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दो प्रोफेसरों को कार्यमुक्त करने का नोटिस
Updated Thu, 10 Aug 2017 09:23 PM IST
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इविवि के दो प्रोफेसरों की सेवा समाप्त
0 19 साल पहले पत्राचार संस्थान से इविवि में किया गया था समायोजित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पत्राचार संस्थान से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 19 साल पहले समायोजित की गईं दो महिला प्रोफेसरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश में एक असिस्टेंट प्रोफसर की पहले ही सेवा समाप्त की जा चुकी है।
मई 1998 में तत्कालीन कुलपति प्रो. सीएल खेत्रपाल के कार्यकाल में पत्राचार संस्थान से पांच शिक्षकों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समायोजित कर दिया गया था। इनमें से एक शिक्षक की नियुक्ति के खिलाफ चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इविवि प्रशासन ने संबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवा समाप्त कर दी। अब बाकी चार में दो प्रोफेसरों की भी इविवि प्रशासन ने सेवा समाप्त कर दी है और इस बाबत 31 जुलाई को आदेश जारी कर दिया गया है। दोनों महिला प्रोफेसर हैं और उन्हें प्रोफेसर पद का वेतन भी मिल रहा था। इनमें से एक प्रोफेसर हिंदी और दूसरी प्रोफेसर प्राचीन इतिहास विभाग में हैं। इन तीनों शिक्षकों के अलावा बाकी के दो शिक्षकों में एक रिटायर हो चुके हैं और दूसरे की मृत्यु हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक इविवि प्रशासन अब इस विचार कर रहा है कि अभी तक प्रोफेसर पद का जो वेतन दिया गया, उसकी रिकवरी कैसे की जाए।
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0 19 साल पहले पत्राचार संस्थान से इविवि में किया गया था समायोजित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पत्राचार संस्थान से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 19 साल पहले समायोजित की गईं दो महिला प्रोफेसरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश में एक असिस्टेंट प्रोफसर की पहले ही सेवा समाप्त की जा चुकी है।
मई 1998 में तत्कालीन कुलपति प्रो. सीएल खेत्रपाल के कार्यकाल में पत्राचार संस्थान से पांच शिक्षकों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में समायोजित कर दिया गया था। इनमें से एक शिक्षक की नियुक्ति के खिलाफ चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इविवि प्रशासन ने संबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवा समाप्त कर दी। अब बाकी चार में दो प्रोफेसरों की भी इविवि प्रशासन ने सेवा समाप्त कर दी है और इस बाबत 31 जुलाई को आदेश जारी कर दिया गया है। दोनों महिला प्रोफेसर हैं और उन्हें प्रोफेसर पद का वेतन भी मिल रहा था। इनमें से एक प्रोफेसर हिंदी और दूसरी प्रोफेसर प्राचीन इतिहास विभाग में हैं। इन तीनों शिक्षकों के अलावा बाकी के दो शिक्षकों में एक रिटायर हो चुके हैं और दूसरे की मृत्यु हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक इविवि प्रशासन अब इस विचार कर रहा है कि अभी तक प्रोफेसर पद का जो वेतन दिया गया, उसकी रिकवरी कैसे की जाए।
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