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यूपी बोर्ड : बार-बार प्रश्नों का हल निकालकर करें प्रैक्टिस
Sat, 27 Dec 2025 02:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 27 Dec 2025 02:12 AM IST
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यूपी बोर्ड की फरवरी माह में प्रस्तावित परीक्षा के लिए हाईस्कूल व इंटर के छात्र-छात्राएं इन-दिनों जी-जान से तैयारी में जुटे हैं। शिक्षक भी उन्हें तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दे रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एसआरजी (विषय विशेषज्ञ) गणित धीरेंद्र सिंह ने भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए हैं।
उन्होंने बताया कि गणित केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का विषय नहीं है, बल्कि यह तर्कशक्ति, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास को विकसित करने का माध्यम है। इसके बावजूद अनेक विद्यार्थी गणित को कठिन मानकर उससे दूरी बना लेते हैं। वास्तव में गणित कठिन नहीं, बल्कि उसकी तैयारी की सही विधि न जानने के कारण यह कठिन प्रतीत होता है।
गणित में सफलता के लिए सबसे पहले नियमितता आवश्यक है। रोजाना कम से कम 45-60 मिनट गणित पढ़ना लंबे समय तक कभी-कभार पढ़ने से कहीं अधिक प्रभावी होता है। पढ़ाई हमेशा शांत मन और एकाग्रता के साथ करनी चाहिए।
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गणित की तैयारी के प्रभावी तरीके
-अवधारणा स्पष्ट करें कि किसी भी अध्याय को पढ़ते समय पहले यह समझें कि वह अध्याय क्या कह रहा है। सूत्र क्यों बने हैं, यह समझना बहुत जरूरी है। बिना समझे रटा हुआ ज्ञान परीक्षा में काम नहीं आता।
-एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक को आधार बनाएं, सभी बोर्डों की परीक्षाओं में मूल प्रश्न पाठ्य पुस्तकों से ही बनते हैं। पहले उदाहरण और अभ्यास प्रश्न अच्छी तरह हल करें।
-उदाहरण स्वयं हल करें, केवल हल देखकर समझना पर्याप्त नहीं है। हर प्रश्न को कॉपी पर स्वयं हल करने का प्रयास करें। यहीं से आत्मविश्वास बढ़ता है।
-जिन प्रश्नों में बार-बार गलती होती है, उन्हें अलग से नोट करें। परीक्षा से पहले इन्हें दोहराने से वही गलती दोबारा नहीं होगी।
-सूत्रों की सूची बनाएं, प्रत्येक अध्याय के महत्वपूर्ण सूत्र एक अलग कॉपी में लिखें और समय-समय पर दोहराते रहें।
-नियमित पुनरावृत्ति, पढ़ा हुआ विषय यदि दोहराया नहीं गया तो भूलना निश्चित है। हर सप्ताह पुराने अध्यायों की पुनरावृत्ति करें।
-समयबद्ध अभ्यास, घर पर प्रश्न हल करते समय समय सीमा तय करें। इससे परीक्षा में समय प्रबंधन की समस्या नहीं होगी।
-जो समझ में न आए, उसे तुरंत अपने शिक्षक से पूछें। संदेह को दबाने से विषय और कठिन हो जाता है।
-पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, इससे प्रश्नों के स्वरूप, कठिनाई स्तर और समय प्रबंधन का सही अंदाजा मिलता है।
-सकारात्मक सोच बनाए रखें, मुझसे गणित नहीं होगी जैसी सोच सबसे बड़ी बाधा है। आत्मविश्वास के साथ किया गया अभ्यास ही सफलता दिलाता है।
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उन्होंने बताया कि गणित केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का विषय नहीं है, बल्कि यह तर्कशक्ति, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास को विकसित करने का माध्यम है। इसके बावजूद अनेक विद्यार्थी गणित को कठिन मानकर उससे दूरी बना लेते हैं। वास्तव में गणित कठिन नहीं, बल्कि उसकी तैयारी की सही विधि न जानने के कारण यह कठिन प्रतीत होता है।
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गणित में सफलता के लिए सबसे पहले नियमितता आवश्यक है। रोजाना कम से कम 45-60 मिनट गणित पढ़ना लंबे समय तक कभी-कभार पढ़ने से कहीं अधिक प्रभावी होता है। पढ़ाई हमेशा शांत मन और एकाग्रता के साथ करनी चाहिए।
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गणित की तैयारी के प्रभावी तरीके
-अवधारणा स्पष्ट करें कि किसी भी अध्याय को पढ़ते समय पहले यह समझें कि वह अध्याय क्या कह रहा है। सूत्र क्यों बने हैं, यह समझना बहुत जरूरी है। बिना समझे रटा हुआ ज्ञान परीक्षा में काम नहीं आता।
-एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक को आधार बनाएं, सभी बोर्डों की परीक्षाओं में मूल प्रश्न पाठ्य पुस्तकों से ही बनते हैं। पहले उदाहरण और अभ्यास प्रश्न अच्छी तरह हल करें।
-उदाहरण स्वयं हल करें, केवल हल देखकर समझना पर्याप्त नहीं है। हर प्रश्न को कॉपी पर स्वयं हल करने का प्रयास करें। यहीं से आत्मविश्वास बढ़ता है।
-जिन प्रश्नों में बार-बार गलती होती है, उन्हें अलग से नोट करें। परीक्षा से पहले इन्हें दोहराने से वही गलती दोबारा नहीं होगी।
-सूत्रों की सूची बनाएं, प्रत्येक अध्याय के महत्वपूर्ण सूत्र एक अलग कॉपी में लिखें और समय-समय पर दोहराते रहें।
-नियमित पुनरावृत्ति, पढ़ा हुआ विषय यदि दोहराया नहीं गया तो भूलना निश्चित है। हर सप्ताह पुराने अध्यायों की पुनरावृत्ति करें।
-समयबद्ध अभ्यास, घर पर प्रश्न हल करते समय समय सीमा तय करें। इससे परीक्षा में समय प्रबंधन की समस्या नहीं होगी।
-जो समझ में न आए, उसे तुरंत अपने शिक्षक से पूछें। संदेह को दबाने से विषय और कठिन हो जाता है।
-पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, इससे प्रश्नों के स्वरूप, कठिनाई स्तर और समय प्रबंधन का सही अंदाजा मिलता है।
-सकारात्मक सोच बनाए रखें, मुझसे गणित नहीं होगी जैसी सोच सबसे बड़ी बाधा है। आत्मविश्वास के साथ किया गया अभ्यास ही सफलता दिलाता है।