{"_id":"5bd88674bdec2269af64928f","slug":"111540916852-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूनियर हाईस्कूल में पद भरने पर निर्ण्सय लेने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनियर हाईस्कूल में पद भरने पर निर्ण्सय लेने का आदेश
Updated Tue, 30 Oct 2018 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जूनियर हाईस्कूल में पद भरने पर निर्णय लेने का आदेश
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने नेहरू जूनियर हाईस्कूल कसौली मुजफ्फरनगर में लिपिक के रिक्त पद को भरने की अनुमति देने से इंकार करने संबंधी बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया है। बीएसए से कहा है कि वह रतन लाल यादव केस में दिए निर्णय के आधार पर छह सप्ताह में नया आदेश जारी करें। रतन लाल केस में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि भर्ती पर रोक के आधार पर खाली पद को भरने की कार्यवाही करने से रोका नहीं जा सकता है।
प्रबंध समिति नेहरू जूनियर हाईस्कूल की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया है। याची ने स्कूल में लिपिक के रिक्त पद पर को भरने की अनुमति मांगी थी। बीएसए ने यह कहते हुए अनुमति देने से मनाकर कर दिया कि नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगा है। याचिका में कहा गया कि प्रतिबंध के कारण रिक्त पद को भरने से मना नहीं किया जा सकता है। यह सेवा नियमावली और कोर्ट के फैसले के विपरीत है। हाईकोर्ट ने बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया है।
विज्ञापन
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने नेहरू जूनियर हाईस्कूल कसौली मुजफ्फरनगर में लिपिक के रिक्त पद को भरने की अनुमति देने से इंकार करने संबंधी बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया है। बीएसए से कहा है कि वह रतन लाल यादव केस में दिए निर्णय के आधार पर छह सप्ताह में नया आदेश जारी करें। रतन लाल केस में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि भर्ती पर रोक के आधार पर खाली पद को भरने की कार्यवाही करने से रोका नहीं जा सकता है।
प्रबंध समिति नेहरू जूनियर हाईस्कूल की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया है। याची ने स्कूल में लिपिक के रिक्त पद पर को भरने की अनुमति मांगी थी। बीएसए ने यह कहते हुए अनुमति देने से मनाकर कर दिया कि नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगा है। याचिका में कहा गया कि प्रतिबंध के कारण रिक्त पद को भरने से मना नहीं किया जा सकता है। यह सेवा नियमावली और कोर्ट के फैसले के विपरीत है। हाईकोर्ट ने बीएसए के आदेश को रद्द कर दिया है।
विज्ञापन