Aligarh News: पुलिस मुठभेड़ के दौरान भैंस चोरी में संलिप्त दो शातिर गिरफ्तार, दोनों गोली लगने से हुए घायल
अलीगढ़ की इगलास थाना पुलिस, स्वॉट, सर्विलांस की टीमों ने ने मुठभेड़ में दो पशु चोरों को गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं।
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इगलास कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने 16 जुलाई रात को पशु चोर गिरोह के सदस्य दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। दोनों के पैर में पुलिस की गोली लगी है। इनमें एक बदमाश सोमवीर पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। गिरफ्तार बदमाशों में सोमवीर उर्फ सुल्ला गांव कन्होई थाना गभाना और युनुस गांव दरियापुर थाना जवां क्षेत्र का रहने वाला है। इनका पुलिस हिरासत में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सीओ महेश कुमार ने बताया कि 16 जुलाई रात करीब ढाई बजे अलीगढ़ रोड स्थित डबल नहर पर बाइक सवार दो संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया था। वह रुकने के बजाय भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो हड़बड़ाहट में इनकी बाइक फिसलकर गिर गई। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें कस्बा इंचार्ज दरोगा रामेश्वर सिंह, कांस्टेबिल जबर सिंह बच गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लग गई।
सीओ ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का संगठित गिरोह है और वह भैंस चोरी के अलावा अन्य चोरी की वारदात को भी अंजाम देते हैं। इन्होंने कई घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया है। सोमवीर का भाई कुलदीप और करथला का सत्यपाल भी इस गिरोह में शामिल है। सोमवीर पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
कोतवाल नरेन्द्र यादव ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों पर डेढ़ दर्जन से अधिक मामले जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। गैंग के फरार अन्य बदमाशों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बदमाशों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, सत्रह हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
इगलास क्षेत्र के कई गांवों से की हैं भैंस चोरी की वारदात
पुलिस के अनुसार बदमाशों ने लालपुर, मोहनपुर और नई तहसील के पीछे से कई भैंस चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। चोरी से पहले गिरोह के सदस्य गांवों में जाकर रेकी करते हैं। काफी समय से पुलिस इनकी तलाश में थी।
एक लाख की भैंस को बेच देते हैं 20 हजार में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि वह भैंस चोरी करने के बाद खेतों से होकर चले जाते थे। करथला के सत्यपाल को उसका कमीशन काटकर 20 हजार रुपये में बेच देते हैं। सत्यपाल उन्हें आगे किसी अन्य को बेच देता था।