मुहर्रम का जुलूस: देखने पहुंची दो बहनों से छेड़खानी, बचाव में आए युवक को बेरहमी से पीटा, मुकदमा दर्ज
मुहर्रम के जुलूस को देख रहीं दो बहनों के साथ कुछ युवकों ने छेड़खानी की। उनका बुर्का तक खींच दिया। युवकों को एक अन्य युवक ने रोका तो, उसे भी युवकों ने बुरी तरह से पीट दिया।
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अलीगढ़ महानगर के देहली गेट के संवेदनशील मिश्रित आबादी वाले हाथी पुल इलाके में 6 जुलाई दोपहर मुहर्रम के जुलूस के बीच दो बहनों संग छेड़खानी की गई। बचकर भागती बहनों का युवकों ने पीछा कर बुर्का तक खींच लिया। बीचबचाव में आए बाइक सवार युवक कपिल को बेरहमी से पीटा गया। उसकी बाइक क्षतिग्रस्त कर दी। इतना ही नहीं उस पर पत्थर फेंके गए। कपिल ने मुहल्ले के ही एक घर में घुसकर अपनी जान बचाई।
हाथी पुल के नीचे रहने वाले मुस्लिम परिवार की महिला दोपहर में अपनी दो बेटियों संग ताजिये का जुलूस देखने पुल के ऊपर आकर खड़ी हो गईं। आरोप है जुलूस निकल चुका था। तभी उसके पीछे-पीछे ऊपरकोट की ओर से सब्जी वाले का बेटा सलमान व उसके दस-पंद्रह साथी यहां आ गए। उन्होंने दोनों बहनों से छींटाकशी शुरू कर दी। यह देख महिला दोनों बेटियों को लेकर पूल से नीचे उतरी तो युवक पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गए। अश्लील हरकत करते हुए बुर्का तक खींच लिया।
इस पर बहनों ने शोर मचाया। तभी वहां से बनियापाड़ा का कपिल यादव नाम का युवक बाइक से जा रहा था। वह युवकों की हरकत देख रुक गया। उसने युवकों को टोका तो आरोपियों ने कपिल के साथ गाली देते हुए अभद्रता कर दी। जब कपिल ने विरोध किया तो उन्होंने डंडे से उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उसकी बाइक खींचकर ले गए। उसमें तोड़फोड़ कर दी। किसी तरह कपिल उनसे छूटकर भागा तो उस पर पीछे से पथराव कर दिया। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
खबर पर पुलिस पहुंच गई। युवतियां तहरीर देने थाने पहुंच गईं, मगर कपिल ने खुद को घर में बंद कर लिया। बाद में लोगों के आने पर कपिल बाहर निकला। इस मामले में एक तहरीर युवतियों की मां ने व एक तहरीर कपिल की ओर से थाने में दी गई है। इसमें बाइक ले जाने का आरोप है। सीओ प्रथम एएसपी मयंक पाठक के अनुसार एक ही समुदाय के युवकों ने छेड़खानी की थी। बचाव में आए युवक को पीटा गया। पथराव के साक्ष्य नहीं मिले हैं। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्जकर आरोपियों को तलाशा जा रहा है।
दहशत में रहा कपिल, कांपते रहे हाथ
कपिल को युवकों ने इस कदर बेरहमी से पीटा कि वह काफी देर तक दहशत में रहा। जब उसे लोगों ने बाहर निकाला तो उसके हाथ पांव कांप रहे थे। काफी देर तक तो वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। बाद में लोगों व पुलिस ने उसे तसल्ली दी, तब कुछ राहत में आया।