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हनुमान जी की जाति बताने वाले योगी किसानों की बात नहीं करते
Mon, 28 Jan 2019 02:25 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Mon, 28 Jan 2019 02:25 AM IST
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किसानों को संबोिधत करते राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट।
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी। नोएडा के बराबर मुआवजे की मांग पर 51 दिनों से धरनारत किसानों के बीच रविवार को पहुंचे पायलट ने कहा कि यूपी में किसान बदहाल है। धरना प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही। बीते दिनों राज्यों के चुनावों में योगी आदित्यनाथ 22 दिन प्रचार में रहे और भगवान हनुमान की जाति पूछते-बताते रहे। उन्होंने किसानों की बात तक नहीं की। लखनऊ की सरकार बनने से पहले भाजपा नेता किसानों की आमदनी दोगुना करने जैसी बातें कह रहे थे लेकिन अब कोई उनकी बात सुनने को राजी नहीं हैं।
पायलट ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनते ही 48 घंटे के अंदर ही सहकारिता विभाग से कर्ज लेने वालों किसानों को पूरा, दूसरे संस्थानों से कर्ज लेने वालों का दो लाख तक का कर्जा माफ किया। कर्ज अदा करने वाले निष्ठावान किसानों को फायदा देने के लिए सरकार योजना बना रही है। कहा कि देश में 70 साल में कई कानून बने। कांग्रेस ने वर्ष 2013 जो भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून बना कर पास कराया, ऐसा एक भी कानून देश में आने वाले 70 वर्षों में नहीं बन पाएगा। आज जो लोग केंद्र में सत्ता में है यूपीए सरकार में उन्होंने उस बिल का मजबूरन समर्थन किया। मोदी सरकार बनते ही इसमें उद्योगपतियों के दबाव में संशोधन (जमीन देने के लिए किसानों को बाध्य करने के लिए कुछ आवश्यक प्रावधान करने का संशोधन होना था) करने की तैयारी हुई लेकिन 45 सांसदों के साथ ही राहुल गांधी ने इसका पुरजोर विरोध कर संशोधन नहीं होने दिया। कांग्रेस की चिंता है कि अन्नदाता की भविष्य की पीढ़ियों को कैसा सुरक्षित रखा जाए। उसकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कानूनी हो। पूरे देश में सभी पार्टी की सरकारें उसका पालन करें। उन्होंने ये भी कहा कि उनको किसानों की सभी मांगों की पूरी जानकारी नहीं है लेकिन किसान 51 दिन से धरना दे रहे हैं इतना सुनते ही वह जिकरपुर आ गए।
बंसल ने कहा कि चौ. चरण सिंह के बाद राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं जो किसानों का दर्द समझते हैं। पूर्व के आंदोलन में आए भाजपा नेता पंद्रह मिनट धरने पर बैठ कर चले गए। लेकिन राहुल गांधी यहां आए और देर तक ठहरे। वे किसानों के घर गए और पैदल मार्च किया। उनकी समस्याओं को सुना और समझा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कराया। सभा को मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने भी संबोधित किया।
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पायलट ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनते ही 48 घंटे के अंदर ही सहकारिता विभाग से कर्ज लेने वालों किसानों को पूरा, दूसरे संस्थानों से कर्ज लेने वालों का दो लाख तक का कर्जा माफ किया। कर्ज अदा करने वाले निष्ठावान किसानों को फायदा देने के लिए सरकार योजना बना रही है। कहा कि देश में 70 साल में कई कानून बने। कांग्रेस ने वर्ष 2013 जो भूमि अधिग्रहण संशोधन कानून बना कर पास कराया, ऐसा एक भी कानून देश में आने वाले 70 वर्षों में नहीं बन पाएगा। आज जो लोग केंद्र में सत्ता में है यूपीए सरकार में उन्होंने उस बिल का मजबूरन समर्थन किया। मोदी सरकार बनते ही इसमें उद्योगपतियों के दबाव में संशोधन (जमीन देने के लिए किसानों को बाध्य करने के लिए कुछ आवश्यक प्रावधान करने का संशोधन होना था) करने की तैयारी हुई लेकिन 45 सांसदों के साथ ही राहुल गांधी ने इसका पुरजोर विरोध कर संशोधन नहीं होने दिया। कांग्रेस की चिंता है कि अन्नदाता की भविष्य की पीढ़ियों को कैसा सुरक्षित रखा जाए। उसकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कानूनी हो। पूरे देश में सभी पार्टी की सरकारें उसका पालन करें। उन्होंने ये भी कहा कि उनको किसानों की सभी मांगों की पूरी जानकारी नहीं है लेकिन किसान 51 दिन से धरना दे रहे हैं इतना सुनते ही वह जिकरपुर आ गए।
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बंसल ने कहा कि चौ. चरण सिंह के बाद राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं जो किसानों का दर्द समझते हैं। पूर्व के आंदोलन में आए भाजपा नेता पंद्रह मिनट धरने पर बैठ कर चले गए। लेकिन राहुल गांधी यहां आए और देर तक ठहरे। वे किसानों के घर गए और पैदल मार्च किया। उनकी समस्याओं को सुना और समझा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कराया। सभा को मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने भी संबोधित किया।
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