{"_id":"5fd2825f8ebc3e3ec81e527a","slug":"traffic-light-timing-management-yet-countinue-aligarh-news-ali25082119","type":"story","status":"publish","title_hn":"168 घंटे बाद भी ट्रैफिक लाइट के हरे लाल टाइमर की सेटिंग जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
168 घंटे बाद भी ट्रैफिक लाइट के हरे लाल टाइमर की सेटिंग जारी
विज्ञापन
आशीष निगम, अलीगढ़।
1- सबसे व्यस्त सारसौल चौराहे पर पुरानी लाइटें बंद, नई लाइटें अभी तक नहीं लगीं
2- तिबिया कॉलेज से कलक्ट्रेट की ओर 20 सेकंड ग्रीन और 40 सेकंड की रेड लाइट
3- सारसौल से रसलगंज की ओर 25 सेकंड ग्रीन और 58 सेकंड की रेड लाइट
4- ओएलएफ-स्वर्णजयंती नगर तिराहा पर 14 सेकंड ग्रीन और 80 सेकंड की रेड लाइट
5- किशनपुर तिराहा पर भी 14 सेकंड की ग्रीन और 80 सेकंड की रेड लाइट
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के बीस प्रमुख चौराहों में इंटेलीजेंस ट्रैफि क मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित हुआ है, जिसमें लाल बत्ती के 40, 80 और 120 सेकंड सेट हैं। वहीं, हरी बत्ती के 14 से 20 सेकंड तय किए गए हैं। कहीं-कहीं पीली बत्ती भी 4 से 6 सेेकंड के लिए हैं। बड़ा सवाल ये है कि अभी तक वाहनों की संख्या और उनके गुजरने के समय के हिसाब से इसको सेट नहीं किया जा सका है। करोड़ों रुपये के इस सिस्टम में लगे आधुनिक कैमरे सेंसर से लैस हैं। कैमरों से फोटो खिंचते ही सेंसर वाहनों को गिन लेते हैं। कैमरे उनके वाहनों के आकार प्रकार से लेकर अंदर बैठे लोगों तक की पहचान कर लेते हैं लेकिन अभी तक वाहनों की संख्या के अनुसार इन ट्रैफिक लाइटों को पूरी दक्षता के साथ सेट नहीं किया जा सका है।
बीती दो दिसंबर को नगर निगम के स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने इस सिस्टम को संचालित करने के लिए यातायात पुलिस को सौंप दिया है। अब यातायात पुलिस चौराहों पर लगने वाली इन ट्रैफिक लाइटों के टाइमर वाहनों की संख्या के अनुसार सेट करने में लग गई है। दो दिसंबर से लगभग 168 घंटे बीत चुके हैं लेकिन सेकंडों का ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक, यातायात सतीश चंद्र इसका अध्ययन कर रहे हैं। जल्द ही इसको शहर की जरूरत के अनुसार सेट कर लिया जाएगा। इस लाइट से जाम को रोकने में मदद मिल रही है।
विज्ञापन
1- सबसे व्यस्त सारसौल चौराहे पर पुरानी लाइटें बंद, नई लाइटें अभी तक नहीं लगीं
2- तिबिया कॉलेज से कलक्ट्रेट की ओर 20 सेकंड ग्रीन और 40 सेकंड की रेड लाइट
3- सारसौल से रसलगंज की ओर 25 सेकंड ग्रीन और 58 सेकंड की रेड लाइट
4- ओएलएफ-स्वर्णजयंती नगर तिराहा पर 14 सेकंड ग्रीन और 80 सेकंड की रेड लाइट
5- किशनपुर तिराहा पर भी 14 सेकंड की ग्रीन और 80 सेकंड की रेड लाइट
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के बीस प्रमुख चौराहों में इंटेलीजेंस ट्रैफि क मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित हुआ है, जिसमें लाल बत्ती के 40, 80 और 120 सेकंड सेट हैं। वहीं, हरी बत्ती के 14 से 20 सेकंड तय किए गए हैं। कहीं-कहीं पीली बत्ती भी 4 से 6 सेेकंड के लिए हैं। बड़ा सवाल ये है कि अभी तक वाहनों की संख्या और उनके गुजरने के समय के हिसाब से इसको सेट नहीं किया जा सका है। करोड़ों रुपये के इस सिस्टम में लगे आधुनिक कैमरे सेंसर से लैस हैं। कैमरों से फोटो खिंचते ही सेंसर वाहनों को गिन लेते हैं। कैमरे उनके वाहनों के आकार प्रकार से लेकर अंदर बैठे लोगों तक की पहचान कर लेते हैं लेकिन अभी तक वाहनों की संख्या के अनुसार इन ट्रैफिक लाइटों को पूरी दक्षता के साथ सेट नहीं किया जा सका है।
बीती दो दिसंबर को नगर निगम के स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने इस सिस्टम को संचालित करने के लिए यातायात पुलिस को सौंप दिया है। अब यातायात पुलिस चौराहों पर लगने वाली इन ट्रैफिक लाइटों के टाइमर वाहनों की संख्या के अनुसार सेट करने में लग गई है। दो दिसंबर से लगभग 168 घंटे बीत चुके हैं लेकिन सेकंडों का ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक, यातायात सतीश चंद्र इसका अध्ययन कर रहे हैं। जल्द ही इसको शहर की जरूरत के अनुसार सेट कर लिया जाएगा। इस लाइट से जाम को रोकने में मदद मिल रही है।
विज्ञापन