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हाईकोर्ट : दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पर 10 हजार का जुर्माना
Fri, 04 Aug 2023 05:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Aug 2023 05:15 PM IST
सार
कोर्ट ने शिकायतकर्ता पीड़िता के खिलाफ दस हजार रुपये हर्जाना लगाया और 10 दिन में जमा न करने पर राजस्व वसूली प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याची युवक के खिलाफ 11 जून 2023 को दर्ज झूठी एफआईआर को रद्द कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक युवती ने एक युवक के खिलाफ प्रयागराज कोतवाली में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में सुलह कर शादी कर ली और दुष्कर्म की बात को झूठा बताया। इस पर आरोपी युवक ने एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि दुष्कर्म की झूठी एफआईआर दर्ज कर निजी झगड़े निपटाने के लिए न्याय तंत्र को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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कोर्ट ने शिकायतकर्ता पीड़िता के खिलाफ दस हजार रुपये हर्जाना लगाया और 10 दिन में जमा न करने पर राजस्व वसूली प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याची युवक के खिलाफ 11 जून 2023 को दर्ज झूठी एफआईआर को रद्द कर दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि आपसी विवाद तय करने का दबाव बनाने के लिए झूठे दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध के केस दर्ज कराने वाले पर कड़ाई बरतने की जरूरत है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति वीके सिंह की खंडपीठ ने शिवम कुमार पाल उर्फ सोनू पाल व तीन अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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युवती ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को पत्र लिखकर कहा कि विवाद के कारण क्रोध में उसने याची के खिलाफ दुष्कर्म की फर्जी एफआईआर कराई थी। इसके आधार पर यह याचिका दायर कर आरोपी ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।