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शटल चालकों को नहीं मालूम रूट, शहरियों से रास्ता पूछ चला रहे बस
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प्रयागराज। कुंभ के मद्देनजर शहर में रोडवेज की शटल सेवा का संचालन भले ही शुरू हो गया जो, लेकिन मुख्य स्नान पर्व के एक दिन पहले शहर के विभिन्न रूटों पर चलाई गई शटल बसों के चालकों को रास्ता मालूम न होने से असुविधा हुई। तमाम चालक शहरियों से पूछकर ही अपने गंतव्य को रवाना हुए। शहर के तमाम रूटों पर दिन भर यही स्थिति रही। उधर, शहर के अस्थायी बस स्टेशनों पर भी चालकों परिचालकों के लिए तमाम असुविधाएं भी रहीं। इससे उन्हें खासी दिक्कत हुई।
दरअसल, कुंभ के लिए सोमवार से जिलेे भर में बनाई गई आउटर पार्किंग से मेला क्षेत्र के पास इनर पार्किंग तक श्रद्धालुओं को लाने के लिए 500 शटल बसों का संचालन किया गया। 16 जनवरी तक इन बसों का संचालन होना है। इसके पूर्व शहर में 217 शटल बसें एक जनवरी से चल रही हैं। 14 जनवरी के लिए बाहरी जिलों से काफी संख्या में चालक एवं परिचालक बुलाए गए।
इनमें से अधिकांश चालकों को शहर में शटल बसों के रूट में बारे में जानकारी नहीं थी। शहर में आते ही उन्हें बसें सौंप दी गई। नेहरू पार्क से पांच रूटों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है।
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यहां से संत निरंकारी झूंसी जाने वाली एक बस के ड्राइवर एवं चालक को रास्ता ही नहीं पता था। नवाब युसूफ रोड पर आने के बाद वे पहले हाईकोर्ट की ओर मुड़ गए। बाद में वे पत्थर गिरजा पहुंचे। वहां लोगों से आगे का रास्ता पूछकर वे बस को एमजी मार्ग में ले आए। उधर, नेहरू पार्क में भी रोडवेज के तैनात कर्मचारियों से बाहर से आने वाले कर्मचारी रास्ते के बारे में जानकारी लेते रहे। इस अस्थायी स्टेशन पर चालकों के लिए तमाम जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए। शौचालय न होने की वजह से तमाम कर्मचारी खुले में ही शौच करते दिखाई दिए।
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दरअसल, कुंभ के लिए सोमवार से जिलेे भर में बनाई गई आउटर पार्किंग से मेला क्षेत्र के पास इनर पार्किंग तक श्रद्धालुओं को लाने के लिए 500 शटल बसों का संचालन किया गया। 16 जनवरी तक इन बसों का संचालन होना है। इसके पूर्व शहर में 217 शटल बसें एक जनवरी से चल रही हैं। 14 जनवरी के लिए बाहरी जिलों से काफी संख्या में चालक एवं परिचालक बुलाए गए।
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इनमें से अधिकांश चालकों को शहर में शटल बसों के रूट में बारे में जानकारी नहीं थी। शहर में आते ही उन्हें बसें सौंप दी गई। नेहरू पार्क से पांच रूटों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है।
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यहां से संत निरंकारी झूंसी जाने वाली एक बस के ड्राइवर एवं चालक को रास्ता ही नहीं पता था। नवाब युसूफ रोड पर आने के बाद वे पहले हाईकोर्ट की ओर मुड़ गए। बाद में वे पत्थर गिरजा पहुंचे। वहां लोगों से आगे का रास्ता पूछकर वे बस को एमजी मार्ग में ले आए। उधर, नेहरू पार्क में भी रोडवेज के तैनात कर्मचारियों से बाहर से आने वाले कर्मचारी रास्ते के बारे में जानकारी लेते रहे। इस अस्थायी स्टेशन पर चालकों के लिए तमाम जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए। शौचालय न होने की वजह से तमाम कर्मचारी खुले में ही शौच करते दिखाई दिए।