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एसपी प्रतापगढ़ के लिए वारंट
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:34 AM IST
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एसपी प्रतापगढ़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
0 गवाही देने नहीं आने पर कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अदालत आदेशों की अनदेखी करने पर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी इलाहाबाद ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उनसे आदेश का अनुपालन नहीं करने का स्पष्टीकरण भी मांगा है। साथ इसकी शिकायत आईजी और डीआईजी से की है। एसपी प्रतापगढ़ देव रंजन कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद एससीएसटी एक्ट के एक मुकदमे में गवाही देने नहीं आ रहे हैं। मामला दलित हत्या का है। जिसमें हाईकोर्ट ने दिन प्रतिदिन सुनवाई का निर्देश दिया है। केस की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रश्मि नंदा कर रही हैं।
एडीजीसी श्रीप्रकाश शुक्ला के मुताबिक प्रकरण नवाबगंज थाने के जगदीशपुर दुबरा गांव का है। वादी मिथुन कुमार, जो अनुुसूचित जाति के सदस्य हैं, के पिता राम सजीवन की 30 अप्रैल 2013 को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें राजमंगल दुबे सहित पांच लोग अभियुक्त बनाए गए हैं। मामला गवाही में चल रहा है। हाईकोर्ट ने प्रकरण में प्रतिदिन सुनवाई का निर्देश दिया है। घटना के समय देव रंजन क्षेत्राधिकारी थे और मामले की जांच उन्होंने की थी इसलिए, उनकी गवाही मुकदमे में अहम है। वह वर्तमान में एसपी प्रतापगढ़ के पद पर हैं। इसके पूर्व एएसपी शामली थे। कोर्ट ने 21 अप्रैल 2018 को देव रंजन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर उनका वेतन रोकने का आदेश एसपी शामली को दिया था। कई तारीखें बीत जाने के बाद गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रहे है।
सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने एसपी देव रंजन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर कहा है कि अगली नियत तिथि तक गवाही में उपस्थित नहीं होते है तो साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी विवेचक की होगी। इस आशय की सूचना कोर्ट ने आईजी और डीआईजी इलाहाबाद क्षेत्र को पत्र लिख कर दी है।
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एसपी प्रतापगढ़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
0 गवाही देने नहीं आने पर कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अदालत आदेशों की अनदेखी करने पर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी इलाहाबाद ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उनसे आदेश का अनुपालन नहीं करने का स्पष्टीकरण भी मांगा है। साथ इसकी शिकायत आईजी और डीआईजी से की है। एसपी प्रतापगढ़ देव रंजन कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद एससीएसटी एक्ट के एक मुकदमे में गवाही देने नहीं आ रहे हैं। मामला दलित हत्या का है। जिसमें हाईकोर्ट ने दिन प्रतिदिन सुनवाई का निर्देश दिया है। केस की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट रश्मि नंदा कर रही हैं।
एडीजीसी श्रीप्रकाश शुक्ला के मुताबिक प्रकरण नवाबगंज थाने के जगदीशपुर दुबरा गांव का है। वादी मिथुन कुमार, जो अनुुसूचित जाति के सदस्य हैं, के पिता राम सजीवन की 30 अप्रैल 2013 को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें राजमंगल दुबे सहित पांच लोग अभियुक्त बनाए गए हैं। मामला गवाही में चल रहा है। हाईकोर्ट ने प्रकरण में प्रतिदिन सुनवाई का निर्देश दिया है। घटना के समय देव रंजन क्षेत्राधिकारी थे और मामले की जांच उन्होंने की थी इसलिए, उनकी गवाही मुकदमे में अहम है। वह वर्तमान में एसपी प्रतापगढ़ के पद पर हैं। इसके पूर्व एएसपी शामली थे। कोर्ट ने 21 अप्रैल 2018 को देव रंजन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर उनका वेतन रोकने का आदेश एसपी शामली को दिया था। कई तारीखें बीत जाने के बाद गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो रहे है।
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सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने एसपी देव रंजन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर कहा है कि अगली नियत तिथि तक गवाही में उपस्थित नहीं होते है तो साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी विवेचक की होगी। इस आशय की सूचना कोर्ट ने आईजी और डीआईजी इलाहाबाद क्षेत्र को पत्र लिख कर दी है।
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