Magh Mela : संगम की रेती पर सवा लाख रुद्राक्ष महायज्ञ का श्रीगणेश, माघी पूर्णिमा तक होगा रुद्राक्ष महायज्ञ
महावीर मार्ग पर खाक चौक के बंशीवट वृंदावन शिविर में रुद्राक्ष शिविलिंग की स्थापना की गई है। नेपाल से लाए गए रुद्राक्ष के मनकों की रेती पर बनी मालाओं से भगवान शिव के विग्रह का शृंगार किया गया है।
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संगम की रेती पर खाक चौक में शुक्रवार को सवा लाख रुद्राक्ष महायज्ञ आरंभ हो गया। सविधि मंत्रोच्चार के साथ रुद्राक्ष की मालाओं और पंचमुखी रुद्राक्ष के मनकों से माघी पूर्णिमा तक भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। राष्ट्र की उन्नति और विश्व शांति की कामना से शुरू हुए इस महायज्ञ में संतों-भक्तों की भीड़ देखते बन रही है।
महावीर मार्ग पर खाक चौक के बंशीवट वृंदावन शिविर में रुद्राक्ष शिविलिंग की स्थापना की गई है। नेपाल से लाए गए रुद्राक्ष के मनकों की रेती पर बनी मालाओं से भगवान शिव के विग्रह का शृंगार किया गया है। सुबह शाम रुद्राक्ष से भगवान शिव का अभिषेक कर संत-भक्त धन्य हो रहे हैं। शिविर के व्यवस्थापक स्वामी बृजमोहन दास बंशी बाबा ने बताया कि माघी पूर्णिमा तक वृंदावन के भगवताचार्य श्यामबिहारी चतुर्वेदी की श्रीमद् भागवतकथा भी होगी।
सवा लाख रुद्राक्ष महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जिस पंचमुखी रुद्राक्ष से भगवान शिव का अभिषेक हो रहा है, उसकी खेप नेपाल से मंगाई गई है। संतों-भक्तों के हाथों शिविर परिसर में बनाई गई पंचमुखी रुद्राक्ष की माला से भगवान महादेव का अभिषेक किया जा रहा है। इस शिविर में प्रयाग महत्म्य सहित अन्य धार्मिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
सिद्ध पीठ बंशीवट के महामंडलेश्वर स्वामी जयरामदास महाराज ने बताया कि सवा लाख रूद्राक्ष माघ मेला स्थित शिविर में तीन दिन पहले ही पहुंच गया था। रुद्राक्ष से भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी कष्ट खत्म हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। माघ मास में तीर्थराज प्रयागराज में भगवत भजन, गंगा स्नान, कीर्तन, सत्संग और दान करने से साक्षात मोक्ष की प्राप्ति होती है।