फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Two thousand students will gather at AMU Circle

AMU: यूनिवर्सिटी में आरक्षण पर गरमाई सियासत, 26 नवंबर को एएमयू सर्किल पर जुटेंगे दो हजार छात्र

Fri, 15 Nov 2024 04:50 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 15 Nov 2024 04:50 PM IST
सार

छात्रनेता बल्देव चौधरी और जय यादव ने कहा कि सर सैयद और एएमयू भारत के विभाजन के जिम्मेदार हैं। हिंदू छात्र नेताओं ने इसे देशव्यापी अभियान बनाने का ऐलान किया है। आरक्षण की मांग को लेकर 26 नवंबर को एएमयू सर्किल पर दो हजार हिंदू छात्र जुटेंगे।

विज्ञापन
Two thousand students will gather at AMU Circle
एएमयू आरक्षण संघर्ष मोर्चा की पत्रकार वार्ता - फोटो : संवाद

विस्तार

अल्पसंख्यक दर्जे पर सुप्रीम फैसले के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में आरक्षण पर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री समेत कई कॉलेजों के छात्रों ने यहां आरक्षण की वकालत की है। इसको लेकर 26 नवंबर को लगभग दो हजार छात्र एएमयू सर्किल पर जुटेंगे।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय में आरक्षण की आवाज मुखर करने के लिए आरक्षण संघर्ष मोर्चा बनाया गया, जो पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगा। मोर्चा के सदस्यों ने एएमयू और सर सैयद को देश के विभाजन का जिम्मेदार ठहराया है। छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा कि एएमयू में एससी-एसटी और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण दिलाकर रहेंगे। छात्र नेता अर्जुन सिंह भोलू ने कहा कि एएमयू किसी विशेष धर्म की संस्था नहीं है। यह भारत के आम नागरिकों के टैक्स से संचालित संस्थान है। अगर एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप मिलता है तो एससी-एसटी व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण भी नहीं मिल पाएगा।
विज्ञापन


छात्रनेता बल्देव चौधरी और जय यादव ने कहा कि सर सैयद और एएमयू भारत के विभाजन के जिम्मेदार हैं। हिंदू छात्र नेताओं ने इसे देशव्यापी अभियान बनाने का ऐलान किया है। आरक्षण की मांग को लेकर 26 नवंबर को एएमयू सर्किल पर दो हजार हिंदू छात्र जुटेंगे। छात्र नेता संजू बजाज ने कहा कि किसी कीमत पर एएमयू को मजहबी अड्डा नहीं बनने देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सर सैयद अहमद की मृत्यु 1898 में हो गई थी। उस समय देश विभाजन की कोई बात नहीं थी। हालांकि, इस मसले पर इतिहासकारों ने कई किताबें लिखी हैं। इसलिए विभाजन को लेकर दो वाक्यों में टिप्पणी नहीं कही जा सकती। न ही उसके मूल तत्व को समझा जा सकता है। - प्रो. आसिम सिद्दीकी, प्रभारी, जनसंपर्क कार्यालय, एएमयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed