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कहां गए, बैंकों को मिले `100 करोड़
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sun, 25 Dec 2016 01:47 AM IST
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कहां गए, बैंकों को मिले `100 करोड़
- फोटो : Rupesh
नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से पचास दिन मांगे थे। कहा थ्ाा कि 31 दिसंबर के बाद मुश्किलें खत्म हो जाएंगी। राहत की उस तारीख में अब मात्र 6 दिन बचे हैं, लेकिन हालत जस के तस हैं।
शुक्रवार सुबह रिजर्व बैंक से मिली पिछले डेढ़ माह में मिली दूसरी सबसे बड़ी खेप के 100 करोड़ जनपद की बैंकों में लगे एटीएम के पेट नहीं भर सके। शनिवार को कुछेक बैंक शाखाओं को छोड़कर महानगर में अधिकांश एटीएम या तो बंद मिले या फिर उनमें पैसा नदारद था।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बैंक शाखाओं के एटीएम के बाहर फड़ लगाकर जूते एवं कपड़े बिकते नजर आए। इसके चलते नकदी के लिए परेशान लोग यहां वहां भटकते रहे।
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शुक्रवार को रिजर्व बैंक से नोटबंदी के बाद अब तक की सबसे बड़ी करेंसी की खेप के रूप में 100 करोड़ रुपया मिला। इस धनराशि से महानगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों की नकदी से खाली बैंकों के साथ डाकघर में भी नकदी का लेन देन शुरू होने की उम्मींद लगाई जा रही थी। दावा यहां तक किया जा रहा था कि डाकघर का एटीएम भी नोट उगलेगा, लेकिन माह के चौथे शनिवार को बैंकों के अवकाश के दिन सारे दावों की कलई खुल गई। मात्र जिले की सबसे बड़ी बैंकों में शुमार एसबीआई के एटीएम नोट उगलते दिखाई दिए। इनमें लंबी लाइनें लगी देखी गईं। अन्य बैंकों के एटीएम का बुरा हाल रहा। इनकी कुछ शाखाओं के एटीएम को छोड़कर अधिकांश या तो बंद नजर आए या फिर उनमें पैसा नहीं मिला। रामघाट रोड स्थित एचडीएफसी के एटीएम से मायूस होकर लौट रहे सुरेंद्र नगर निवासी रोहन एवं आसिफ ने बताया कि वह पैसा निकालने के लिए महानगर के आधा दर्जन एटीएम देख आए हैं, लेकिन अधिकांश या तो बंद थे या उनमें पैसा नहीं था।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेंटर प्वाइंट स्थित एटीएम की लाइन में लगे हारुन एवं रशीद ने बताया कि वह भी करीब आठ दस एटीएम देखने के बाद यहां आकर लाइन में लगे हैं।
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शुक्रवार सुबह रिजर्व बैंक से मिली पिछले डेढ़ माह में मिली दूसरी सबसे बड़ी खेप के 100 करोड़ जनपद की बैंकों में लगे एटीएम के पेट नहीं भर सके। शनिवार को कुछेक बैंक शाखाओं को छोड़कर महानगर में अधिकांश एटीएम या तो बंद मिले या फिर उनमें पैसा नदारद था।
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हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बैंक शाखाओं के एटीएम के बाहर फड़ लगाकर जूते एवं कपड़े बिकते नजर आए। इसके चलते नकदी के लिए परेशान लोग यहां वहां भटकते रहे।
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शुक्रवार को रिजर्व बैंक से नोटबंदी के बाद अब तक की सबसे बड़ी करेंसी की खेप के रूप में 100 करोड़ रुपया मिला। इस धनराशि से महानगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों की नकदी से खाली बैंकों के साथ डाकघर में भी नकदी का लेन देन शुरू होने की उम्मींद लगाई जा रही थी। दावा यहां तक किया जा रहा था कि डाकघर का एटीएम भी नोट उगलेगा, लेकिन माह के चौथे शनिवार को बैंकों के अवकाश के दिन सारे दावों की कलई खुल गई। मात्र जिले की सबसे बड़ी बैंकों में शुमार एसबीआई के एटीएम नोट उगलते दिखाई दिए। इनमें लंबी लाइनें लगी देखी गईं। अन्य बैंकों के एटीएम का बुरा हाल रहा। इनकी कुछ शाखाओं के एटीएम को छोड़कर अधिकांश या तो बंद नजर आए या फिर उनमें पैसा नहीं मिला। रामघाट रोड स्थित एचडीएफसी के एटीएम से मायूस होकर लौट रहे सुरेंद्र नगर निवासी रोहन एवं आसिफ ने बताया कि वह पैसा निकालने के लिए महानगर के आधा दर्जन एटीएम देख आए हैं, लेकिन अधिकांश या तो बंद थे या उनमें पैसा नहीं था।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेंटर प्वाइंट स्थित एटीएम की लाइन में लगे हारुन एवं रशीद ने बताया कि वह भी करीब आठ दस एटीएम देखने के बाद यहां आकर लाइन में लगे हैं।