फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Ultimatum to vacate Atrauli nagar palika shops

Aligarh News: दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम, जमा कारोबार ठप होने की बढ़ी टेंशन, एक दुकानदार की तबियत बिगड़ी

Sun, 06 Aug 2023 07:09 PM IST
चमन शर्मा भूपेंद्र चौधरी, अमर उजाला, अलीगढ़
भूपेंद्र चौधरी, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 06 Aug 2023 07:09 PM IST
सार

अतरौली नगर पालिका की दुकानों को खाली कराने की सूचना से कई दुकानदारों की तो भूख गायब है जो खाना भी नहीं खा पा रहे। साइबर कैफे संचालक हिमांशु की इस बात को लेकर रविवार को तबियत भी खराब हो गई उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

विज्ञापन
Ultimatum to vacate Atrauli nagar palika shops
अतरौली नगर पालिका कार्यालय के नीचे बनीं दुकानें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अतरौली नगर पालिका की दुकानें खाली करने का प्रशासन द्वारा सोमवार तक दिए समय को लेकर दुकानदार बेहद परेशान हैं। दुकानदारों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर वह क्या करें अपने हाथों से कैसे अपने जमे हुए कारोबार को ठप करें। दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका की गलती का खामियाजा आखिर उनको क्यों उठाना पड़ रहा है?

विज्ञापन


नगर पालिका कार्यालय के नीचे 39 दुकानें बनी हुई हैं। इनमें से 12 दुकानों का आवंटन वर्ष 2009-10 में हुआ था और शेष दुकानों का आवंटन नगर पालिका द्वारा 2014 में किया गया था। व्यापारियों ने नगर पालिका द्वारा बताए गए नियम शर्तों का पालन करते हुए दुकानें ली थीं। वहीं कस्बा निवासी अंशुल भारद्वाज ने  नियम कानूनों को ताक पर रखते हुए आवंटन करने की शिकायत शासन में की थी।
विज्ञापन


जांच के दौरान 32 दुकानों का आवंटन गलत मानते हुए अधिकारियों ने दुकानें निरस्त कर दीं। एसडीएम को अध्यक्ष, सीओ व ईओ को सदस्य बनाते हुए दुकानें खाली कराने का आदेश दिया। एसडीएम ने दुकानदारों को आज सोमवार तक दुकानें खाली करने का समय दिया है। चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक स्वत: दुकानें खाली नहीं कीं तो प्रशासन पुलिस के साथ दुकानें खाली कराएगा। इसे लेकर दुकानदारों में खल बली मची हुई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जगह-जगह मदद की गुहार लगा रहे दुकानदार 

पूर्व सभासद गीता देवी, अंशु भारद्वाज, नितिन भारद्वाज, राजू प्रधान, मुकेश लोधी आदि दुकानदार एटा सांसद राजवीर सिंह भी मिले और मदद की गुहार लगाई। दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका ने जो नियम शर्तें दीं उनका पालन करते हुए प्रीमियम जमा कर दुकानें आवंटित कराई थीं और उनमें व्यापार शुरू किया। 10 से 12 वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद दुकानदारों ने कारोबार जमाया। ज्यादातर व्यापारियों की आय का जरिया इन्हीं दुकानों से है और परिवार पल रहा है। नगर पालिका ने यदि किसी नियम शर्त की गलती की तो इसमें उनका क्या दोष है। 

व्यापर ठप हो जाने की स्थिति में कई परिवार बर्बादी के कगार पर और भूखों मरने की नौवत तक आ जाएगी। दुकानदार रो रहे हैं कि भले ही प्रशासन ने आदेश दिया हो तब भी अपने हाथों से भी अपना करोबार बंद नहीं कर सकते और प्रशासन जबरन दुकानें खाली कराएगा तो भी रोजी रोटी हाथ से जाएगी आखिर वो करें तो करें क्या? इसे लेकर वह जगह जगह मदद की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि इस प्रकरण को दुकानदारों ने हाईकोर्ट में भी रिट दायर कर दी है जिस पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।   

दुकान खाली करने की सूचना पर एक की हालत बिगड़ी
इन 32 दुकानों में बुक सेलर, परचून, कंप्यूटर रिपेयरिंग्र कॉस्मेटिक, शादी कार्ड्स, साइबर कैफे, डिश टीवी, ग्राहक सेवा केंद्र, मिनी बैंक, किराना आदि कारोबार संचालित हैं। दुकानें खाली कराने की सूचना से कई दुकानदारों की तो भूख गायब है जो खाना भी नहीं खा पा रहे। साइबर कैफे संचालक हिमांशु की इस बात को लेकर रविवार को तबियत भी खराब हो गई उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed