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48 कैमरों की मदद से सौ घंटे में किया हत्या का खुलासा
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एटा चुंगी चौराहे के पास कमालपुर बाईपास पर कार चालक की हत्या का राज उजागर हो गया है। यह हत्या चालक के साथ अक्सर ठेके पर शराब पीने वाले एक बेलदार (मकान निर्माण में काम करने वाला मजदूर) ने की। इस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था।
मगर जब सीओ द्वितीय मोहसिन खान ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से कड़ियां जोड़ना शुरू किया तो सुराग मिलता चला गया। 48 कैमरों की मदद से करीब 100 घंटे यानी पांचवें दिन आरोपी दबोच लिया गया। उससे चालक का मोबाइल भी बरामद हुआ है।
सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार, एटा के जलेसर क्षेत्र के गांव बड़ावली निवासी 45 वर्षीय संजीव यादव यहां महुआ खेड़ा की शिवलोक कालोनी में परिवार के साथ रहता था। वह कासिमपुर पावर हाउस में डेल्टा कंपनी की कार चलाता था। 23 जून की शाम करीब साढ़े पांच बजे कंपनी की कार में उसकी लाश मिली।
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हालांकि उसी समय सिर में हल्की सी चोट से महसूस हो रही थी कि उसकी हत्या की गई है। मगर 24 जून की दोपहर पोस्टमार्टम में सिर में किसी वजनी वस्तु के प्रहार से हत्या होना उजागर हुआ। घर, परिवार, कंपनी, रिश्तेदार, करीबियों से पूछताछ व बातचीत में ऐसा कोई तथ्य उजागर नहीं हुआ, जिससे हत्या की वजह और हत्या करने वाला उजागर हो सके।
सीसीटीवी ने कराई लाल पैंट वाले की पहचान
सीओ के अनुसार, इसके बाद 24 जून की शाम से घटनास्थल से लेकर एटा चुंगी और क्वार्सी चौराहे तक के सीसीटीवी खंगाले गए। करीब 48 सीसीटीवी कैमरों को देखने के बाद पाया गया कि संजीव के क्वार्सी से आते समय कयामपुर मोड़ के पास से लाल जींस की पैंट वाला एक व्यक्ति लिफ्ट लेकर कार में सवार हुआ है।
कार एटा चुंगी पास कर कमालपुर बाईपास पर बढ़ी है और दोपहर 2:45 बजे कार रुक गई है। इसके 38 सेकंड बाद ही वह लाल रंग की पैंट पहने व्यक्ति आराम से कार से उतरकर चला गया है। काफी प्रयास के बाद पाया गया कि यह लाल पैंट वाला व्यक्ति और मृत संजीव पूर्व में कई बार अमूमन एटा चुंगी के शराब ठेके पर और पास के एक ढाबे पर साथ में शराब पीते व खाते देखे जाते रहे हैं। लाल पैंट वाले की पहचान बबलू यादव पुत्र प्रेमपाल सिह निवासी देवी नगला महुआखेड़ा के रूप में हुई। गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी यही लाल पैंट पहने हुए था।
लालच में मार डाला, हत्या करना न था मकसद
सीओ के अनुसार सोमवार तड़के जब बबलू को दबोचा गया तो उसने प्रारंभिक पूछताछ में ही हत्या करना स्वीकार लिया। उसने बताया कि वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। नशे की लत के कारण पत्नी उसे छोड़ गई है। वह खुद बेलदारी करता है। अक्सर ठेके पर संजीव से उसकी मुलाकात होती थी।
नशे में घंटों बातचीत होती थी। घटना वाले दिन उसे कहीं काम नहीं मिला। वह अपने साथ काम करने वाले कुलदीप व धीरज संग दोपहर तक ऐसे ही इधर उधर भटकता रहा। इसके बाद वह अपने घर गया और घर में रखे 200 रुपये लिए। बाहर आने के बाद उसने दो पऊए खरीदे और शराब पी।
नशे में वह घूमते हुए कयामपुर पहुंच गया। तभी संजीव दिखाई दिया तो उसे देखकर वह रुक गया। वह संजीव की कार में एटा चुंगी तक आने के लिए बैठ गया। इसी बीच नशे में उसके मन में लालच आ गया कि इसके पास रुपये होंगे। गाड़ी में डैशबोर्ड पर मोबाइल रखा था। उसने पहले तो उसका मोबाइल उठाया। जिस पर संजीव ने एतराज जताया।
इसी बीच उसने गाड़ी में रखे पाना से सिर पर संजीव के प्रहार कर दिया। जिससे वह मौके पर ही बेसुध हो गया और बबलू उसका मोबाइल लेकर गाड़ी से निकल गया। घटना के बाद वह नशे में घूमते हुए देर रात अपने घर पहुंचा। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उससे लूटा गया मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त पाना भी बरामद कर लिया है।
साथियों ने की तस्दीक, झगड़ालू और चिड़चिड़ा है बबलू
बबलू की पहचान होने पर जब पुलिस उसे तलाश रही थी, तभी उसके साथ काम करने वाले कुलदीप व धीरज से मुलाकात हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह झगड़ालू व चिड़चिड़ा है। किसी भी छोटी बात पर उसे गुस्सा आ जाता है। आर्थिक हालात कमजोर होने व नशे का आदि होने के कारण उसकी यह हालत बनी है। इसलिए लोग उससे दूर रहना पसंद करते हैं।
- गांधीपार्क क्षेत्र में हुई हत्या की घटना में कोई सुराग नहीं था। पुलिस की मेहनत व सीसीटीवी की मदद रंग लाई है। यह ब्लाइंड मर्डर खोला गया है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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मगर जब सीओ द्वितीय मोहसिन खान ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से कड़ियां जोड़ना शुरू किया तो सुराग मिलता चला गया। 48 कैमरों की मदद से करीब 100 घंटे यानी पांचवें दिन आरोपी दबोच लिया गया। उससे चालक का मोबाइल भी बरामद हुआ है।
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सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार, एटा के जलेसर क्षेत्र के गांव बड़ावली निवासी 45 वर्षीय संजीव यादव यहां महुआ खेड़ा की शिवलोक कालोनी में परिवार के साथ रहता था। वह कासिमपुर पावर हाउस में डेल्टा कंपनी की कार चलाता था। 23 जून की शाम करीब साढ़े पांच बजे कंपनी की कार में उसकी लाश मिली।
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हालांकि उसी समय सिर में हल्की सी चोट से महसूस हो रही थी कि उसकी हत्या की गई है। मगर 24 जून की दोपहर पोस्टमार्टम में सिर में किसी वजनी वस्तु के प्रहार से हत्या होना उजागर हुआ। घर, परिवार, कंपनी, रिश्तेदार, करीबियों से पूछताछ व बातचीत में ऐसा कोई तथ्य उजागर नहीं हुआ, जिससे हत्या की वजह और हत्या करने वाला उजागर हो सके।
सीसीटीवी ने कराई लाल पैंट वाले की पहचान
सीओ के अनुसार, इसके बाद 24 जून की शाम से घटनास्थल से लेकर एटा चुंगी और क्वार्सी चौराहे तक के सीसीटीवी खंगाले गए। करीब 48 सीसीटीवी कैमरों को देखने के बाद पाया गया कि संजीव के क्वार्सी से आते समय कयामपुर मोड़ के पास से लाल जींस की पैंट वाला एक व्यक्ति लिफ्ट लेकर कार में सवार हुआ है।
कार एटा चुंगी पास कर कमालपुर बाईपास पर बढ़ी है और दोपहर 2:45 बजे कार रुक गई है। इसके 38 सेकंड बाद ही वह लाल रंग की पैंट पहने व्यक्ति आराम से कार से उतरकर चला गया है। काफी प्रयास के बाद पाया गया कि यह लाल पैंट वाला व्यक्ति और मृत संजीव पूर्व में कई बार अमूमन एटा चुंगी के शराब ठेके पर और पास के एक ढाबे पर साथ में शराब पीते व खाते देखे जाते रहे हैं। लाल पैंट वाले की पहचान बबलू यादव पुत्र प्रेमपाल सिह निवासी देवी नगला महुआखेड़ा के रूप में हुई। गिरफ्तारी के वक्त भी आरोपी यही लाल पैंट पहने हुए था।
लालच में मार डाला, हत्या करना न था मकसद
सीओ के अनुसार सोमवार तड़के जब बबलू को दबोचा गया तो उसने प्रारंभिक पूछताछ में ही हत्या करना स्वीकार लिया। उसने बताया कि वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। नशे की लत के कारण पत्नी उसे छोड़ गई है। वह खुद बेलदारी करता है। अक्सर ठेके पर संजीव से उसकी मुलाकात होती थी।
नशे में घंटों बातचीत होती थी। घटना वाले दिन उसे कहीं काम नहीं मिला। वह अपने साथ काम करने वाले कुलदीप व धीरज संग दोपहर तक ऐसे ही इधर उधर भटकता रहा। इसके बाद वह अपने घर गया और घर में रखे 200 रुपये लिए। बाहर आने के बाद उसने दो पऊए खरीदे और शराब पी।
नशे में वह घूमते हुए कयामपुर पहुंच गया। तभी संजीव दिखाई दिया तो उसे देखकर वह रुक गया। वह संजीव की कार में एटा चुंगी तक आने के लिए बैठ गया। इसी बीच नशे में उसके मन में लालच आ गया कि इसके पास रुपये होंगे। गाड़ी में डैशबोर्ड पर मोबाइल रखा था। उसने पहले तो उसका मोबाइल उठाया। जिस पर संजीव ने एतराज जताया।
इसी बीच उसने गाड़ी में रखे पाना से सिर पर संजीव के प्रहार कर दिया। जिससे वह मौके पर ही बेसुध हो गया और बबलू उसका मोबाइल लेकर गाड़ी से निकल गया। घटना के बाद वह नशे में घूमते हुए देर रात अपने घर पहुंचा। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उससे लूटा गया मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त पाना भी बरामद कर लिया है।
साथियों ने की तस्दीक, झगड़ालू और चिड़चिड़ा है बबलू
बबलू की पहचान होने पर जब पुलिस उसे तलाश रही थी, तभी उसके साथ काम करने वाले कुलदीप व धीरज से मुलाकात हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह झगड़ालू व चिड़चिड़ा है। किसी भी छोटी बात पर उसे गुस्सा आ जाता है। आर्थिक हालात कमजोर होने व नशे का आदि होने के कारण उसकी यह हालत बनी है। इसलिए लोग उससे दूर रहना पसंद करते हैं।
- गांधीपार्क क्षेत्र में हुई हत्या की घटना में कोई सुराग नहीं था। पुलिस की मेहनत व सीसीटीवी की मदद रंग लाई है। यह ब्लाइंड मर्डर खोला गया है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी