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शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं ने आबकारी महिला सिपाहियों को पीटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:18 AM IST
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दोदपुर शराब के ठेके पर महिलाओं के हंगामे के बाद तैनात पुलिस फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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दोदपुर में खुला देशी शराब का ठेका पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। इस ठेके के विरोध में आई महिलाओं ने बुधवार शाम सात बजे आबकारी विभाग की महिला सिपाहियों को पीट दिया, जिसमें कुछ सिपाहियों को चोटें लगी हैं। चोटिल सिपाही प्रीती त्यागी, हेमलता, कंचन उपाध्याय, सुधा सिंह की ओर से थाना सिविल लाइन में तहरीर दी गई है। इसमें ठेके का विरोध करने वाली कुछ महिलाओं के नाम भी स्पष्ट किए गए हैं।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर जावेद खान ने बताया कि आबकारी सिपाहियों की तहरीर मिली हैै। मारपीट की खबर पर सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। बाद में मेयर मो. फुरकान ने मामले में बीच-बचाव कराया।
जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले मंगलवार को जिला प्रशासन के प्रयास से बंद ठेका खुलवाया गया था क्योंकि महिलाएं इस ठेके का विरोध कर रहीं थीं इसलिए आबकारी की महिला सिपाहियों को तैनात किया गया।
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बुधवार शाम सात बजे के करीब अचानक कुछ महिलाएं वहां पहुंची और ठेका बंद कराने को लेकर सड़क पर लेट कर प्रदर्शन करने लगीं। महिलाओं ने गाली-गलौज करने के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। आबकारी सिपाहियों ने समझाया तो वह नहीं मानी। सिविल लाइन थाने से दो महिला होमगार्ड बुला कर प्रदर्शनकारी महिलाओं को थाने ले जाया जाने लगा। इन महिलाओं को पुलिस जीप में बैठाने का प्रयास हो ही रहा था कि अचानक सामने की गली से आई कुछ अन्य दबंग महिलाओं ने अचानक हमलावर होकर उनको छुड़ा लिया और गलियों में फरार हो गई। हमलावर हुई महिलाओं ने ही आबकारी सिपाहियों से मारपीट की। वहीं प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आबकारी महिला सिपाहियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है, लेकिन इन महिलाओं की ओर से कोई तहरीर थाने नहीं पहुंची है।
आबकारी निरीक्षक धीरज शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन करने वाली महिलाएं एक मंदिर के नाम पर डेढ़ लाख रुपये चंदा मांग रही हैं नहीं देने पर ठेके का विरोध कर रही है। अब पुलिस जांच में पूरा प्रकरण स्पष्ट होगा। ठेका संचालित करने वाले सचिन जायसवाल और उनके पार्टनर जाहिद अली ने बताया कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक के लिए इस ठेके को एक करोड़ 10 लाख रुपये में आवंटित किया गया है। इसके आसपास नियमानुसार कोई मंदिर, मस्जिद, पाठशाला या अस्पताल नहीं है। जो महिलाएं विरोध कर रही हैं उनके घर भी 100 मीटर दूर हैं। पहली अप्रैल से 25 दिन गुजर गए हैं और ठेका बंद है। यही हाल रहा तो काम कैसे चलेगा।
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सिविल लाइंस इंस्पेक्टर जावेद खान ने बताया कि आबकारी सिपाहियों की तहरीर मिली हैै। मारपीट की खबर पर सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। बाद में मेयर मो. फुरकान ने मामले में बीच-बचाव कराया।
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जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले मंगलवार को जिला प्रशासन के प्रयास से बंद ठेका खुलवाया गया था क्योंकि महिलाएं इस ठेके का विरोध कर रहीं थीं इसलिए आबकारी की महिला सिपाहियों को तैनात किया गया।
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बुधवार शाम सात बजे के करीब अचानक कुछ महिलाएं वहां पहुंची और ठेका बंद कराने को लेकर सड़क पर लेट कर प्रदर्शन करने लगीं। महिलाओं ने गाली-गलौज करने के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। आबकारी सिपाहियों ने समझाया तो वह नहीं मानी। सिविल लाइन थाने से दो महिला होमगार्ड बुला कर प्रदर्शनकारी महिलाओं को थाने ले जाया जाने लगा। इन महिलाओं को पुलिस जीप में बैठाने का प्रयास हो ही रहा था कि अचानक सामने की गली से आई कुछ अन्य दबंग महिलाओं ने अचानक हमलावर होकर उनको छुड़ा लिया और गलियों में फरार हो गई। हमलावर हुई महिलाओं ने ही आबकारी सिपाहियों से मारपीट की। वहीं प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आबकारी महिला सिपाहियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है, लेकिन इन महिलाओं की ओर से कोई तहरीर थाने नहीं पहुंची है।
आबकारी निरीक्षक धीरज शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन करने वाली महिलाएं एक मंदिर के नाम पर डेढ़ लाख रुपये चंदा मांग रही हैं नहीं देने पर ठेके का विरोध कर रही है। अब पुलिस जांच में पूरा प्रकरण स्पष्ट होगा। ठेका संचालित करने वाले सचिन जायसवाल और उनके पार्टनर जाहिद अली ने बताया कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक के लिए इस ठेके को एक करोड़ 10 लाख रुपये में आवंटित किया गया है। इसके आसपास नियमानुसार कोई मंदिर, मस्जिद, पाठशाला या अस्पताल नहीं है। जो महिलाएं विरोध कर रही हैं उनके घर भी 100 मीटर दूर हैं। पहली अप्रैल से 25 दिन गुजर गए हैं और ठेका बंद है। यही हाल रहा तो काम कैसे चलेगा।