विश्व गर्भ निरोधक दिवस: हर महीने बिक जाते हैं तीन करोड़ रुपये के गर्भनिरोधक, लगातार आ रहे बाजार नए ब्रांड
नव दंपती जब तक बच्चा न चाहें तब तक अस्थायी साधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला बच्चा होने के बाद तीन साल तक अस्थायी साधनों का विकल्प चुना जा सकता है। गर्भसमापन या गर्भपात के बाद भी छह माह तक परिवार नियोजन का साधन अपनाया जा सकता है। गर्भ निरोधक और परिवार नियोजन के संबंध में जागरूक करने के लिए हर साल 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है।
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परिवार नियोजन के आठ प्रमुख साधन हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित भी हैं। इन साधनों में से दंपती कोई भी मनपसंद साधन अपना सकते हैं। जिसमें सर्वाधिक प्रयोग बाजार में आसानी से मिलने वाले अस्थायी उत्पादों का होता है। बाजार के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार इन उत्पादों का मासिक तीन करोड़ रुपये का कारोबार है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर सीएमओ डा.नीरज त्यागी ने बताया कि नव दंपती जब तक बच्चा न चाहें तब तक अस्थायी साधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला बच्चा होने के बाद तीन साल तक अस्थायी साधनों का विकल्प चुना जा सकता है। गर्भसमापन या गर्भपात के बाद भी छह माह तक परिवार नियोजन का साधन अपनाया जा सकता है। गर्भ निरोधक और परिवार नियोजन के संबंध में जागरूक करने के लिए हर साल 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है।
सीएमओ ने बताया कि सभी साधन सुरक्षित हैं। परिवार नियोजन के स्थायी साधन यानी नसबंदी को पुरुष और महिलाएं दोनों अपना सकते हैं। उन पुरुषों को नसबंदी करवानी चाहिए जो शादी-शुदा हो और जिनकी उम्र 60 वर्ष से कम हो। उनके पास कम से कम एक बच्चा होना चाहिए, जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो। पुरुष नसबंदी तभी करवानी चाहिए जब पत्नी ने नसबंदी न करवाई हो। पुरुष नसबंदी कभी भी करवाई जा सकती है।
प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है
सीएमओ बताते हैं कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत महिला नसबंदी पर 1400 रुपये, प्रसव पश्चात नसबंदी पर 2200 रुपये, पुरुष नसबंदी पर 2000 रुपये, प्रसव बाद पीपीआईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये और गर्भपात के बाद आईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये लाभार्थी के खाते में देने का नियम है।
सरकारी स्तर पर ये दवाएं-साधन
सीएमओ के अनुसार परिवार नियोजन के अस्थायी साधन आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली, कंडोम, माला एन, ईसी पिल, परिवार नियोजन के स्थायी साधन हैं, पुरुष और महिला नसबंदी की सुविधा सरकारी स्तर पर उपलब्ध हैं।
डॉक्टर की सलाह पर ही दवाओं का प्रयोग उचित
स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.अंचल पांडेय बताती हैं कि बाजार में मिलने वाली दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए। इसके अपने फायदे, नुकसान व दवा लेने के तरीके हैं। अनियमित तरीके से दवाएं लेने पर कुछ अन्य परेशानियां भी पैदा हो जाती हैं। कई बार मरीज की जान पर बन आती है। वे बताती हैं कि वह महिलाएं नसबंदी को अपना सकती हैं, जिनकी उम्र 22 वर्ष से अधिक और 49 वर्ष से कम हो।