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पर्यावरण, सरकारी योजनाओं पर हो सकता है जोर
Updated Fri, 16 Jun 2017 07:47 PM IST
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पर्यावरण, सरकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द हो सकते हैं सवाल
0 विशेषज्ञों का दावा, इस बार भी पेपर में दोहराव की उम्मीद नहीं
0 संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा कल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 18 जून को होने जा रही है। पिछले साल ज्यादातर सवाल समसामयिक घटनाक्रम और अर्थव्यवस्था से जुड़े थे। विशेषज्ञों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में हर साल पेपर में बदलाव देखने को मिलता है। पेपर में दोहराव कम होता है। इस बार भी ऐसी ही संभावना है। ऐसे में ज्यादातर सवाल पर्यावरण या उन सरकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द हो सकते हैं, जिनकी आर्थिक सामाजिक विकास में अहम भूमिका है।
पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस बार इलाहाबाद में आईएएस का परिणाम बेहतर रहा। मेरिट में चौथे नंबर पर रहीं सौम्या पांडेय और पांचवें नंबर पर रहे अभिलाष मिश्र इलाहाबाद के ही हैं। आईएएस में चयनित दोनों अभ्यर्थियों का यही कहना था कि परीक्षा से ठीक पहले जो पढ़ा है, सिर्फ उसे दोहराएं। विशेषज्ञों का भी यही मानना है। जीएस वर्ल्ड के एकेडमिक निदेशक दीपक सिंह और आईएएस ध्येय के मुख्य समन्वयक वेद प्रकाश राजपूत की प्रतियोगियों को सलाह है कि परीक्षा के 24 घंटे पहले कोई नहीं चीज पढ़ने के बजाय सेलेबस को सिर्फ दोहराएं। सिविल सेवा परीक्षा संबंधी लेखन कार्य से जुड़े सिद्धार्थ श्रीवास्तव का सुझाव है कि जिस पर भ्रम हो, अब सिर्फ उतना ही पढ़ने का वक्त है। बेहतर है कि ऐसे मुद्दों की जानकारी इंटरनेट पर सरकारी वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त करें, क्योंकि ऐसी वेबसाइट पर दी गई सूचना सबसे ज्यादा विश्वसनीय होती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक पिछली बार भारतीय राज व्यवस्था से पांच से छह प्रश्न पूछ गए थे। विश्व, भारत के भूगोल और पारिस्थितिकीय से भी कम संख्या में सवाल पूछे गए थे। सबसे अधिक प्रश्न समसामयिक घटनाक्रम और भारतीय अर्थ व्यवस्था से जुड़ी ऐसी योजनाओं के बारे में पूछे गए थे, जो उस वक्त का ज्वलंत मुद्दा थीं। भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति से पूछे गए प्रश्नों की संख्या 13 से 15 थी। अगर यूपीएससी की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े पिछले कुछ वर्षों के पेपर की समीक्षा की जाए तो इस बार ज्यादातर सवाल पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, समसामयिक घटनाक्रम और सरकारी योजना से जुड़े हो सकते हैं। इस समय किसान और खेती भी ज्वलंत मुद्दा है। ऐसे में मानसून या भूगोल से संबंधित अन्य सवालों की संख्या भी अधिक हो सकती है।
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इलाहाबाद में बनाए गए 77 परीक्षा केंद्र
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए इलाहाबाद में 77 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो सत्रों सुबह 9.30 से 11.30 बजे और दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसमें 37418 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों को तीन जोन एवं 25 सेक्टर में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन के लिए अपर जिलाधिकारी स्तर के अफसर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति भी की गई है।
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0 विशेषज्ञों का दावा, इस बार भी पेपर में दोहराव की उम्मीद नहीं
0 संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा कल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 18 जून को होने जा रही है। पिछले साल ज्यादातर सवाल समसामयिक घटनाक्रम और अर्थव्यवस्था से जुड़े थे। विशेषज्ञों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में हर साल पेपर में बदलाव देखने को मिलता है। पेपर में दोहराव कम होता है। इस बार भी ऐसी ही संभावना है। ऐसे में ज्यादातर सवाल पर्यावरण या उन सरकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द हो सकते हैं, जिनकी आर्थिक सामाजिक विकास में अहम भूमिका है।
पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस बार इलाहाबाद में आईएएस का परिणाम बेहतर रहा। मेरिट में चौथे नंबर पर रहीं सौम्या पांडेय और पांचवें नंबर पर रहे अभिलाष मिश्र इलाहाबाद के ही हैं। आईएएस में चयनित दोनों अभ्यर्थियों का यही कहना था कि परीक्षा से ठीक पहले जो पढ़ा है, सिर्फ उसे दोहराएं। विशेषज्ञों का भी यही मानना है। जीएस वर्ल्ड के एकेडमिक निदेशक दीपक सिंह और आईएएस ध्येय के मुख्य समन्वयक वेद प्रकाश राजपूत की प्रतियोगियों को सलाह है कि परीक्षा के 24 घंटे पहले कोई नहीं चीज पढ़ने के बजाय सेलेबस को सिर्फ दोहराएं। सिविल सेवा परीक्षा संबंधी लेखन कार्य से जुड़े सिद्धार्थ श्रीवास्तव का सुझाव है कि जिस पर भ्रम हो, अब सिर्फ उतना ही पढ़ने का वक्त है। बेहतर है कि ऐसे मुद्दों की जानकारी इंटरनेट पर सरकारी वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त करें, क्योंकि ऐसी वेबसाइट पर दी गई सूचना सबसे ज्यादा विश्वसनीय होती हैं।
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विशेषज्ञों के मुताबिक पिछली बार भारतीय राज व्यवस्था से पांच से छह प्रश्न पूछ गए थे। विश्व, भारत के भूगोल और पारिस्थितिकीय से भी कम संख्या में सवाल पूछे गए थे। सबसे अधिक प्रश्न समसामयिक घटनाक्रम और भारतीय अर्थ व्यवस्था से जुड़ी ऐसी योजनाओं के बारे में पूछे गए थे, जो उस वक्त का ज्वलंत मुद्दा थीं। भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति से पूछे गए प्रश्नों की संख्या 13 से 15 थी। अगर यूपीएससी की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े पिछले कुछ वर्षों के पेपर की समीक्षा की जाए तो इस बार ज्यादातर सवाल पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, समसामयिक घटनाक्रम और सरकारी योजना से जुड़े हो सकते हैं। इस समय किसान और खेती भी ज्वलंत मुद्दा है। ऐसे में मानसून या भूगोल से संबंधित अन्य सवालों की संख्या भी अधिक हो सकती है।
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इलाहाबाद में बनाए गए 77 परीक्षा केंद्र
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए इलाहाबाद में 77 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो सत्रों सुबह 9.30 से 11.30 बजे और दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसमें 37418 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों को तीन जोन एवं 25 सेक्टर में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन के लिए अपर जिलाधिकारी स्तर के अफसर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति भी की गई है।