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पटाखों की आवाज से फटे कान के परदे, वायु प्रदूषण में भी भारी इजाफा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 09 Nov 2018 02:15 AM IST
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दीपावली पर शहर में वायु प्रदूषण का रहा कहर।
- फोटो : Amar Ujala
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शहर की फिजा सांस लेने लायक भी नहीं है। वायु प्रदूषण में तो पिछले साल की तुलना में इस साल भारी इजाफा हुआ है। वहीं दीपावली पर तेज आवाज के पटाखे इतने चले कि कई लोगों के कान के परदे फट गए। दो लोग तो जेएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में उपचार कराने पहुंचे हैं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक रामगोपाल ने बताया कि पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण में काफी इजाफा हुआ है। हालांकि इसका एक प्रमुख कारण मौसम में नमी एवं ठंडक भी है। नमी एवं ठंडक के कारण धुआं ऊपर नहीं गया है। तुलनात्मक रूप से व्यवसायिक क्षेत्र सेंटर प्वाइंट पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में अधिक रिकार्ड किया गया है। हालांकि शांत एवं आवासीय क्षेत्र में भी ध्वनि प्रदूषण का स्तर मानक से काफी अधिक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए महफूज नहीं हैं।
पटाखों की तेज आवाज से कई लोगों के कान के परदे फट गये। आज दो मरीज जेएन मेडिकल कॉलेज के इनएटी विभाग में आए थे। उनका उपचार चल रहा है। छोटा छेद होगा तो दवा से ठीक हो जाएगा, अन्यथा ऑपरेशन करना पड़ सकता है। वायु प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित समस्याओं को लेकर काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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- प्रो. एससी शर्मा, चेयरमैन ईएनटी विभाग एवं प्रिंसिपल, जेएन मेडिकल कॉलेज
दिल्ली की स्थिति खराब है। यहां की स्थिति भी अच्छी नहीं है। वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के मरीज बढ़ेंगे। स्थिति इतनी खराब है कि सामान्य लोग भी प्रभावित हाेंगे। सुबह में एक-दो घंटा बाहर घूम लिया तो परेशानी बढ़ सकती है। हालात ऐसे हैं कि सुबह में टहलना घातक है। प्रदूषण का लंस के ऊपर सीधा प्रभाव पड़ता है। हवा भी नहीं चल रही है।
- प्रो. राकेश भार्गव, टीबी एवं श्वसनतंत्र विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज
ध्वनि प्रदूषण
क्षेत्र स्थान स्थिति पिछले साल
शांत क्षेत्र एएमयू 58.3 62.3 डेसीबल
व्यवसायिक क्षेत्र सेंटर प्वाइंट 84.5 79.1
आवासीय क्षेत्र ज्ञान सरोवर 73.8 76.6
(दीपावली के दिन बुधवार को शाम 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक की स्थिति)
वायु प्रदूषण
बुधवार (ज्ञान सरोवर) - 407 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (पिछले साल 380)
बुधवार सुबह 6 से गुरुवार सुबह 6 बजे तक का औसत (ज्ञान सरोवर)
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक रामगोपाल ने बताया कि पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण में काफी इजाफा हुआ है। हालांकि इसका एक प्रमुख कारण मौसम में नमी एवं ठंडक भी है। नमी एवं ठंडक के कारण धुआं ऊपर नहीं गया है। तुलनात्मक रूप से व्यवसायिक क्षेत्र सेंटर प्वाइंट पर ध्वनि प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में अधिक रिकार्ड किया गया है। हालांकि शांत एवं आवासीय क्षेत्र में भी ध्वनि प्रदूषण का स्तर मानक से काफी अधिक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए महफूज नहीं हैं।
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पटाखों की तेज आवाज से कई लोगों के कान के परदे फट गये। आज दो मरीज जेएन मेडिकल कॉलेज के इनएटी विभाग में आए थे। उनका उपचार चल रहा है। छोटा छेद होगा तो दवा से ठीक हो जाएगा, अन्यथा ऑपरेशन करना पड़ सकता है। वायु प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित समस्याओं को लेकर काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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- प्रो. एससी शर्मा, चेयरमैन ईएनटी विभाग एवं प्रिंसिपल, जेएन मेडिकल कॉलेज
दिल्ली की स्थिति खराब है। यहां की स्थिति भी अच्छी नहीं है। वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के मरीज बढ़ेंगे। स्थिति इतनी खराब है कि सामान्य लोग भी प्रभावित हाेंगे। सुबह में एक-दो घंटा बाहर घूम लिया तो परेशानी बढ़ सकती है। हालात ऐसे हैं कि सुबह में टहलना घातक है। प्रदूषण का लंस के ऊपर सीधा प्रभाव पड़ता है। हवा भी नहीं चल रही है।
- प्रो. राकेश भार्गव, टीबी एवं श्वसनतंत्र विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज
ध्वनि प्रदूषण
क्षेत्र स्थान स्थिति पिछले साल
शांत क्षेत्र एएमयू 58.3 62.3 डेसीबल
व्यवसायिक क्षेत्र सेंटर प्वाइंट 84.5 79.1
आवासीय क्षेत्र ज्ञान सरोवर 73.8 76.6
(दीपावली के दिन बुधवार को शाम 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक की स्थिति)
वायु प्रदूषण
बुधवार (ज्ञान सरोवर) - 407 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (पिछले साल 380)
बुधवार सुबह 6 से गुरुवार सुबह 6 बजे तक का औसत (ज्ञान सरोवर)