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अलीगढ़ः हम तो उम्मीद छोड़ चुके थे, आप हमारे भगवान हो

Tue, 27 Jul 2021 12:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:54 AM IST
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We had given up hope, you are our god
रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक सभी गिरफ्तारी होने और बच्चों की बरामदगी होने के बाद पूछताछ आदि का काम पूरा कर पुलिस ने उन तीनों परिवारों को बुलाया, जिनके बच्चे बरामद किए गए। इनमें एक सरोज नगर की बच्ची और दो धनीपुर के बच्चे थे। इन परिवारों ने आते ही अपने बच्चों को देख भावुक होकर एसएसपी के सामने हाथ जोड़कर एक ही बात कही कि साहब, हम तो उम्मीद छोड़ चके थे। आप हमारे भगवान हो जो आपने हमारे बच्चे वापस करा दिए। वरना हमें बच्चे वापस मिलने की उम्मीद न थी।
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दोपहर में एसएसपी ने पुलिस लाइन सभागार में तीनों बच्चों के परिवारों को बुलाया। तीनों की मां ने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा तो बच्चों ने मां पहचान लीं। इस दौरान एसएसपी ने उनसे बच्चों को लेकर सवाल पूछा कि आप लोग पहचान लें, ये आपके ही बच्चे हैं, किसी और के तो नहीं। परिवार ने बच्चे पहचानने की हामी भरी। इस दौरान एसएसपी ने भी बच्चों संग कुछ समय बिताया। उन्हें खाने पीने की वस्तुएं देकर खुशी का अहसास किया। इसके बाद सभी पुलिस का बार-बार आभार व्यक्त करते हुए वापस गए।
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दादरी की महिला बरामद कराएगी मुंबई से बच्चा
एसएसपी ने दोपहर में ही गाजियाबाद डीआईजी को हज हाउस व रेलवे स्टेशन के बरामद बच्चों के विषय में जानकारी दी। वहां से यही पता चला कि रेलवे स्टेशन से चोरी बच्चे के परिवार का कोई सुराग नहीं लगा है। हां, हज हाउस के एक बच्चे के परिवार को खबर दे दी है। दूसरा बच्चा मुंबई है। एक टीम मुंबई भेजने की तैयारी अलीगढ़ व गाजियाबाद पुलिस संयुक्त रूप से कर रही है। इसके लिए पहले दादरी की महिला को खोजा जा रहा है। दादरी की महिला मुंबई से बच्चा बरामद कराएगी। इधर, सूचना के बाद देर रात तक गाजियाबाद का परिवार नहीं आया था। फिलहाल दोनों बच्चे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किए गए हैं। अब बाल कल्याण समिति में प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे परिवारों को सौंपे जाएंगे।
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एसएसपी ने ठोकी पूरी पुलिस टीम की पीठ
एसएसपी ने बच्चों को परिवार से मिलाने के दौरान इस ऑपरेशन में शामिल रही टीम में एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा विनोद कुमार, एसपी सिटी की सर्विलांस टीम के प्रभारी संदीप कुमार सिंह, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम की प्रभारी विपिन कुमार व उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों की पीठ ठोंकी और सभी को नकद इनाम की घोषणा की।
शराब कांड की तरह पंजीकृत होगा गैंग, लगाया जाएगा गैंगेस्टर
इस मामले में एसएसपी ने पुलिस टीम को निर्देशित किया है कि वह इस गैंग को पंजीकृत कर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करे। साथ में इस मामले में भी शराब कांड की तर्ज पर विवेचना को पूरी कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाए।
बड़ा लक्ष्य देख खड़ी की ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि जब उन्होंने अलीगढ़ का कार्यभार संभाला तो यहां बालिग-नाबालिग लापता के करीब 500 प्रकरण और मासूम बच्चों के गायब होने के 20 प्रकरण लंबित देखे। तभी उन्होंने ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट खड़ी कर उसे थाने का दर्जा दिया और ऑपरेशन खुशी शुरू कराया। आज उसी का परिणाम है कि हमारी टीम को इतनी बड़ी सफलता हासिल हुई है। इसे लेकर एसएसपी ने इस यूनिट को सीयूजी नंबर 7839876284 जारी किया है और निर्देश दिए हैं कि अब एक कॉल पर इस तरह की सूचनाओं पर मुकदमे दर्ज किए जाएं और लापताओं को तत्काल तलाशा जाए।
एसएसपी ने बताया कि दो माह के प्रयास में 500 में से 150 प्रकरणों में नाबालिग व बालिगों को परिवारों से मिलवाया है। इसके अलावा 100 ऐसे लापता भी चिह्नित किए हैं, जो अपनी मर्जी से घर से बाहर रह रहे हैं। 20 बच्चों के मामले में यह माना जा रहा है कि वे चोरी और ट्रैफिकिंग का शिकार हुए हैं। इनमें से 30 अपने जिले के बच्चे सकुशल सोमवार को बरामद कर लिए गए हैं। शेष के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को गोद लेने से पहले उसके कानून की बारीकियां समझ लें। इसके बाद ही किसी के बहकावे या लालच में आएं। क्योंकि जानबूझकर कानून को अनदेखा करने में और इस तरह बच्चा खरीदने में आप कानून के अपराधी बन सकते हैं।
इस बार आईटीआई रोड से चोरी करना था बच्चा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकारा कि उन्होंने इस बार आईटीआई रोड पर झोंपड़ी डालकर रहने वाले लोहा पीटने वाले परिवार का बच्चा निशाना बनाया था। उसकी रैकी पूरी हो गई थी। फोटो भी खींच लिए गए थे। वह फोटो भी उन्होंने पुलिस को दिखाए। उसी को चोरी करने के इरादे से वे शहर में घूम रहे थे। मगर उससे पहले दबोच लिए गए।
नर्स के जरिये हुआ था सराफ से बेटे का सौदा
खैर के जिस सराफ ने करीब एक माह पहले धनीपुर से चोरी बच्चा पांच लाख में खरीदा था। उसका 14 साल का इकलौता बेटा कोरोना की दूसरी लहर में अलीगढ़ के ही एक नर्सिंग होम में कोरोना की चपेट में आकर चल बसा था। इसके बाद से सराफ की पत्नी बीमार रहने लगी थी। इसी बीच पत्नी के इलाज के लिए वह शहर आने लगा। यहां उसकी मुलाकात गभाना की चांदनी नाम की नर्स से हुई। उसने बच्चा गोद दिलाने की बात कही। इसी चांदनी की मदद से उन्हें बच्चा एक माह पहले गोदनामे में पांच लाख रुपये में दिया गया था।

ज्यादातर महिलाएं नर्सिंग पेशे से जुड़ी हैं
इस धंधे में पकड़ी गईं ज्यादातर महिलाएं नर्सिंग पेशे से जुड़ी हैं। कोई किसी नर्सिंग होम में नौकरी करती है तो कोई पोलियो टीकाकरण में और कोई आशा है। कुछ महिलाएं घरों पर दाई के रूप में गर्भवती बीमार महिलाओं के इलाज का काम भी करती हैं।
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