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उदय राम के डीएम बने मददगार, दिए पांच हजार
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एटा चुंगी के पास गोविंद नगर में नाला किनारे झोपड़ी में रहने वाले कुम्हार उदय राम की खुशी का ठिकाना उस वक्त नहीं रहा जब जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने उनके हाथों में पांच हजार रुपये का चेक थमाया और मातहतों को निर्देश दिया कि कलेक्ट्रेट की कैंटीन में उदय राम द्वारा बनाए गए कुल्हड़ में ही चाय परोसी जाएगी। यह सुनते ही उनकी आंखों में आंसू छलक आए।
बीते दिनों लगातार बारिश से उदय राम व उनके परिवार द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तन खराब हो गए थे। त्योहार में उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था। उनके इसी दर्द को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका संज्ञान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने लिया।
जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा को निर्देशित किया कि वह उदय राम के घर जाकर खबर की वास्तविकता की जांच करें। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने घर पहुंचकर उदय राम प्रजापति का हाल-चाल जाना और पीड़ा सुनकर अपनी सरकारी गाड़ी से उन्हें कलेक्ट्रेट लेकर आए। जिलाधिकारी ने उदय राम को ढांढस बंधाया।
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उदय राम ने बताया कि मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य विरासत में मिला है। अभी त्योहारी सीजन के चलते काफी मात्रा में मिट्टी के बर्तन और दीये बनाए थे, बाजार से उम्मीदें थीं लेकिन बेमौसम बारिश ने उनके सारे अरमानों को धो दिया।
अब परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है। इस पर जिलाधिकारी ने उदय राम को लोकवाणी के मद से पांच हजार रुपये का चेक दिया और भरोसा दिलाया कि वे गोविंद नगर में हुए जलभराव से निजात दिलाने के साथ ही हरसंभव मदद कराएंगे। उन्होंने कलेक्ट्रेट की कैंटीन में उदयराम के बनाए गए मिट्टी के कुल्हड़ों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
खेतों से पानी की निकासी के लिए दिए 10 हजार रुपये
भारी बारिश एवं जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कलेक्ट्रेट में गभाना तहसील के गांव मदनपुर छबीला के प्रगतिशील किसान राजवीर सिंह अपने कुछ साथी किसानों के साथ डीएम से मिले।
उन्होंने बताया कि बेमौसम बारिश से खेतों में धान की फसल डूब गई है। जलभराव से फसल को नुकसान हुआ है, यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो नुकसान और अधिक होगा। डीएम ने लोकवाणी मद से किसानों को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद करते हुए कहा कि वह इससे पाइप खरीद कर खेतों का पानी निकलवाएं।
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बीते दिनों लगातार बारिश से उदय राम व उनके परिवार द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तन खराब हो गए थे। त्योहार में उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था। उनके इसी दर्द को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका संज्ञान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने लिया।
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जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा को निर्देशित किया कि वह उदय राम के घर जाकर खबर की वास्तविकता की जांच करें। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने घर पहुंचकर उदय राम प्रजापति का हाल-चाल जाना और पीड़ा सुनकर अपनी सरकारी गाड़ी से उन्हें कलेक्ट्रेट लेकर आए। जिलाधिकारी ने उदय राम को ढांढस बंधाया।
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उदय राम ने बताया कि मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य विरासत में मिला है। अभी त्योहारी सीजन के चलते काफी मात्रा में मिट्टी के बर्तन और दीये बनाए थे, बाजार से उम्मीदें थीं लेकिन बेमौसम बारिश ने उनके सारे अरमानों को धो दिया।
अब परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है। इस पर जिलाधिकारी ने उदय राम को लोकवाणी के मद से पांच हजार रुपये का चेक दिया और भरोसा दिलाया कि वे गोविंद नगर में हुए जलभराव से निजात दिलाने के साथ ही हरसंभव मदद कराएंगे। उन्होंने कलेक्ट्रेट की कैंटीन में उदयराम के बनाए गए मिट्टी के कुल्हड़ों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
खेतों से पानी की निकासी के लिए दिए 10 हजार रुपये
भारी बारिश एवं जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कलेक्ट्रेट में गभाना तहसील के गांव मदनपुर छबीला के प्रगतिशील किसान राजवीर सिंह अपने कुछ साथी किसानों के साथ डीएम से मिले।
उन्होंने बताया कि बेमौसम बारिश से खेतों में धान की फसल डूब गई है। जलभराव से फसल को नुकसान हुआ है, यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो नुकसान और अधिक होगा। डीएम ने लोकवाणी मद से किसानों को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद करते हुए कहा कि वह इससे पाइप खरीद कर खेतों का पानी निकलवाएं।