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वकीलों से बिल वसूली के खिलाफ याचिका
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गाजियाबाद के ध्यानार्थ
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वकीलों से व्यवसायिक दर पर बिजली बिल वसूलने के खिलाफ याचिका
0 हाईकोर्ट ने अधिशासी अभियंता पश्चिमांचल को निर्णय लेने के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गाजियाबाद के सदर तहसील गांधी नगर में वकीलों के चैंबरों में लगे बिजली के कनेक्शन का बिल व्यवसायिक दर पर वसूलने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने अधिशासी अभियंता मेरठ को निर्देश दिया है कि दो माह के भीतर याचीगण की शिकायत पर नियमानुसार निर्णय लें।
सदर बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने सुनवाई की। याचीगण का कहना है कि वकीलों ने अपने चैंबर में बिजली का जो मीटर लगवाया है उसका टैरिफ घरेलू दर पर है जबकि, उनको जो बिल भेजा जा रहा है वह व्यवसायिक दर का है। आरटीआई में मांगी गई जानकारी में बताया गया कि वकील, डॉक्टर, सलाहकार और कलाकार आदि से चैंबरों के कनेक्शन का बिल व्यवसायिक दर पर नहीं वसूला जाएगा।
कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि याचीगण अपना प्रत्यावेदन पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता के समक्ष दें और अधिशासी अभियंता दो माह के भीतर आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण करते हुए बिल संशोधित करें।
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वकीलों से व्यवसायिक दर पर बिजली बिल वसूलने के खिलाफ याचिका
0 हाईकोर्ट ने अधिशासी अभियंता पश्चिमांचल को निर्णय लेने के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गाजियाबाद के सदर तहसील गांधी नगर में वकीलों के चैंबरों में लगे बिजली के कनेक्शन का बिल व्यवसायिक दर पर वसूलने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने अधिशासी अभियंता मेरठ को निर्देश दिया है कि दो माह के भीतर याचीगण की शिकायत पर नियमानुसार निर्णय लें।
सदर बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने सुनवाई की। याचीगण का कहना है कि वकीलों ने अपने चैंबर में बिजली का जो मीटर लगवाया है उसका टैरिफ घरेलू दर पर है जबकि, उनको जो बिल भेजा जा रहा है वह व्यवसायिक दर का है। आरटीआई में मांगी गई जानकारी में बताया गया कि वकील, डॉक्टर, सलाहकार और कलाकार आदि से चैंबरों के कनेक्शन का बिल व्यवसायिक दर पर नहीं वसूला जाएगा।
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कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि याचीगण अपना प्रत्यावेदन पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता के समक्ष दें और अधिशासी अभियंता दो माह के भीतर आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण करते हुए बिल संशोधित करें।
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