-एसआरओ के बाकी पदों के लिए स्नातक में किसी विशेष विषय की कोई बाध्यता नहीं है। अन्य पदों के लिए सामान्य स्नातक को ही योग्यता माना गया है। हालांकि पिछली बार आयोग ने आरओ हिंदी एवं आरओ उर्दू पद पर भर्ती के लिए अलग से कोई पाठ्यक्रम नहीं बनाया और सभी पदों के लिए सामान्य पाठ्यक्रम के तहत परीक्षा का आयोजन कराया। इस बार आयोग आरओ हिंदी और आरओ उर्दू पद पर भर्ती परीक्षा के लिए अलग से पाठ्यक्रम तैयार करा रहा है, क्येांकि दोनों पद विशेष योग्यता वाले पद हैं। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि पाठ्यक्रम तैयार हो रहा है। इसी वजह से आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा-2017 के लिए विज्ञापन अब तक जारी नहीं किया गया है। पाठ्यक्रम लगभग तैयार हो गया है। नवंबर के अंत तक विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है।
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‘ओ-लेवल’ हटाने का प्रस्ताव शासन में लंबित
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शासन को आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा से ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म किए जाने का प्रस्ताव भेज रखा है। यह प्रस्ताव शासन में विचाराधानी है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि इस प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है लेकिन प्रक्रिया लंबी है। ऐसे में परीक्षा रोकी नहीं जा सकती। वैसे भी अधियाचन पुरानी नियमावली के हिसाब से आया है। अगर पाठ्यक्रम तैयार होने तक की ओर प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिलती है तो ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को बरकरार रखते हुए पुरारी नियमावली के अनुरूप परीक्षा कराने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
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512 पदों का आ चुका है अधियाचन
- आरओ-एआरओ परीक्षा- 2017 के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अब तक 512 पदों का अधियाचन मिल चुका है। इनमें 362 पद सचिवालय, 143 पद आयोग और सात पद बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के हैं। आयोग में 48 पद समीक्षा अधिकारी और 95 पद सहायक समीक्षा अधिकारी के हैं।
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अगले हफ्ते जारी होगा पीसीएस-जे का कटऑफ
इलाहाबाद। पीसीएस-जे परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर किया जा चुका है और चयनितों को अब नियुक्ति का इंतजार है। इसका कटऑफ भी अब तक जारी नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-जे परिणाम की संस्तुति शासन को भेज दी है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि अगले हफ्ते तक पीसीएस-जे का कटऑफ जारी कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि काफी अर्से बाद ऐसा हुआ है कि परिणाम के कुछ दिनों बाद ही संस्तुति शासन को भेज दी गई। पहले आयोग इसमें काफी वक्त लेता था और अभ्यर्थियों को कटऑफ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। तीन दिन पहले ही आयोग ने एपीओ का कटऑफ भी जारी किया है।