{"_id":"68d3ea347aac638ed10c0750","slug":"13-teachers-of-mnnit-are-among-the-two-percent-scientists-of-the-world-enthusiasm-among-teachers-and-students-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : एमएनएनआईटी के 13 शिक्षक दुनिया के दो फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल, शिक्षकों और छात्रों में उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : एमएनएनआईटी के 13 शिक्षक दुनिया के दो फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल, शिक्षकों और छात्रों में उत्साह
Wed, 24 Sep 2025 06:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Sep 2025 06:25 PM IST
सार
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के 13 शिक्षकों ने विश्व के दो प्रतिशत चुनिंदा वैज्ञानिकों में जगह बनाई है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग में गिरावट के बीच आई इस उपलब्धि से शिक्षकों एवं छात्रों में उत्साह है।
विज्ञापन
एमएनएनआईटी
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के 13 शिक्षकों ने विश्व के दो प्रतिशत चुनिंदा वैज्ञानिकों में जगह बनाई है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग में गिरावट के बीच आई इस उपलब्धि से शिक्षकों एवं छात्रों में उत्साह है।
विज्ञापन
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से विगत दिनों शोध के क्षेत्र में खास करने वाले दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची जारी की गई। इसमें इविवि व संघटक कॉलेजों के 19 शिक्षकों ने जगह बनाई है। इस सूची में एमएनएनआईटी के भी 13 शिक्षक शामिल हैं।
विज्ञापन
इनके नाम डॉ. शुभम गुप्ता, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. दीपायन गुहा, डॉ. आशीष एन.सावरकर, डॉ. सुमित तिवारी, प्राेफेसर वाईके प्रजापति, प्रोफेसर प्रमोद कुमार यादव, डॉ. दुष्यंत कुमार सिंह, प्रोफेसर अवनीश कुमार दुबे, डॉ. आनंद शर्मा, डॉ. संदीप कुमार सिंह, प्रोफेसर राजेश गुप्ता और डॉ. गोरखनाथ शामिल हैं।
विज्ञापन
एमएनएनआईटी पुराछात्र संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार दुबे ने इसे संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताई। उन्होंने कहा कि संस्थान के पुराछात्र पिछले तीन-चार वर्षों से रैंकिंग में लगातार गिरावट को लेकर चिंतित हैं। अब इस उपलब्धि से संस्थान में बेहतर वातावरण तैयार कर एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार किया जा सकता है।