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Weather Balloon: अलीगढ़ से उड़ा मौसम गुब्बारा बदायूं में गिरा, 26 किमी की ऊंचाई पर जाकर फटा
Thu, 17 Oct 2024 12:53 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 17 Oct 2024 12:53 PM IST
सार
मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रोडियोसोंड उपकरण बंधा होता है, जिसके दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती है। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता।
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एएमयू में मौसम गुब्बारा उड़ाते शिक्षक
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भूगोल विभाग की छत से 16 अक्टूबर को आठवां मौसम गुब्बारा छोड़ा गया। गुब्बारा 26 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर फट गया और बदायूं के उछानी में गिर गया। इस गुब्बारे ने अब तक सर्वाधिक ऊंचाई प्राप्त की है।
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भूगोल विभाग की छत से 16 अक्टूबर शाम चार बजे मौसम गुब्बारा छोड़ा गया। मौसम में परिवर्तन के चलते 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाने के बाद सिग्नल कमजोर हो गया। करीब छह बजे गुब्बारा 26 किमी की ऊंचाई पर जाकर फट गया। परियोजना निदेशक प्रो. अतीक अहमद ने बताया कि गुब्बारा छोड़ने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद गुब्बारा छोड़ा गया। पहला मौसम गुब्बारा 11 जुलाई को छोड़ा गया था।
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उन्होंने बताया कि मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रोडियोसोंड उपकरण बंधा होता है, जिसके दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती है। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता। यह ट्रांसमीटर भूगोल विभाग की छत पर लगे रिसीवर को डेटा भेजता है, जो स्क्रीन पर लगातार प्रदर्शित होता रहता है।
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