{"_id":"5bd9d7c1bdec22697300b8e0","slug":"11541003201-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेजाब पीड़िता शमीना ने ली हाईकोर्ट की शरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेजाब पीड़िता शमीना ने ली हाईकोर्ट की शरण
Updated Wed, 31 Oct 2018 09:56 PM IST
विज्ञापन
तेजाब पीड़िता समीना ने
ली हाईकोर्ट की शरण
0 अपहरण और रंगदारी वसूलने के मुकदमे को दी चुनौती
0 पुलिस पर उत्पीड़न करने का लगाया आरोप
प्रयागराज। हलाला व बहुविवाह के विरोध में मुस्लिम महिलाओं के हक में आवाज बुलंद करने वाली बुलंदशहर की समाजसेविका डा. समीना बेगम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज अपहरण और रंगदारी मांगने के मुकदमे को कोर्ट में चुनौती दी है। गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए समीना ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
याचिका में कहा गया है कि एसएसपी बुलंदशहर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं और उनको फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है, जबकि वह खुद एसिड अटैक पीड़िता हैं। उनका इलाज बुलंदशहर जिला अस्पताल में चल रहा है। बुधवार को यहां अमर उजाला कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुईं डा. समीना का कहना है कि उनके ऊपर तेजाब से हमला किया गया था, जिसकी प्राथमिकी उन्होंने 14 अक्तूबर 2018 को दर्ज कराई थी। इसकेबाद पुलिस ने मिलीभगत कर उनके खिलाफ 18 अक्तूबर को अपहरण और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज करा दी। इस प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मामले की जांच करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
ली हाईकोर्ट की शरण
0 अपहरण और रंगदारी वसूलने के मुकदमे को दी चुनौती
0 पुलिस पर उत्पीड़न करने का लगाया आरोप
प्रयागराज। हलाला व बहुविवाह के विरोध में मुस्लिम महिलाओं के हक में आवाज बुलंद करने वाली बुलंदशहर की समाजसेविका डा. समीना बेगम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज अपहरण और रंगदारी मांगने के मुकदमे को कोर्ट में चुनौती दी है। गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए समीना ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
याचिका में कहा गया है कि एसएसपी बुलंदशहर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं और उनको फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है, जबकि वह खुद एसिड अटैक पीड़िता हैं। उनका इलाज बुलंदशहर जिला अस्पताल में चल रहा है। बुधवार को यहां अमर उजाला कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुईं डा. समीना का कहना है कि उनके ऊपर तेजाब से हमला किया गया था, जिसकी प्राथमिकी उन्होंने 14 अक्तूबर 2018 को दर्ज कराई थी। इसकेबाद पुलिस ने मिलीभगत कर उनके खिलाफ 18 अक्तूबर को अपहरण और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज करा दी। इस प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मामले की जांच करने की मांग की गई है।
विज्ञापन