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तकनीकी बिंदुओं में फंसा पीसीएस-जे का विज्ञापन
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:24 AM IST
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पीसीएस-जे के विज्ञापन में तकनीकी पेच
0 यूपीपीएससी ने कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शासन को भेजा पत्र
0 स्पष्टीकरण जारी होते ही आएगा विज्ञापन और शुरू होगी आवेदन की प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पीसीएस-जे परीक्षा-2018 के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को दो माह पहले ही पदों का अधियाचन मिल चुका है। इस दौरान दो बार पदों की संख्या बढ़ चुकी है लेकिन आयोग ने अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया। दरअसल, विज्ञापन जारी करने से पहले आयोग कुछ तकनीकी मामलों को सुलझाना चाहता हैं और इसके लिए आयोग ने शासन को पत्र भेजा है। शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद आयोग पीसीएस-जे के लिए विज्ञापन जारी करेगा और आवेदन की प्रक्रिया शुरू करेगा।
आयोग ने जो पहला अर्धवार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया था, उसमें पीसीएस-जे परीक्षा-2018 की तिथि 13 मई निर्धारित की गई थी, लेकिन परीक्षा की प्रस्तावित तिथि तक आयोग को पदों का अधियाचन नहीं मिला और परीक्षा की प्रस्तावित तिथि स्थगित कर दी गई। आयोग ने दूसरा अर्धवार्षिक कैलेंडर जारी किया लेकिन उसमें पीसीएस-जे परीक्षा को शामिल नहीं किया। हालांकि इसके कुछ दिनों बाद आयोग को पीसीएस-जे के 331 पदों का अधियाचन मिल गया, लेकिन आयोग ने विज्ञापन जारी नहीं किया। इस बीच दो बार पदों की संख्या बढ़ी। पहले पदों की संख्या बढ़कर 386 हुई और अब संख्या बढ़कर 600 से अधिक हो गई है।
इस बार पीसीएस-जे की परीक्षा पदों की संख्या काफी अधिक होगी, इसलिए आवेदनों की संख्या बढ़ने के भी पूरे आसार हैं। आवेदकों की संख्या बढ़ी तो आयोग को पिछली परीक्षाओं के मुकाबले इस बार अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करनी होगी। लंबे अर्से बाद आयोग इतने अधिक पदों भर्ती के लिए पीसीएस-जे की परीक्षा कराने जा रहा है लेकिन विज्ञापन जारी करने से पहले कुछ तकनीकी पेच फंस गया है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि विज्ञापन की तैयारी पूरी है। कुछ तकनीकी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। शासन की ओर से स्पष्टीकरण जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
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पीसीएस-जे के विज्ञापन में तकनीकी पेच
0 यूपीपीएससी ने कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शासन को भेजा पत्र
0 स्पष्टीकरण जारी होते ही आएगा विज्ञापन और शुरू होगी आवेदन की प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पीसीएस-जे परीक्षा-2018 के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को दो माह पहले ही पदों का अधियाचन मिल चुका है। इस दौरान दो बार पदों की संख्या बढ़ चुकी है लेकिन आयोग ने अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया। दरअसल, विज्ञापन जारी करने से पहले आयोग कुछ तकनीकी मामलों को सुलझाना चाहता हैं और इसके लिए आयोग ने शासन को पत्र भेजा है। शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद आयोग पीसीएस-जे के लिए विज्ञापन जारी करेगा और आवेदन की प्रक्रिया शुरू करेगा।
आयोग ने जो पहला अर्धवार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया था, उसमें पीसीएस-जे परीक्षा-2018 की तिथि 13 मई निर्धारित की गई थी, लेकिन परीक्षा की प्रस्तावित तिथि तक आयोग को पदों का अधियाचन नहीं मिला और परीक्षा की प्रस्तावित तिथि स्थगित कर दी गई। आयोग ने दूसरा अर्धवार्षिक कैलेंडर जारी किया लेकिन उसमें पीसीएस-जे परीक्षा को शामिल नहीं किया। हालांकि इसके कुछ दिनों बाद आयोग को पीसीएस-जे के 331 पदों का अधियाचन मिल गया, लेकिन आयोग ने विज्ञापन जारी नहीं किया। इस बीच दो बार पदों की संख्या बढ़ी। पहले पदों की संख्या बढ़कर 386 हुई और अब संख्या बढ़कर 600 से अधिक हो गई है।
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इस बार पीसीएस-जे की परीक्षा पदों की संख्या काफी अधिक होगी, इसलिए आवेदनों की संख्या बढ़ने के भी पूरे आसार हैं। आवेदकों की संख्या बढ़ी तो आयोग को पिछली परीक्षाओं के मुकाबले इस बार अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करनी होगी। लंबे अर्से बाद आयोग इतने अधिक पदों भर्ती के लिए पीसीएस-जे की परीक्षा कराने जा रहा है लेकिन विज्ञापन जारी करने से पहले कुछ तकनीकी पेच फंस गया है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि विज्ञापन की तैयारी पूरी है। कुछ तकनीकी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। शासन की ओर से स्पष्टीकरण जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
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