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Aligarh: बंदी की मौत, पुलिस-जेल प्रशासन पर हत्या का लगाया आरोप, थाने के बाहर शव रखकर लगाया जाम, किया हंगामा

Thu, 24 Aug 2023 10:05 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 24 Aug 2023 10:05 PM IST
सार

डोरी नगर गली नंबर दस का 46 वर्षीय यज्ञदत्त शटरिंग का काम करता था। थाना पुलिस ने 22 अगस्त को उसे चोरी के आरोप में जेल भेजा था। जेल प्रशासन के अनुसार उसी रात दस बजे जेलर औचक निरीक्षण कर रहे थे। तभी अचानक उसकी तबियत बिगड़ी। उसकी हालत ऐसी थी, जैसे उसे नशे की तलब लगी हो। उसे जेल अस्पताल लाया गया।

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Uproar outside the police station on the death of the prisoner
मृतक बंदी यज्ञदत्त - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अलीगढ़ की गांधीपार्क पुलिस द्वारा चोरी के आरोप में जेल भेजे गए बंदी की दूसरे दिन बुधवार रात मौत हो गई। इस खबर पर बिफरे परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस व जेल प्रशासन की पिटाई से मौत हुई है। दोपहर बाद जब पोस्टमार्टम केंद्र से शव घर पहुंचा, तो परिवार ने गांधीपार्क थाने के बाहर शव रखकर जाम लगाते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान परिवार में सरकारी नौकरी की मांग कर दी। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की। एक घंटे से ज्यादा समय तक चले हंगामे को किसी तरह समझा बुझाकर पुलिस ने शांत कराया। बाद में शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

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यह है मामला
डोरी नगर गली नंबर दस का 46 वर्षीय यज्ञदत्त शटरिंग का काम करता था। थाना पुलिस ने 22 अगस्त को उसे चोरी के आरोप में जेल भेजा था। जेल प्रशासन के अनुसार उसी रात दस बजे जेलर औचक निरीक्षण कर रहे थे। तभी अचानक उसकी तबियत बिगड़ी। उसकी हालत ऐसी थी, जैसे उसे नशे की तलब लगी हो। उसे जेल अस्पताल लाया गया। जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। इसके बाद बुधवार देर रात उसकी फिर तबियत बिगड़ी तो उसे जेएन मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां रात तीन बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। 
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हंगामा करती परिवार की महिलाएं रोकने पर पुलिस से नोकझाेक करती
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जेल प्रशासन के अनुसार डॉक्टरों ने बताया कि वह नशे का आदि था। उसके शरीर पर जो खरोंच जैसे घाव थे, वे भी चोटों के नहीं, बल्कि नशे में कहीं गिरने आदि के जैसे थे। इधर, तडक़े मौत की खबर पर तमाम परिजन पोस्टमार्टम केंद्र पहुंच गए। जहां शव का पैनल के जरिये मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शाम को शव परिवार को सौंपा गया। मगर परिजन शव घर से जीटी रोड पर थाना गांधीपार्क के सामने ले आए। जहां शव सडक़ पर रखकर जाम लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। 

पत्नी व बेटे और बेटी का हाल बेहाल था। वे पुलिस व जेल प्रशासन के खिलाफ गुस्सा उगल रहे थे। साफ कह रहे थे कि पीटा गया है। परिवार को नौकरी दी जाए। इस दौरान जमकर नोकझोंक हुई और हंगामा हुआ। परिवार के तर्क थे कि चंद घंटों में ही ऐसा क्या हुआ कि तबियत बिगड़ गई। इस दौरान एसीएम व सीओ द्वितीय पहुंच गए। जैसे तैसे एक घंटे से अधिक के प्रयास के बाद समझाकर व आश्वासन देकर शांत किया गया। तब जाकर शव परिजन साथ ले गए। सीओ तृतीय अशोक कुमार सिंह के अनुसार मामले में पोस्टमार्टम कराया गया है। बाकी तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।

फेंफड़े में खराबी व कंधे में चोट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि बंदी यज्ञदत्त के फेंफड़ों में खराबी थी। वे चिपके थे और टीबी के लक्षण मिले हैं। डॉक्टरों ने माना है कि उसके शरीर पर जो खरोंच आदि के निशान हैं वह नशे की लत के चलते घिसटने आदि के हैं। मारपीट के नहीं हैं। साथ में कंधे में हल्की से चोट आंई है। 

जिन्होंने पकडक़र कर सौंपा, उन पर हत्या दर्ज
महानगर के गांधीपार्क क्षेत्र में चोरी के आरोप में जेल भेजे गए यज्ञदत्त की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा मृत के पिता भोला की ओर से जीटी रोड के सचिन व विकास के खिलाफ दर्ज किया गया है। जिसमें आरोप है कि इन दोनों ने यज्ञदत्त को चोरी के आरोप में पकड़ा गया। इसके बाद इन दोनों ने उसे बुरी तरह मारा पीटा था। इसी वजह से आई चोट से वह जख्मी हुआ और उसकी तबियत बिगडऩे पर उसी मौत हो गई। इन दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ द्वितीय विशाल चौधरी ने इस मुकदमे की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार के आरोप के अनुसार ही यह मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवार के अनुसार तहरीर में यही आरोप लगाया गया है।

गांधी पार्क थाने के सामने जीटी रोड पर यज्ञदत्त उर्फ भूरा का शव रखकर लगाया जाम

बंदी भली भांति सोया था। अचानक रात में उसकी तबियत बिगड़ी। उसे पहले जेल अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया। बंदी नशे की लत का आदि था।-बृजेंद्र यादव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक  
यह घटना निंदनीय व दुखद है। इस मामले में परिवार को मुआवजा व नौकरी दी जाए। जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उन पर पर कार्रवाई की जाए।-सचिन माइकल डेन, राष्ट्रीय सचिव, बहुजन जागरूक महासभा

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