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टेक्निशियन ग्रेड दो भर्ती का परिणाम जारी
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टेक्नीशियन ग्रेड दो भर्ती का परिणाम रद्द करने का आदेश खारिज
0 गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ट्रिपल सी सर्टिफिकेट लगाने वालों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बिजली विभाग में टेक्नीशियन ग्रेड दो भर्ती का परिणाम रद्द कर, उसमें से गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं का ट्रिपल सी प्रमाणपत्र लगाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर करने का फैसला खारिज कर दिया है। यह फैसला हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ ने दिया था। दो जजों की पीठ ने एकलपीठ के निर्णय को पलटते हुए कहा कि मौजूदा समय में कंप्यूटर की सामान्य जानकारी रखना साक्षरता जैसा मामला है। ट्रिपल सी का सर्टिफिकेट कंप्यूटर की सामान्य जानकारी ही देता है।
कोर्ट का कहना था कि विद्युत भर्ती बोर्ड ने पहले ही स्वत: सत्यापित प्रमाणपत्र जमा करने की छूट दी थी, जिसे कभी चुनौती नहीं दी गई। दीपक कुमार शर्मा सहित सैकड़ों अपीलों पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। मामले के अनुसार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने दो हजार से अधिक पदों पर टेक्नीशियन ग्रेड दो भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें अन्य अर्हताओं के साथ ही स्वप्रमाणित कंप्यूटर में ट्रिपल सी प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य था। प्रमाणपत्र डीओईएसीसी या सरकार द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था का होना अनिवार्य था। चयन परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने इस आधार पर चुनौती दी कि कई ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई है, जिन्होंने गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्रमाणपत्र लगाए थे। एकलपीठ ने परिणाम निरस्त करते हुए सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्रमाणपत्र देने वाले अभ्यर्थियों को ही चयन में शामिल करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई थी।
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0 गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ट्रिपल सी सर्टिफिकेट लगाने वालों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बिजली विभाग में टेक्नीशियन ग्रेड दो भर्ती का परिणाम रद्द कर, उसमें से गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं का ट्रिपल सी प्रमाणपत्र लगाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर करने का फैसला खारिज कर दिया है। यह फैसला हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ ने दिया था। दो जजों की पीठ ने एकलपीठ के निर्णय को पलटते हुए कहा कि मौजूदा समय में कंप्यूटर की सामान्य जानकारी रखना साक्षरता जैसा मामला है। ट्रिपल सी का सर्टिफिकेट कंप्यूटर की सामान्य जानकारी ही देता है।
कोर्ट का कहना था कि विद्युत भर्ती बोर्ड ने पहले ही स्वत: सत्यापित प्रमाणपत्र जमा करने की छूट दी थी, जिसे कभी चुनौती नहीं दी गई। दीपक कुमार शर्मा सहित सैकड़ों अपीलों पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। मामले के अनुसार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने दो हजार से अधिक पदों पर टेक्नीशियन ग्रेड दो भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें अन्य अर्हताओं के साथ ही स्वप्रमाणित कंप्यूटर में ट्रिपल सी प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य था। प्रमाणपत्र डीओईएसीसी या सरकार द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था का होना अनिवार्य था। चयन परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने इस आधार पर चुनौती दी कि कई ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई है, जिन्होंने गैर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्रमाणपत्र लगाए थे। एकलपीठ ने परिणाम निरस्त करते हुए सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्रमाणपत्र देने वाले अभ्यर्थियों को ही चयन में शामिल करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई थी।
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