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दस माह बाद अंकपत्र जारी होने पर उठे सवाल
Updated Sat, 19 Aug 2017 08:51 PM IST
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दस माह बाद मार्कशीट जारी होने पर उठे सवाल
0 आरओ-एसआरओ परीक्षा में मिले नंबरों से अभ्यर्थी असंतुष्ट
0 आरटीआई के तहत करेंगे ओएमआर शीट, कॉपी देखने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
आरओ- एआरओ परीक्षा-2014 की मार्कशीट परीक्षा परिणाम घोषित होने के दस माह बाद जारी होने से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रतियोगी अब आरोप लगा रहे हैं कि इस परीक्षा को लेकर भी कई विवाद थे। सरकार ने जब सीबीआई जांच की घोषणा की तो आयोग के अफसरों एवं पदाधिकारियों ने आनन-फानन में अंकपत्र जारी कर दिए।
हालांकि शनिवार को आयोग की वेबसाइट पर अंकपत्र जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने-अपने अंकपत्र डाउनलोड किए और अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों ने कटऑफ अंक भी देखे लेकिन छात्रों मेें इस बात लेकर असंतोष दिखा कि मार्कशीट देखने के लिए उन्हें दस माह तक इंतजार क्यों करना पड़ा। आयोग के खिलाफ आंदोलन में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की अगुवाई करने वाले समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि परीक्षा में हिंदी के दो प्रश्नपत्र हुए थे। पहले प्रश्नपत्र में 100 अंक की सब्जेक्टिव और दूसरे प्रश्नपत्र में 60 अंक की ऑब्जेक्टिव परीक्षा हुई थी। ऑब्जेक्टिव पेपर में कम से कम दो प्रश्न विवादित थे। इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों को 60 में से 60 अंक प्राप्त हुए। छात्रों आरटीआई के तहत कॉपी देखना चाहते हैं लेकिन आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। असफल हुए छात्र सोमवार को ओएमआर शीट एवं लिखित परीक्षा की कॉपी देखने के आरटीआई के तहत आवेदन देंगे।
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0 आरओ-एसआरओ परीक्षा में मिले नंबरों से अभ्यर्थी असंतुष्ट
0 आरटीआई के तहत करेंगे ओएमआर शीट, कॉपी देखने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
आरओ- एआरओ परीक्षा-2014 की मार्कशीट परीक्षा परिणाम घोषित होने के दस माह बाद जारी होने से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रतियोगी अब आरोप लगा रहे हैं कि इस परीक्षा को लेकर भी कई विवाद थे। सरकार ने जब सीबीआई जांच की घोषणा की तो आयोग के अफसरों एवं पदाधिकारियों ने आनन-फानन में अंकपत्र जारी कर दिए।
हालांकि शनिवार को आयोग की वेबसाइट पर अंकपत्र जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने-अपने अंकपत्र डाउनलोड किए और अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों ने कटऑफ अंक भी देखे लेकिन छात्रों मेें इस बात लेकर असंतोष दिखा कि मार्कशीट देखने के लिए उन्हें दस माह तक इंतजार क्यों करना पड़ा। आयोग के खिलाफ आंदोलन में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की अगुवाई करने वाले समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि परीक्षा में हिंदी के दो प्रश्नपत्र हुए थे। पहले प्रश्नपत्र में 100 अंक की सब्जेक्टिव और दूसरे प्रश्नपत्र में 60 अंक की ऑब्जेक्टिव परीक्षा हुई थी। ऑब्जेक्टिव पेपर में कम से कम दो प्रश्न विवादित थे। इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों को 60 में से 60 अंक प्राप्त हुए। छात्रों आरटीआई के तहत कॉपी देखना चाहते हैं लेकिन आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। असफल हुए छात्र सोमवार को ओएमआर शीट एवं लिखित परीक्षा की कॉपी देखने के आरटीआई के तहत आवेदन देंगे।
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