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जिपं अध्यक्ष, विपक्षियों के बीच शक्ति प्रदर्शन 6 अक्तूबर को
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Wed, 20 Sep 2017 02:33 AM IST
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राजनीति
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81 दिनों की लंबी जद्दोजहद के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तारीख तय हो गई है। इसके लिए जिला पंचायत बोर्ड की बैठक छह अक्तूबर को होगी। अब जिपं अध्यक्ष एवं उनके विपक्षियों के बीच शक्ति प्रदर्शन होगा। विरोधी गुट द्वारा इस मामले में पुन: हाईकोर्ट में डाली गई रिट पर मंगलवार को सुनवाई के बाद डीएम ने तारीख मुकर्रर कर दी है।
पहली जुलाई से नीटू का विरोधी खेमा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान जिपं सदस्य चौ. सुधीर सिंह और अजित गौड़ का गुट उपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर डटा हुआ है। 81 दिन बीत गए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 19 सितंबर तक हर हाल में स्वीकार करते हुए बोर्ड बैठक की तारीख नियत करने का आदेश दिया था। साथ ही प्रशासन को पूर्व दोनों निर्णयों से संबंधित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करने को कहा था।
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डीएम के नुमाइंदे के रूप में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने शपथ पत्र दाखिल किया। इस मामले में डीएम ने कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए मंगलवार देर सायं अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए छह अक्तूबर की तिथि निर्धारित करते हुए जिला पंचायत बोर्ड बैठक बुलाने का आदेश दिया है।
जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ ने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हमें बुधवार तक इंतजार करने को कहा। देर सायं डीएम ने बोर्ड बैठक के लिए छह अक्तूबर की तारीख मुकर्रर कर दी है। गौड़ ने बताया कि हमने प्रशासन की उस कार्यप्रणाली को भी हाईकोर्ट के समक्ष रखा है, जिसमें विरोध करने वाले जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। इसको अविश्वास प्रस्ताव में शामिल करते हुए एक शपथ पत्र लगवाया गया है, इस पर भी गुरुवार को सुनवाई होगी।
दोनों पक्षों से लुभाने-धमकाने की चर्चा
जिला प्रशासन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव की तारीख मुकर्रर होते ही जिला पंचायत सदस्यों को अपने-अपने खेमे में लामबंद करने के लिए लुभाने और धमकाने का काम शुरू हो गया है। हालांकि अभी बहुमत साबित करने में 16 दिन का लंबा वक्त है, लेकिन ये 16 दिन इस पूरे घटनाक्रम के सबसे अहम दिन है। अजित गौड़ गुट ने हाल ही में तीन घटनाओं का हवाला देकर प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इसके बाद ये प्रकरण और चर्चित हो रहा है। वहीं गौड़ गुट भी लुभाने और धमकाने में लग गया है।
1 जुलाई से हो रही अविश्वास प्रस्ताव की जोर आजमाइश
पहली जुलाई से ही जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ चौ. सुधीर सिंह और अजित गौड़ गुट अविश्वास प्रस्ताव लाने का जोर लगा रहा हैं। 81 दिन बाद उनको इसमें सफलता मिली है। इस बीच दोनों खेमों की ओर से अपने पक्ष में पूर्ण समर्थन का दावा किया जा चुका है। पहले अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए अजित गौड़ ने जिला प्रशासन के समक्ष 29 जिपं सदस्यों के समर्थन का दावा किया था। इसके तीसरे ही दिन अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने 42 जिपं सदस्यों के समर्थन के शपथ पत्र प्रस्तुत कर सनसनी मचा दी। दोनों ओर से दी गई जिपं सदस्यों की सूची लगभग 13 जिपं सदस्य एक ही थे। इसके बाद से लगातार दांवपेंच का खेल चल रहा था। यहां तक की जुलाई में उपेंद्र सिंह नीटू बसपा के नेता थे तो अगस्त में वह भाजपा में शामिल हो गए। माना जा रहा था कि नीटू के भाजपाई बनने के बाद अविश्वास प्रस्ताव का संकट दूर हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब आगे क्या होगा..? ये छह अक्तूबर को सामने आएगा।
अब जिपं सदस्य के डॉक्टर पति के निलंबन का आरोप
अध्यक्ष विरोधी सदस्यों को परेशान करने की नीयत से उनके परिजनों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का दौर जारी है। जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने आरोप लगाया कि अब वार्ड 44 से जिला पंचायत सदस्य ममता के पति डा. जय सिंह मथुरा स्थित बरसाना की एक सीएचसी में बतौर चिकित्सक तैनात हैं। उनको अकारण निलंबित कर दिया गया है। ये मामला भी अदालत के संज्ञान में लाया जाएगा।
पंचायत अध्यक्ष के मामले में सुनवाई 21 को
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जिला पंचायत अध्यक्ष अलीगढ़ उपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले में 21 सितंबर को सुनवाई होगी। मंगलवार को इस मामले में डीएम अलीगढ़ की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। पिछले आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि वह पंचायत सदस्यों पर छोड़ रहे कि यदि वह दोबारा अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो ला सकते हैं। डीएम प्रस्ताव मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही करें। अजीत गौर की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व में पारित आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। याची के अधिवक्ता अनुराग खन्ना के मुताबिक डीएम की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें पूर्व में पारित आदेश के पालन का जिक्र नहीं था। उन्होंने बताया कि डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर छह अक्तूबर को बैठक बुलाई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तारीख 6 अक्तूबर तय कर दी गई है। इसी दिन जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। वहीं पर नतीजा भी सबके सामने होगा।
ऋषिकेश भास्कर याशोद, जिलाधिकारी
मेरे पास पूर्ण बहुमत मौजूद है। अध्यक्ष बनने से लेकर अब तक सभी जिला पंचायत सदस्य मेरे साथ हैं। ये प्रस्ताव कुछ लोगों की साजिश है। वक्त आने पर हम अपना बहुमत साबित कर देंगे। हमारे पास 40 से अधिक जिला पंचायत सदस्यों का पूर्ण समर्थन मौजूद है।
उपेंद्र सिंह नीटू, जिला पंचायत अध्यक्ष
हमें और हमारे सभी जिला पंचायत सदस्यों को माननीय उच्च न्यायालय के इंसाफ पर पूरा भरोसा है। इसी भरोसे का नतीजा है कि जिला प्रशासन को 6 अक्तूबर की तारीख देनी पड़ी है अब हम अपना बहुमत साबित करेंगे और वर्तमान अध्यक्ष को हटाएंगे।
-चौ. सुधीर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान सदस्य
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पहली जुलाई से नीटू का विरोधी खेमा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान जिपं सदस्य चौ. सुधीर सिंह और अजित गौड़ का गुट उपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर डटा हुआ है। 81 दिन बीत गए हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 19 सितंबर तक हर हाल में स्वीकार करते हुए बोर्ड बैठक की तारीख नियत करने का आदेश दिया था। साथ ही प्रशासन को पूर्व दोनों निर्णयों से संबंधित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करने को कहा था।
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डीएम के नुमाइंदे के रूप में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने शपथ पत्र दाखिल किया। इस मामले में डीएम ने कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए मंगलवार देर सायं अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए छह अक्तूबर की तिथि निर्धारित करते हुए जिला पंचायत बोर्ड बैठक बुलाने का आदेश दिया है।
जिला पंचायत सदस्य अजित गौड़ ने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हमें बुधवार तक इंतजार करने को कहा। देर सायं डीएम ने बोर्ड बैठक के लिए छह अक्तूबर की तारीख मुकर्रर कर दी है। गौड़ ने बताया कि हमने प्रशासन की उस कार्यप्रणाली को भी हाईकोर्ट के समक्ष रखा है, जिसमें विरोध करने वाले जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। इसको अविश्वास प्रस्ताव में शामिल करते हुए एक शपथ पत्र लगवाया गया है, इस पर भी गुरुवार को सुनवाई होगी।
दोनों पक्षों से लुभाने-धमकाने की चर्चा
जिला प्रशासन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव की तारीख मुकर्रर होते ही जिला पंचायत सदस्यों को अपने-अपने खेमे में लामबंद करने के लिए लुभाने और धमकाने का काम शुरू हो गया है। हालांकि अभी बहुमत साबित करने में 16 दिन का लंबा वक्त है, लेकिन ये 16 दिन इस पूरे घटनाक्रम के सबसे अहम दिन है। अजित गौड़ गुट ने हाल ही में तीन घटनाओं का हवाला देकर प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इसके बाद ये प्रकरण और चर्चित हो रहा है। वहीं गौड़ गुट भी लुभाने और धमकाने में लग गया है।
1 जुलाई से हो रही अविश्वास प्रस्ताव की जोर आजमाइश
पहली जुलाई से ही जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ चौ. सुधीर सिंह और अजित गौड़ गुट अविश्वास प्रस्ताव लाने का जोर लगा रहा हैं। 81 दिन बाद उनको इसमें सफलता मिली है। इस बीच दोनों खेमों की ओर से अपने पक्ष में पूर्ण समर्थन का दावा किया जा चुका है। पहले अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए अजित गौड़ ने जिला प्रशासन के समक्ष 29 जिपं सदस्यों के समर्थन का दावा किया था। इसके तीसरे ही दिन अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने 42 जिपं सदस्यों के समर्थन के शपथ पत्र प्रस्तुत कर सनसनी मचा दी। दोनों ओर से दी गई जिपं सदस्यों की सूची लगभग 13 जिपं सदस्य एक ही थे। इसके बाद से लगातार दांवपेंच का खेल चल रहा था। यहां तक की जुलाई में उपेंद्र सिंह नीटू बसपा के नेता थे तो अगस्त में वह भाजपा में शामिल हो गए। माना जा रहा था कि नीटू के भाजपाई बनने के बाद अविश्वास प्रस्ताव का संकट दूर हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब आगे क्या होगा..? ये छह अक्तूबर को सामने आएगा।
अब जिपं सदस्य के डॉक्टर पति के निलंबन का आरोप
अध्यक्ष विरोधी सदस्यों को परेशान करने की नीयत से उनके परिजनों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का दौर जारी है। जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने आरोप लगाया कि अब वार्ड 44 से जिला पंचायत सदस्य ममता के पति डा. जय सिंह मथुरा स्थित बरसाना की एक सीएचसी में बतौर चिकित्सक तैनात हैं। उनको अकारण निलंबित कर दिया गया है। ये मामला भी अदालत के संज्ञान में लाया जाएगा।
पंचायत अध्यक्ष के मामले में सुनवाई 21 को
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जिला पंचायत अध्यक्ष अलीगढ़ उपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले में 21 सितंबर को सुनवाई होगी। मंगलवार को इस मामले में डीएम अलीगढ़ की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। पिछले आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि वह पंचायत सदस्यों पर छोड़ रहे कि यदि वह दोबारा अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो ला सकते हैं। डीएम प्रस्ताव मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही करें। अजीत गौर की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व में पारित आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। याची के अधिवक्ता अनुराग खन्ना के मुताबिक डीएम की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें पूर्व में पारित आदेश के पालन का जिक्र नहीं था। उन्होंने बताया कि डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर छह अक्तूबर को बैठक बुलाई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तारीख 6 अक्तूबर तय कर दी गई है। इसी दिन जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। वहीं पर नतीजा भी सबके सामने होगा।
ऋषिकेश भास्कर याशोद, जिलाधिकारी
मेरे पास पूर्ण बहुमत मौजूद है। अध्यक्ष बनने से लेकर अब तक सभी जिला पंचायत सदस्य मेरे साथ हैं। ये प्रस्ताव कुछ लोगों की साजिश है। वक्त आने पर हम अपना बहुमत साबित कर देंगे। हमारे पास 40 से अधिक जिला पंचायत सदस्यों का पूर्ण समर्थन मौजूद है।
उपेंद्र सिंह नीटू, जिला पंचायत अध्यक्ष
हमें और हमारे सभी जिला पंचायत सदस्यों को माननीय उच्च न्यायालय के इंसाफ पर पूरा भरोसा है। इसी भरोसे का नतीजा है कि जिला प्रशासन को 6 अक्तूबर की तारीख देनी पड़ी है अब हम अपना बहुमत साबित करेंगे और वर्तमान अध्यक्ष को हटाएंगे।
-चौ. सुधीर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान सदस्य