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परिसर में सन्नाटा, पर बाहर चुनाव का शोक
Updated Sun, 06 Aug 2017 08:43 PM IST
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परिसर में सन्नाटा, पर चौराहों पर चुनाव का शोर
शहर में कई जगह लगे छात्र नेताओं के बैनर एवं होर्डिंग
जिला प्रशासन के सहयोग से होगी चुनाव खर्च की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारी कर चुका है और मोटे तौर पर इसका कार्यक्रम भी बना लिया गया है। हालांकि छात्र पहले से ही चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। इविवि परिसर न सही लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों पर छात्र नेताओं के बैनर होर्डिंग लग चुके हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद छात्र नेताओं को इन बैनर-होर्डिंग पर हुए खर्च का ब्यौरा भी देना होगा और इस बात का शपथपत्र भी देना होगा कि खर्च निर्धारित सीमा में ही किया गया।
इविवि प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव सितंबर के आखिरी या अक्तूबर के पहले हफ्ते में होगा। लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सख्ती किए जाने की चेतावनी मिलने पर इविवि परिसर में न सही, लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर छात्र नेताओं ने पोस्टर-बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। छात्र नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर आंदोलन करना भी शुरू कर दिया है। किसी ने वीसी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो कोई हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। किसी छात्र नेता ने इविवि में भ्रष्टाचार को भी मुद्दा बनाया है तो कोई इविवि में दीक्षांत समारोह की परंपरा दोबारा शुरू करने की मांग कर रहा है। तय है कि चुनाव करीब आने पर इन मुद्दों पर जारी आंदोलन और तेज होगा।
फिलहाल इविवि प्रशासन जल्द ही पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों के साथ बैठक कर चुनाव की तिथि घोषित करेगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही खर्च की निगरानी शुरू हो जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि परिसर में तो साल भर पोस्टर-बैनर प्रतिबंधित रहता है। अगर कोई छात्र नेता परिसर के बाहर पोस्टर-बैनर लगाता है या जुलूस निकालता है तो जिला प्रशासन के सहयोग से इसकी निगरानी भी की जाएगी। चुनाव लड़ने वाले छात्रों को खर्च के बारे में शपथ पत्र भी देना होगा। अगर शपथपत्र में सूचना गलत दी जाती है तो संबंधित छात्र के खिलाफ नियमत: कार्रवाई होगी।
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शहर में कई जगह लगे छात्र नेताओं के बैनर एवं होर्डिंग
जिला प्रशासन के सहयोग से होगी चुनाव खर्च की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारी कर चुका है और मोटे तौर पर इसका कार्यक्रम भी बना लिया गया है। हालांकि छात्र पहले से ही चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। इविवि परिसर न सही लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों पर छात्र नेताओं के बैनर होर्डिंग लग चुके हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद छात्र नेताओं को इन बैनर-होर्डिंग पर हुए खर्च का ब्यौरा भी देना होगा और इस बात का शपथपत्र भी देना होगा कि खर्च निर्धारित सीमा में ही किया गया।
इविवि प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव सितंबर के आखिरी या अक्तूबर के पहले हफ्ते में होगा। लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सख्ती किए जाने की चेतावनी मिलने पर इविवि परिसर में न सही, लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर छात्र नेताओं ने पोस्टर-बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। छात्र नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर आंदोलन करना भी शुरू कर दिया है। किसी ने वीसी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो कोई हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। किसी छात्र नेता ने इविवि में भ्रष्टाचार को भी मुद्दा बनाया है तो कोई इविवि में दीक्षांत समारोह की परंपरा दोबारा शुरू करने की मांग कर रहा है। तय है कि चुनाव करीब आने पर इन मुद्दों पर जारी आंदोलन और तेज होगा।
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फिलहाल इविवि प्रशासन जल्द ही पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों के साथ बैठक कर चुनाव की तिथि घोषित करेगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही खर्च की निगरानी शुरू हो जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि परिसर में तो साल भर पोस्टर-बैनर प्रतिबंधित रहता है। अगर कोई छात्र नेता परिसर के बाहर पोस्टर-बैनर लगाता है या जुलूस निकालता है तो जिला प्रशासन के सहयोग से इसकी निगरानी भी की जाएगी। चुनाव लड़ने वाले छात्रों को खर्च के बारे में शपथ पत्र भी देना होगा। अगर शपथपत्र में सूचना गलत दी जाती है तो संबंधित छात्र के खिलाफ नियमत: कार्रवाई होगी।
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