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अलीगढ़ः टिकट के लिए दलों में सरगर्मी, दावेदारों की बढ़ीं धड़कनें
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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की तारीख नजदीक आती जा रही है। अब सिर्फ 24 घंटे शेष हैं मगर अभी तक किसी दल ने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। हर दल में प्रत्याशियों का पैनल तैयार हो चुका है। हाईकमान स्तर पर वजन तोला जा रहा है। जीत के गुणा-भाग को लेकर प्रत्याशी तय करके उन्हें घोषित किया जाएगा। हालांकि बसपा, कांग्रेस, रालोद में अधिकांश व सपा में कुछ सीटें लगभग फाइनल हैं मगर अभी तक किसी ने इन्हें घोषित नहीं किया। भाजपा में बहुत तेजी से जोड़तोड़ चल रही है।
भाजपा में 100 से ज्यादा दावेदार
अलीगढ़। विधानसभा चुनाव 2022 के पहले भाजपा के नेता टिकट की जंग लड़ रहे हैं। कुछ तो इस इंतजार में बैठे है कि विधायक का टिकट कटने पर झट से लपक लेंगे। इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एक किए हुए हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में 100 से अधिक दावेदार टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा गुजरात मॉडल अपनाएगी। पिछले दो-तीन महीने से इसकी चर्चा हो रही है। इस मॉडल के अंतर्गत पचास प्रतिशत नए चेहरों पर दांव लगाया जाएगा। पार्टी द्वारा हर विधानसभा क्षेत्र की गोपनीय रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। मंगलवार को नई दिल्ली में राज्य कोर ग्रुप के साथ केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट कटने के संकेत मिले हैं। इससे टिकट की आश लगाए नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनपद के छह विधानसभा क्षेत्रों में टिकट के 100 से अधिक दावेदार हैं। अतरौली से राज्यमंत्री संदीप सिंह सबसे प्रबल प्रत्याशी माने जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि अतरौली से कोई आवेदन नहीं है। बरौली, छर्रा, खैर एवं इगलास से करीब 76 आवेदन आए हैं। बरौली विधान सभा क्षेत्र से ठाकुर जयवीर सिंह एवं विधायक दलवीर सिंह के पौत्र अजय सिंह के के अतिरिक्त अन्य कई नेताओं के आवेदन आए हैं। महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत का कहना है कि शहर विधान सभा क्षेत्र से 28 और कोल विधान सभा क्षेत्र से 15 से अधिक आवेदन हैं। पार्टी सूत्रों पर भरोसा करें तो टिकट के गंभीर दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एक किए हुए हैं।
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मौर्य के पाला बदलने से अटकलों का बाजार गर्म
स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा पाला बदले जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोग कह रहे हैं कि इसका असर संगठन के फैसलों पर पड़ेगा। भाजपा टिकट को लेकर रक्षात्मक रुख अपना सकती है। वहीं कुछ लोग यह मान कर चल रहे हैं कि मौर्य के जाने से भाजपा के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
हमारे सात विधायक हैं और सातों ने शानदार काम किया है। टिकट का फैसला शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाता है। उनका जो भी फैसला होगा, सर्वमान्य है। स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोग आते-जाते रहते हैं। उनसे बड़े-बड़े नेता हमारे पास हैं।
- चौधरी ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
सपा : टिकट को लेकर उत्सुकता, कोल में ज्यादा जोड़तोड़
सपा में किस सीट से प्रत्याशी कौन होगा, किसे टिकट मिलेगा, इसको लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों की फर्जी सूची को हकीकत का जामा पहनाने की कोशिश जाती है। सच्चाई का पता करने पर फर्जी सूची पर फर्जी होने की मुहर लग जाती है। जब से चुनाव की घोषणा हुई है, तब से सपा खेमे में किसे टिकट मिलेगा। इस पर काफी विचार मंथन लोग कर रहे हैं। अगर फलां को टिकट मिल गया तो उसे कितना और कहां से वोट मिल सकता है, यह भी चर्चाएं होती रहती हैं। बहरहाल, शहर, कोल, छर्रा, अतरौली विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशियों की सूची काफी लंबी है। शहर, छर्रा व अतरौली में दावेदारों की सूची छोटी होने के कारण ज्यादा खींचतान नहीं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि इन तीनों पर लगभग सब कुछ फाइनल है। बस घोषणा होना बाकी है। हां, कोल पर दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होने के कारण ज्यादा खींचतान मची हुई है। प्रत्याशियों की काफी जोर आजमाइश चल रही है। इस सीट से अज्जू इशहाक, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान, सलमान शाहिद, शान मियां, ख्वाजा जिब्रान हसन, एसएम सगीर, उस्मान खान आदि हैं, जिन्होंने आवेदन कर रखा है। टिकट हासिल करने में पैरवी भी खूब लगाई जा रही है। सभी के अपने अपने प्रयास हैं। कोल पर नाम न फाइनल होने के कारण घोषणा में देरी हो रही है। ब्यूरो
सपा प्रत्याशियों की वायरल सूची को बताया फर्जी
अलीगढ़। विधानसभा चुनाव के लिए सपा प्रत्याशियों की सूची वायरल हो गई है। इस सूची को सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि यह सूची अधिकृत नहीं है, क्योंकि जो सूची जारी होगी, वह बाकायदा एक प्रक्रिया के तहत होगी। ब्यूरो
रालोद : 14 को होगी प्रत्याशियों की सूची जारी
अलीगढ़। रालोद के संभावित प्रत्याशियों ने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने के बजाय टिकट हासिल करने में ताकत झोंक रखी है। अपने काम और पैरवी के सहारे टिकट पाने की जोर आजमाइश कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष कालीचरन सिंह ने बताया कि 14 जनवरी को रालोद के प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त पर प्रत्याशियों की सूची जारी होने की प्रबल संभावना है। ब्यूरो
बसपा-कांग्रेस में भी चल रहा घोषणा का इंतजार
बसपा व कांग्रेस में भी टिकटों का इंतजार हो रहा है। बसपा में तो लगभग फाइनल है। दावेदारों ने खुद को सोशल मीडिया पर बिना प्रत्याशी लिखे प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस में भी घोषणा होना बाकी है। बसपा जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह व कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह इतना ही कहते हैं कि हाईकमान से ही सूची जारी होगी। ब्यूरो
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भाजपा में 100 से ज्यादा दावेदार
अलीगढ़। विधानसभा चुनाव 2022 के पहले भाजपा के नेता टिकट की जंग लड़ रहे हैं। कुछ तो इस इंतजार में बैठे है कि विधायक का टिकट कटने पर झट से लपक लेंगे। इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एक किए हुए हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में 100 से अधिक दावेदार टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा गुजरात मॉडल अपनाएगी। पिछले दो-तीन महीने से इसकी चर्चा हो रही है। इस मॉडल के अंतर्गत पचास प्रतिशत नए चेहरों पर दांव लगाया जाएगा। पार्टी द्वारा हर विधानसभा क्षेत्र की गोपनीय रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है। मंगलवार को नई दिल्ली में राज्य कोर ग्रुप के साथ केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट कटने के संकेत मिले हैं। इससे टिकट की आश लगाए नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनपद के छह विधानसभा क्षेत्रों में टिकट के 100 से अधिक दावेदार हैं। अतरौली से राज्यमंत्री संदीप सिंह सबसे प्रबल प्रत्याशी माने जा रहे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि अतरौली से कोई आवेदन नहीं है। बरौली, छर्रा, खैर एवं इगलास से करीब 76 आवेदन आए हैं। बरौली विधान सभा क्षेत्र से ठाकुर जयवीर सिंह एवं विधायक दलवीर सिंह के पौत्र अजय सिंह के के अतिरिक्त अन्य कई नेताओं के आवेदन आए हैं। महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत का कहना है कि शहर विधान सभा क्षेत्र से 28 और कोल विधान सभा क्षेत्र से 15 से अधिक आवेदन हैं। पार्टी सूत्रों पर भरोसा करें तो टिकट के गंभीर दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक एक किए हुए हैं।
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मौर्य के पाला बदलने से अटकलों का बाजार गर्म
स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा पाला बदले जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोग कह रहे हैं कि इसका असर संगठन के फैसलों पर पड़ेगा। भाजपा टिकट को लेकर रक्षात्मक रुख अपना सकती है। वहीं कुछ लोग यह मान कर चल रहे हैं कि मौर्य के जाने से भाजपा के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
हमारे सात विधायक हैं और सातों ने शानदार काम किया है। टिकट का फैसला शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाता है। उनका जो भी फैसला होगा, सर्वमान्य है। स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे लोग आते-जाते रहते हैं। उनसे बड़े-बड़े नेता हमारे पास हैं।
- चौधरी ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
सपा : टिकट को लेकर उत्सुकता, कोल में ज्यादा जोड़तोड़
सपा में किस सीट से प्रत्याशी कौन होगा, किसे टिकट मिलेगा, इसको लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों की फर्जी सूची को हकीकत का जामा पहनाने की कोशिश जाती है। सच्चाई का पता करने पर फर्जी सूची पर फर्जी होने की मुहर लग जाती है। जब से चुनाव की घोषणा हुई है, तब से सपा खेमे में किसे टिकट मिलेगा। इस पर काफी विचार मंथन लोग कर रहे हैं। अगर फलां को टिकट मिल गया तो उसे कितना और कहां से वोट मिल सकता है, यह भी चर्चाएं होती रहती हैं। बहरहाल, शहर, कोल, छर्रा, अतरौली विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशियों की सूची काफी लंबी है। शहर, छर्रा व अतरौली में दावेदारों की सूची छोटी होने के कारण ज्यादा खींचतान नहीं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि इन तीनों पर लगभग सब कुछ फाइनल है। बस घोषणा होना बाकी है। हां, कोल पर दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होने के कारण ज्यादा खींचतान मची हुई है। प्रत्याशियों की काफी जोर आजमाइश चल रही है। इस सीट से अज्जू इशहाक, पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान, सलमान शाहिद, शान मियां, ख्वाजा जिब्रान हसन, एसएम सगीर, उस्मान खान आदि हैं, जिन्होंने आवेदन कर रखा है। टिकट हासिल करने में पैरवी भी खूब लगाई जा रही है। सभी के अपने अपने प्रयास हैं। कोल पर नाम न फाइनल होने के कारण घोषणा में देरी हो रही है। ब्यूरो
सपा प्रत्याशियों की वायरल सूची को बताया फर्जी
अलीगढ़। विधानसभा चुनाव के लिए सपा प्रत्याशियों की सूची वायरल हो गई है। इस सूची को सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि यह सूची अधिकृत नहीं है, क्योंकि जो सूची जारी होगी, वह बाकायदा एक प्रक्रिया के तहत होगी। ब्यूरो
रालोद : 14 को होगी प्रत्याशियों की सूची जारी
अलीगढ़। रालोद के संभावित प्रत्याशियों ने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने के बजाय टिकट हासिल करने में ताकत झोंक रखी है। अपने काम और पैरवी के सहारे टिकट पाने की जोर आजमाइश कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष कालीचरन सिंह ने बताया कि 14 जनवरी को रालोद के प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त पर प्रत्याशियों की सूची जारी होने की प्रबल संभावना है। ब्यूरो
बसपा-कांग्रेस में भी चल रहा घोषणा का इंतजार
बसपा व कांग्रेस में भी टिकटों का इंतजार हो रहा है। बसपा में तो लगभग फाइनल है। दावेदारों ने खुद को सोशल मीडिया पर बिना प्रत्याशी लिखे प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है। कांग्रेस में भी घोषणा होना बाकी है। बसपा जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह व कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह इतना ही कहते हैं कि हाईकमान से ही सूची जारी होगी। ब्यूरो