फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Yida vacated land worth Rs 236 crore in Tappal

Aligarh News: संशोधित यीडा ने टप्पल में 236 करोड़ रुपये की जमीन खाली कराई

Wed, 06 Dec 2023 01:10 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Dec 2023 01:10 AM IST
विज्ञापन
Yida vacated land worth Rs 236 crore in Tappal
अवैध भवन को ध्वस्त करती जेसीबी।  संवाद - फोटो : Samvad
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को बिना अनुमति के टप्पल में अवैध रूप से विकसित हो रही सात कॉलोनियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। एक्सपेस वे के निकट लालपुर मार्ग पर 35 हेक्टेयर में विकसित हो रही कॉलोनियों में आनंद बिहार, मेट्रो सिटी, सिंघबाल सिटी, एक्वा ग्रीन, आशियाना शामिल हैं। गाटा संख्या-4406, 4403, 4481, 4450, 4469 में बनाई गई अवैध चहारदीवारी को भी ध्वस्त कर दिया गया। खाली कराई गई 11.7954 हेक्टेयर जमीन की कीमत लगभग 236 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विज्ञापन





प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र कुमार की अगुवाई में टीम दर्जनों जेसीबी, पुलिस व पीएससी के साथ पहले टप्पल थाने पहुंची। वहां सब एकत्र हुए। इसकी सूचना पाकर कुछ किसान व नेता थाने पहुंच गए। कार्रवाई का विरोध करने लगे। किसानों का कहना था कि पहले प्राधिकरण उन्हें 64.4 प्रतिशत मुआवजा, 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड देने की कार्रवाई करे। इस पर शैलेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी जो भी मांगे हैं, वह प्रक्रिया में शामिल है।
विज्ञापन






शैलेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार टप्पल में प्राधिकरण की अनुमति के बगैर विकसित हो रही सात कॉलोनियों की 35 हेक्टेयर भूमि पर निर्माणाधीन भवनों, चारदीवारी एवं रास्तों को जेसीबी से खाली करा दिया गया है। जिन कॉलोनियों पर देवी देवताओं की प्रतिमा या तिरंगा लगा था, उसे सम्मानपूर्वक उतरवाया गया। खाली कराई गई जगह की बाजार में कीमत लगभग 236 करोड़ रुपये है। कॉलोनी विकसित कर रहे लोग 20 हजार रुपये वर्गगज के हिसाब से जमीन को बेच रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन




पिछली बार 230 करोड़ रुपये की कॉलोनियों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। जिसमें 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। कार्रवाई के दौरान यमुना विकास प्राधिकरण की टीम, एसीएम प्रथम कुमर बहादुर सिंह, क्षेत्राधिकारी राजीव द्विवेदी, राजस्व टीम के अलावा कई थानों के पुलिस फोर्स व पीएससी बल मौजूद रहा।




पुलिस न मिलने पर लौट गई थी टीम
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों को ढहाने की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। बीते बुधवार को प्राधिकरण की टीम आधा दर्जन जेसीबी लेकर थाने पहुंची थी, पुलिस बल न होने व किसानों की अधिकता के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा था।




नगर पंचायत का दर्जा खत्म होने के बाद हुई सक्रियता
20 दिसंबर 2020 को टप्पल को नगर पंचायत का दर्जा मिला था। 25 नवंबर 2022 को राज्य सरकार ने नगर पंचायत का दर्जा वापस ले लिया। इसके बाद टप्पल को यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण में शामिल कर दिया था। नगर पंचायत का दर्जा समाप्त होने के बाद यमुना विकास प्राधिकरण की अनुमति के बना ही 230 करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध कॉलोनियां विकसित की गईं। जो नूरपुर से मेवा नगला मार्ग, टप्पल से नूरपुर, अलीगढ़-पलवल मार्ग से स्यारौल व अर्पण ग्रीन स्टेट तक फैल गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed