अलीगढ़ का विकास: कागजों में बुलंद, धरातल पर काम बेहद मंद, दो साल से लटकी 10 अरब की विकास परियोजनाएं
अलीगढ़ जिले के अलग अलग हिस्सों के चल रहे ऐसे 10 अरब के प्रोजेक्ट हैं जिन पर काम बहुत सुस्ती से हो रहा है। जबकि शासन स्तर से बजट जारी हो गए।
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कहीं ओवरब्रिज बनना है तो कहीं अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत तालाब खोदे जाने हैं। ग्रेटर अलीगढ़ योजना को बसाने का प्रोजेक्ट भी एक तरह से रेंग ही रहा है। डिफेंस कॉरिडोर में भी अभी तक तीन कंपनियां ही काम शुरू कर पाईं हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में भी केवल प्लाट ही कट पाए हैं। बसावट कब होगी कोई नहीं जानता। अलीगढ़ पुनर्गठन पेयजल योजना भी अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई। जिले के अलग अलग हिस्सों के चल रहे ऐसे 10 अरब के प्रोजेक्ट हैं जिन पर काम बहुत सुस्ती से हो रहा है। जबकि शासन स्तर से बजट जारी हो गए।
जिले में निर्माण कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। कुछ जगह तो तकनीकी कारणों से काम अटका है, जिसे जल्द हल करा लेंगे। अन्य जगहों पर प्राथमिकता तेजी से निर्माण की है। निर्माण में शिथिलता पर संंबंंधित एजेंसी पर जुर्माना भी लगाएंगे। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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1- स्मार्ट सिटी परियोजना-2018 से काम शुरू हुआ। कुल प्रोजेक्ट 960 करोड़ का है। सन 2024 तक 746 करोड़ रुपये के 32 काम पूरे करने का दावा किया गया। इनमें बड़ा काम कल्याण सिंह हैबीटेट सेंटर और आई ट्रिपल सी है, जिसमें एक जगह पर बैठकर पूरे शहर की निगरानी की जा सकती है।
2- एडीए की ग्रेटर अलीगढ़ योजना- लगभग 335 हेक्टेयर में फैली तीन चरणों में विकसित होने वाली,
इस योजना में पहले चरण में 2594 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं। खैर रोड के सात गांव में इस इंटीग्रेटेड टाउनशिप पर 738 करोड़ का बजट खर्च होना है। 50 प्रतिशत से अधिक भूमि की अब तक खरीद हो चुकी है। यह पूरी परियोजना भू परिवर्तन में अटकी है।
3- एडीए की ट्रांसपोर्ट नगर स्कीम- 85 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ट्रांसपोर्ट नगर में कुल 1900 भूखंड है। 1600 भूखंडों की नीलामी हो चुकी है। शेष 300 भूखंडों की नीलामी अटकी है। भूखंड पर कोई काबिज नहीं। आधारभूत ढांचे का अभाव।
4- डिफेंस कॉरीडोर - 90 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर 39 कंपनियां 3300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रही हैं। प्रदेश सरकार इस डिफेंस कॉरिडोर नोड को विकसित करने के लिए 122 करोड़ रुपये खर्च क रही है। पूरी तरह विकसित नहीं।
5- अलीगढ़ पुनर्गठन पेयजल योजना- 139 करोड़ की लागत, अभी पूरी तरह तैयार नहीं
6- अलीगढ़-पलवल के बीच मालव पर नदी के ऊपर पुल निर्माण 110 करोड़ रुपये से होना है। 40 फीसदी ही काम हुआ। लंबे समय से काम रुका है।
7- छेरत में 59 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा पुलिस लाइन और ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य 50 फीसदी ही पूरा हुआ है।
8- आश्रम पद्धति विद्यालय अलहदादपुर- 25 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट 60 फीसदी ही पूरा हुआ है।
9- अलीगढ़ नगर निगम सीमा पेयजल योजना- 125 करोड़ रुपये की योजना 28 फीसदी ही काम। (दिसंबर2025 में पूरा होना है)
10- अलीगढ़-अनूपशहर मार्ग पर 38 करोड़ रुपये की लागत से अलीगढ़-बरेली रेल सेक्शन पर 2 लेन फ्लाई ओवर का निर्माण। दिसंबर 2024 में पूरा होना था। अभी 80 फीसदी निर्माण, काम रुका हुआ है।
- क्वार्सी चौराहा - यहां पर सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए। लेकिन काम पूरा होने के कुछ समय बाद ही फ्लाई ओवर बनाने के लिए सब कुछ उखाड़ दिया गया। 25 करोड़ रुपये बर्बाद गए। अब 71 करोड़ से फ्लाई ओवर बन रहा है। वह भी धीमी गति से।
- स्ट्राम वाटर ड्रेनेज- 27 करोड़ खर्च, अधिकांश स्थानों पर नाले चोक हैं।
- 30 वेंडिंग जोन- 9 करोड़ की लागत से बनाए, 60 फीसदी वीरान पड़े हैं।
- स्वास्थ्य एटीएम - 39 लाख रुपये से चार स्थानों पर हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। अब यह सभी एटीएम खराब हैं।
- एसटीपी प्लांट- मथुरा रोड पर 108 करोड़ रुपये से तैयार यह प्लांट पूरी तरह काम नहीं कर रहा।
- अलीगढ़ ड्रेन की सफाई- 1 करोड़ रुपये खर्च, नतीजा शून्य
- बारहद्वारी शॉपिंग कांप्लेक्स- 59 करोड़ का प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा।
- अमृत सरोवर योजना- 10 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अभी अधूरा