JNMC AMU: हड्डियों के ट्यूमर कार्टिलेजिनस का सटीकता से हो रहा इलाज, मिल रहे बेहतर परिणाम
अब जेएन मेडिकल कॉलेज में भी इस ट्यूमर का इलाज हो रहा है। डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट से निदान का नया मार्ग मिला है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने हाल ही में कार्टिलेजिनस ट्यूमर के वर्गीकरण में कई परिवर्तन किए हैं, जो निदान व उपचार के दृष्टिकोण को और अधिक वैज्ञानिक व व्यावहारिक बना रहे हैं।
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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में हड्डियों के जटिल ट्यूमर कार्टिलेजिनस के इलाज सटीकता से हो रहा है और परिणाम पहले से बेहतर मिल रहे है। ऐसा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के कार्टिलेजिनस ट्यूमर के वर्गीकरण में किए गए बदलावों के कारण संभव हो पाया है।
पैथोलॉजी विभाग की प्रो. निशात अफरोज कहती हैं कि अब जेएन मेडिकल कॉलेज में भी इस ट्यूमर का इलाज हो रहा है। डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट से निदान का नया मार्ग मिला है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने हाल ही में कार्टिलेजिनस ट्यूमर के वर्गीकरण में कई परिवर्तन किए हैं, जो निदान व उपचार के दृष्टिकोण को और अधिक वैज्ञानिक व व्यावहारिक बना रहे हैं।
नई प्रणाली में रेडियोलॉजिकल जांच, मॉलिक्यूलर (आणविक) लक्षणों और ट्यूमर की जीनोमिक विशेषताओं को ध्यान में रखा गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब केवल ऊतक की संरचना देखकर ट्यूमर का वर्गीकरण नहीं किया जाता, बल्कि जीन परीक्षण और इमेजिंग रिपोर्ट्स की सहायता से यह तय किया जाता है कि ट्यूमर कितना आक्रामक है और कौन-सा उपचार उपयुक्त होगा। डॉ. निशात ने पिछले दिनों जयपुर में आयोजित राजस्थान स्टेट पैथोलॉजी कॉन्फ्रेंस में भी इस विषय पर व्याख्यान दिया है।
भविष्य में होगा जेनेटिक मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल
प्रो. निशात अफरोज ने बताया कि डिजिटल पैथोलॉजी, एआई आधारित निदान और जेनेटिक मैपिंग जैसी तकनीकों का आने वाले वर्षों में व्यापक उपयोग होने की संभावना है। ट्यूमर के सही निदान के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन और ऑन्कोलॉजिस्ट का समन्वय अनिवार्य है।
क्या होता है कार्टिलेजिनस ट्यूमर
कार्टिलेजिनस ट्यूमर वह असामान्य वृद्धि होते हैं, जो हड्डी के भीतर या उसके आस-पास उत्पन्न होती हैं। बेनाइन (सौम्य), जैसे एन्होंड्रोमा या ऑस्टियोकोंड्रोमा, मेलिग्नेंट-जैसे कोंड्रोसारकोमा, ये काफी गंभीर और घातक हो सकते हैं।
हड्डियों का ट्यूमर होता है बेहद जटिल
ट्यूमर चिकित्सा जगत के लिए लंबे समय से एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहे हैं। बच्चों और युवाओं में यह सामने आते हैं, तब इनका सही समय पर निदान करना और उपचार सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।