{"_id":"5cb0b635bdec2213f755037f","slug":"11555084853-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन बेंच घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन बेंच घोषित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन बेंच घोषित
आपराधिक मुकदमों की नियमित होगी सुनवाई
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जून में एक माह के ग्रीष्म कालीन अवकाश में अतिआवश्यक सिविल और आपराधिक मुकदमों की सुनवाई हेतु न्यायपीठों को घोषणा कर दी है। मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर के आदेश की सूचना उप निबंधक न्यायिक ने जारी की हैं।
इसके अनुसार माह के चार सप्ताह के क्रमश: न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति एनए मुनीस अवकाश कालीन वरिष्ठ न्यायमूर्ति होंगे। इसी प्रकार हर सप्ताह मुकदमों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों की भी घोषणा कर दी गई है। जिन मुकदमों में तिथि नियत है वह संबंधित क्षेत्राधिकार वाली पीठों द्वारा सुने जाएंगे। इसके अलावा समय के अभाव में सुनवाई के लिए मई में पेश न हो पाने वाले सभी बचे हुए मामले अवकाश के समय भी सुने जाएंगे।
सभी आपराधिक मुकदमों की नियमित सुनवाई होती रहेगी। किंतु इस दौरान अतिआवश्यक सिविल मामलों की ही सुनवाई हो सकेगी। इसके लिए अर्जी देकर शीघ्र सुने जाने का कारण बताना होगा। साथ ही याचिका में तत्काल सुनवाई का उल्लेख करना होगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान छह से आठ अदालतें बैठेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आपराधिक मुकदमों की नियमित होगी सुनवाई
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जून में एक माह के ग्रीष्म कालीन अवकाश में अतिआवश्यक सिविल और आपराधिक मुकदमों की सुनवाई हेतु न्यायपीठों को घोषणा कर दी है। मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर के आदेश की सूचना उप निबंधक न्यायिक ने जारी की हैं।
इसके अनुसार माह के चार सप्ताह के क्रमश: न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति एनए मुनीस अवकाश कालीन वरिष्ठ न्यायमूर्ति होंगे। इसी प्रकार हर सप्ताह मुकदमों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों की भी घोषणा कर दी गई है। जिन मुकदमों में तिथि नियत है वह संबंधित क्षेत्राधिकार वाली पीठों द्वारा सुने जाएंगे। इसके अलावा समय के अभाव में सुनवाई के लिए मई में पेश न हो पाने वाले सभी बचे हुए मामले अवकाश के समय भी सुने जाएंगे।
विज्ञापन
सभी आपराधिक मुकदमों की नियमित सुनवाई होती रहेगी। किंतु इस दौरान अतिआवश्यक सिविल मामलों की ही सुनवाई हो सकेगी। इसके लिए अर्जी देकर शीघ्र सुने जाने का कारण बताना होगा। साथ ही याचिका में तत्काल सुनवाई का उल्लेख करना होगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान छह से आठ अदालतें बैठेंगी।
विज्ञापन