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Aligarh News: प्रेमानंद महाराज को स्नान कराने के लिए महाकुंभ से त्रिवेणी का जल ला रहे दो मित्र
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वृंदावन के प्रेमानंद महाराज को स्नान कराने के लिए टप्पल ब्लॉक के दो मित्र महाकुंभ से जल लेकर पैदल आएंगे। दो कलशों में त्रिवेणी का जल लेकर आ रहे दोनों युवक करीब 21 दिन में 620 किमी की पैदल यात्रा कर वृंदावन पहुंचेंगे।
जानकारी के मुताबिक टप्पल ब्लॉक के गांव हजियापुर निवासी रोहित मालान (25) पुत्र जितेंद्र सिंह उर्फ पप्पू प्रधान व गौरव मालान (26) पुत्र लक्ष्मण सिंह हजियापुर (प्रसिद्ध रागिनी गायक) ने 1 फरवरी को प्रयागराज महाकुंभ से प्रेमानंद महाराज के नाम से दो कलश जल भरा है।
फोन पर हुई बातचीत में रोहित ने बताया कि प्रेमानंद महाराज ने सोशल मीडिया में एक रील में महाकुंभ जाने की असमर्थता जताते हुए वृंदावन में ही रहने की बात कही थी, जिसे देख मन में संकल्प लिया कि महाराज वृंदावन छोड़कर नहीं जा सकते तो वे उनके लिए पैदल जल लेकर आएंगे।
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इस संकल्प पर मित्र गौरव मालान और परिजनों का साथ मिला तो वे हजियापुर से निकल पड़े। यात्रा को सकुशल 8 दिन बीत चुके हैं। पूरी पैदल यात्रा करीब 620 किलोमीटर की है, जो 21 दिन में पूरी होगी।
वे इस जल से प्रेमानंद महाराज को वृंदावन स्थित उनके आश्रम जाकर स्नान कराना चाहते हैं। इसके बाद गोपेश्वर मंदिर और फिर अपने गांव हजियापुर के श्रीराम मंदिर में शेष जल चढ़ाएंगे। यात्रा के दौरान दोनों मित्रों ने प्रेमानंद के पैतृक गांव आखिरी, तहसील नरवल, जिला कानपुर में भ्रमण किया और महाराज के परिजनों से मुलाकात की।
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जानकारी के मुताबिक टप्पल ब्लॉक के गांव हजियापुर निवासी रोहित मालान (25) पुत्र जितेंद्र सिंह उर्फ पप्पू प्रधान व गौरव मालान (26) पुत्र लक्ष्मण सिंह हजियापुर (प्रसिद्ध रागिनी गायक) ने 1 फरवरी को प्रयागराज महाकुंभ से प्रेमानंद महाराज के नाम से दो कलश जल भरा है।
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फोन पर हुई बातचीत में रोहित ने बताया कि प्रेमानंद महाराज ने सोशल मीडिया में एक रील में महाकुंभ जाने की असमर्थता जताते हुए वृंदावन में ही रहने की बात कही थी, जिसे देख मन में संकल्प लिया कि महाराज वृंदावन छोड़कर नहीं जा सकते तो वे उनके लिए पैदल जल लेकर आएंगे।
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इस संकल्प पर मित्र गौरव मालान और परिजनों का साथ मिला तो वे हजियापुर से निकल पड़े। यात्रा को सकुशल 8 दिन बीत चुके हैं। पूरी पैदल यात्रा करीब 620 किलोमीटर की है, जो 21 दिन में पूरी होगी।
वे इस जल से प्रेमानंद महाराज को वृंदावन स्थित उनके आश्रम जाकर स्नान कराना चाहते हैं। इसके बाद गोपेश्वर मंदिर और फिर अपने गांव हजियापुर के श्रीराम मंदिर में शेष जल चढ़ाएंगे। यात्रा के दौरान दोनों मित्रों ने प्रेमानंद के पैतृक गांव आखिरी, तहसील नरवल, जिला कानपुर में भ्रमण किया और महाराज के परिजनों से मुलाकात की।