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Aligarh News: गंगा में जलस्तर घटा, लोगों ने ली राहत की सांस
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सांकरा गंगा घाट पर जलस्तर घटने के बाद का दृश्य।स्रोत संवाद
- फोटो : samvad
सांकरा के आसपास गंगा में इस वक्त जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। इससे गंगा किनारे बसे दीनापुर, टोडरपुर, सांकरा, बबरौतिया, गहतौली गंग, हमीदपुर, किरतौली आदि गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। यहां से गुजर रही गंगा में 2.40 लाख क्यूसेक पानी बहने पर यह खतरे के निशान को छू जाता है।
एक जुलाई को 1.28 लाख क्यूसेक पानी था। वर्तमान में यहां पर 1.28 लाख से घटकर 78 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। इसी बीच गंगा के पानी को बुलंदशहर और अनूपशहर से हजारा नहर, निचली गंग नहर, अनूपशहर माइनर, धर्मपुर रजबहा, पिलखुनी नहर व अन्य नहरों में डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे जलस्तर कम हुआ है।
एसडीएम अतरौली मो. अमान ने बताया कि लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे पहले लोगों की चिंता थी कि यदि जलस्तर और ज्यादा बढ़ा तो मवेशियों के चारे और उन्हें बांधने की परेशानी हो सकती है। चारा पानी में डूब जाएगा तो मवेशियों के लिए क्या इंतजाम होगा। प्रशासन भी सतर्क था। सांकरा के श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में बाढ़ चौकी बनाकर राजस्व टीम की ड्यूटी लगा दी गई थी, सिंचाई विभाग भी तैयार था।
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एक जुलाई को 1.28 लाख क्यूसेक पानी था। वर्तमान में यहां पर 1.28 लाख से घटकर 78 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। इसी बीच गंगा के पानी को बुलंदशहर और अनूपशहर से हजारा नहर, निचली गंग नहर, अनूपशहर माइनर, धर्मपुर रजबहा, पिलखुनी नहर व अन्य नहरों में डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे जलस्तर कम हुआ है।
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एसडीएम अतरौली मो. अमान ने बताया कि लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे पहले लोगों की चिंता थी कि यदि जलस्तर और ज्यादा बढ़ा तो मवेशियों के चारे और उन्हें बांधने की परेशानी हो सकती है। चारा पानी में डूब जाएगा तो मवेशियों के लिए क्या इंतजाम होगा। प्रशासन भी सतर्क था। सांकरा के श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में बाढ़ चौकी बनाकर राजस्व टीम की ड्यूटी लगा दी गई थी, सिंचाई विभाग भी तैयार था।
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