Aligarh: अलीगढ़ जहरीली शराब कांड में पहला फैसला, कोर्ट ने दो तस्करों को सुनाई पांच-पांच साल कैद की सजा
यह फैसला इस कांड के सूचीबद्ध 29 मुकदमों की सुनवाई कर रहे एडीजे-आठ अशोक भारतेंदु की अदालत ने सुनाया है। यह इस कांड से जुड़े वे दो मुकदमे हैं, जिनमें सबसे पहले फैसला आया है।
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लंबे समय तक सुर्खियों में रहे जिले के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के बाद गिरफ्तार किए गए दो तस्करों को अदालत ने मिलावटी शराब तस्करी की धाराओं में पांच-पांच साल की कैद और 11-11 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला इस कांड के सूचीबद्ध 29 मुकदमों की सुनवाई कर रहे एडीजे-आठ अशोक भारतेंदु की अदालत ने सुनाया है। यह इस कांड से जुड़े वे दो मुकदमे हैं, जिनमें सबसे पहले फैसला आया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार लोधा थाने पर दर्ज हुए दो मुकदमों में एक में पवन उर्फ पिंटू निवासी जिरौली डोर व दूसरे में धर्मेंद्र निवासी जिरौली डोर दोषी हैं।
दोनों मुकदमों में आरोपियों से नौ 9 जून 2021 की रात अवैध शराब, गुड इवनिंग ब्रांड के रैपर, ढक्कन आदि बरामद होने का आरोप है। दोनों में चार्जशीट दायर की गई। बरामद शराब की जांच में मिथाइल अल्कोहल पाया गया था। इस रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि यह भी उसी तरह की शराब थी, जो जहरीली शराब कांड में मौत का कारण बनी। चार्जशीट के आधार पर दोनों के खिलाफ एक साथ न्यायालय में ट्रायल चला और सात गवाहों की गवाही हुई। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोनों को सजा सुनाई गई है। इसी मुकदमे में शनिवार को सजा की तारीख नियत थी। दोनों के हाजिर न होने के कारण अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। पुलिस ने बुधवार को इन्हें पेश किया और सजा सुनाई गई। दोनों को जेल भेज दिया गया।
126 परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया था कांड
27 मई 2021 की देर शाम से मिलावटी शराब ने जिले में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि प्रदेश भर में हायतौबा मच गई। पहले दिन 22 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 10 दिन तक मौतों का सिलसिला जारी रहा था। रिकार्ड में जरूर मौत 106 दर्ज हैं। मगर इस कांड ने 126 परिवारों के जीवन की हंसी-खुशी छीन ली।
आरोपियों की ओर से केस स्थानांतरण की अर्जी दायर
इसी न्यायालय में तीन मुख्य आरोपियों से जुड़े तीन अन्य मुकदमे भी निर्णय की दहलीज पर पहुंच गए हैं। डीजीसी फौजदारी चौ. जितेंद्र सिंह के अनुसार मुख्य आरोपियों व घोषित माफिया सूची में शामिल ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा व मदन गोपाल से जुड़े तीन मुकदमे इसी न्यायालय में अंतिम स्टेज पर हैं। इनके अधिवक्ताओं की ओर से सत्र न्यायालय में ट्रांसफर अर्जी दायर की गई है, जिसके चलते उनके तीन मुकदमों में सुनवाई टल गई है। अब उन पर 16 अप्रैल के बाद कोई प्रक्रिया होगी।