खेत से थाली तक: हर पड़ाव पर बढ़ता भाव, कर और कमीशन की भट्ठी में पक रहीं सब्जियां
सब्जियों की बढ़ती कीमत का असर रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी दिखने लगा है। लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित दक्षिण रेस्टोरेंट में डोसा, इडली और रसम की कीमत बढ़ गई है। संचालक के अनुसार 10 रुपये का सांभर और रसम अब 20 रुपये में मिल रहा है।
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खेत से धनीपुर मंडी पहुंचते-पहुंचते ही सब्जियों की कीमत पर कर और कमीशन का बोझ चढ़ जाता है। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सात सब्जियों पर मंडी शुल्क, विकास सेस, आढ़त कमीशन और तौलाई का खर्च जुड़ने से इनकी कीमत करीब 4.5 फीसदी बढ़ जाती है। इनमें आलू, प्याज, टमाटर, अदरक, नींबू, मिर्च और लहसुन शामिल हैं। मंडी से बाजार तक पहुंचने में भाड़ा और फुटकर दुकानदार का मुनाफा जुड़ने के बाद इनका भाव और बढ़ जाता है।
इन सात अधिसूचित सब्जियों पर एक फीसदी मंडी शुल्क, आधा फीसदी विकास सेस और तीन फीसदी आढ़त कमीशन लिया जाता है। इसके अलावा तौलाई का खर्च भी जुड़ता है। यानी मंडी स्तर पर ही सब्जी की कीमत पर 4.5 फीसदी शुल्क-कमीशन का बोझ पड़ जाता है। इसके बाद भाड़ा और फुटकर विक्रेता का मार्जिन जुड़ने से ग्राहक तक पहुंचते-पहुंचते कीमत और बढ़ जाती है।
अन्य सब्जियों पर मंडी शुल्क और विकास सेस लागू नहीं होता। इन पर आढ़त कमीशन और तौलाई का खर्च ही लिया जाता है। हालांकि बरसात में सब्जियों के जल्दी खराब होने से भी बाजार में दाम बढ़ रहे हैं। भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण खराब होने वाली सब्जियों का नुकसान भी कीमत में जुड़ जाता है। धनीपुर मंडी में रोजाना करीब 160 टन सब्जियों का कारोबार होता है। इसमें आधे से अधिक हिस्सा आलू, प्याज और टमाटर का है। इनकी मांग सबसे अधिक होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लोगों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
खेत से थाली तक : हर पड़ाव पर बढ़ता भाव
- खेत में सब्जी की पैदावार
- मंडी पहुंचते ही 1% मंडी शुल्क और 0.5% विकास सेस अतिरिक्त
- आढ़त पर आते ही 3% कमीशन और तौलाई खर्च अलग से
- फुटकर बाजार में पहुंचने पर भाड़ा और फिर दुकानदार का मुनाफा
- ग्राहक के पास आखिर में बढ़े हुए भाव पर पहुंच रही सब्जी।
मंडी में तय शुल्क-कमीशन
आलू, प्याज, टमाटर, अदरक, नींबू, मिर्च और लहसुन मंडी के नियमों के अनुसार अधिसूचित श्रेणी की सब्जियां हैं। इन पर मंडी शुल्क और विकास सेस लागू होता है। अन्य सब्जियों पर यह शुल्क नहीं है। धनीपुर मंडी में रोजाना करीब 160 टन सब्जियों का कारोबार होता है। - मुकेश त्रिपाठी, मंडी सचिव, धनीपुर
रेस्टोरेंट की प्लेट भी महंगी
सब्जियों की बढ़ती कीमत का असर रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी दिखने लगा है। लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित दक्षिण रेस्टोरेंट में डोसा, इडली और रसम की कीमत बढ़ गई है। संचालक के अनुसार 10 रुपये का सांभर और रसम अब 20 रुपये में मिल रहा है। 120 रुपये वाला डोसा 140 और 60 रुपये की इडली की प्लेट 70 रुपये की हो गई है। अरहर की दाल और आलू-टमाटर की सब्जी की कीमत भी 80 से बढ़कर 90 रुपये प्लेट हो गई है।