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शहर की तंग गलियों से निकले टॉपर, चांद-तारों की छूने की आशा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2016 01:15 AM IST
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आईसीएसई के परीक्षा परिणाम पर खुश हाोते छात्र
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
काउंसिल फॉर दी इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आईसीएसई) की 10 वीं एवं 12 वीं का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया। 93.8 प्रतिशत अंक के साथ एसजेडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के अरुण कुमार जिले के टॉपर बने है। वहीं गगन पब्लिक स्कूल के शिखर वर्मा दूसरे एवं एसजेडी के योवन सिंह तीसरे स्थान पर रहे।
12 वीं में गगन पब्लिक स्कूल के कामर्स के छात्र परम सहगल एवं विपुल अग्रवाल 90.4 प्रतिशत अंक के साथ जिले के संयुक्त टॉपर बने है। इन दोनो टॉपरों की गजब की यारी है। गगन पब्लिक स्कूल की ही कामर्स छात्रा राधा शर्मा दूसरे एवं एसजेडी के साइंस के छात्र धर्वेश कुमार तीसरे स्थान पर है।
साइंस स्ट्रीम में सर्वेश जिले के टॉपर है। खास बात यह है कि आईसीएसई के अधिकतर टॉपर महानगर की तंग गलियों से निकले है। उनके घरों तक पहुंचने के लिए संकरी गलियों से होकर गुजरना पड़ता है। हालांकि संकरी गलियों से निकले टॉपरों के हौसले चांद-तारों को छूने की है। 10 वीं एवं 12 वीं में करीब 559 छात्र-छात्रा शामिल हुए थे। 10 वीं में जनपद का रिजल्ट शत प्रतिशत है जबकि 12 वीं में करीब 95 प्रतिशत के आसपास है।
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परम एवं विपुल के सोच में भी गजब की समानता
12 वीं के टॉपर गगन पब्लिक स्कूल के परम सहगल एवं विपुल अग्रवाल है। परम छर्रा अड्डा स्थित पंजाबी कॉलोनी में रहते है, जबकि विपुल गोपालपुरी की संकरी गलियों के है। परम के पिता मुकेश सहगल प्रापर्टी डीलर है जबकि मां कुसुम सहगल गृहणी।
परम दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर एमबीए करना चाहते है। परम का फंडा है पढ़ते रहो और मजे लो। यानी तनावयुक्त अध्ययन। 24 घंटे में करीब 14 घंटे पढ़ाई के लिए निकाल लेते है। शहर की गंदगी एवं मच्छर से वे परेशान होते है। अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ-साथ दिलीप जुनेजा सर, अनुराग सर एवं मोनू सर को देते है। परम की शानदार सफलता से पंजाबी कॉलोनी में खुशी की लहर दौड़ गई है। मोहल्ले में लड्डू बंट रहे है।
वहीं गोपालपुरी के विपुल अग्रवाल और परम क्लास 4 से साथ-साथ पढ़ रहे है। दोनो में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ गजब की दोस्ती भी है। विपुल कहते है कि हम दोनो में बहुत कुछ समान है। हम लोगों के सोच में भी गजब की समानता है। जो मैं सोच रहा होता हूं, वहीं परम भी सोचता है। या वह जो सोचता है वैसा ही कुछ मेरे दिमाग में चलता है। खास बात यह है कि हम लोग अपने कार्यों को एक ही तरह से इम्पलीमेंट भी करते है। विपुल इसे ‘एलोपैथी सेम’ का नाम देते है।
विपुल की बहन सीए कर रही है। एक छोटा भाई है। पिता किशन अग्रवाल बिजनेस मैन है। विपुल भी परम की तरह डीयू से बीकॉम करने की तैयारी में है। विपुल कहते है कि 10 वीं में मुझे 86.2 एवं परम को 84.3 प्रतिशत अंक था।
भाई डॉक्टर एवं बहन इंजीनियर, सीए बनना चाहती है राधा
मूल रूप से हाथरस के सासनी निवासी राधा शर्मा 12 वीं की सेकेंड टॉपर है। संयुक्त टॉपर परम एवं विपुल से मामूली अंक से पीछे है। रामबाग कॉलोनी में अपनी बहन एवं भाई के साथ रहकर एएमयू बीकॉम प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है।
खास बात यह है कि राधा की बहन वंदना शर्मा एएमयू से इंजीनियरिंग कर रही है। जबकि भाई विवेक पचौरी एएमयू से एमबीबीएस कर रहे है। यहां पर भाई बहन किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करते है। पिता डॉ. अनिल कुमार शर्मा एवं मां सुधा शर्मा सासनी में रहते है।
राधा कहती है कि उनका लक्ष्य सीए करना है। लेकिन घर में अभी आर्थिक कठिनाई है, इसलिए बीकॉम में एडमिशन की सोच रही हूं। एक साल में दीदी वंदना इंजीनियरिंग कर लेंगी एवं जॉब करेगी तो आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएगी। उसके बाद एक मात्र लक्ष्य सीए करना है।
साइंस टॉपर धर्वेश की मां की आंखों से छलके खुशी के आंसू
12 वीं के जिले के थर्ड टॉपर एवं साइंस स्ट्रीम के टॉपर धर्वेश कुमार की मां ओमवती देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक गए। धर्वेश परीक्षा देने के बाद कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे है। एसजेडी मेमोरियल स्कूल में धर्वेश की मां एवं दीदी मधुबाला रिजल्ट देखने पहुंची थी। पिता कंचन सिंह तसील में डीड राइटर है। ओमवती देवी कहती है कि धर्वेश क्लास 8 से कहता आ रहा है कि इंजीनियर बनेंगे।
आईपीएस बनना चाहता है अरुण
महानगर के अंबेडकर कॉलोनी निवासी अरुण कुमार 10 वीं में जिले का टॉपर बना है। एसजेडी में अपने पिता के साथ पहुंचे अरुण ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहता है ताकि अपराध एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर देश में खुशहाली ला सके। अरुण के पिता सत्यपाल सिंह एक एडेड स्कूल में शिक्षक है। वह अपने जूनियर छात्रों के लिए संदेश दिया कि आत्म विश्वास बनाए रखे और कठोर परिश्रम करे। सफलता कदम चुमेंगी।
राइट ब्रदर्स की तरह हवाई जहाज बनाएगा शिखर
10 वीं का सेकेंड टॉपर शिखर वर्मा अपने भाई प्रखर वर्मा के साथ मिलकर राइट ब्रदर्स की तरह हवाई जहाज बनाएगा। पक्की सराय की बेहद तंग गलियों में रहने वाले शिखर के घर तक पहुंचने एवं बाइक खड़ी करने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। लेकिन हौसला सातवें आसमान पर है।
शिखर के पिता नागेंद्र वर्मा एलआईसी एजेंट है और मां माधुरी वर्मा गृहणि। बड़े भाई प्रखर वर्मा एएमयू मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र है। बहन सीए कर रही है। शिखर कहते है कि बचपन में राइट ब्रदर्स के बारे में पढ़ा था। उसी समय मैं और भैया ने तय किया था कि बड़ा होकर राइट ब्रदर्स की तरह हमलोग भी हवाई जहाज बनाएंगे। भविष्य में वे अपने बचपन के इस सपने को अंजाम तक पहुंचाएंगे। फिलहाल एएमयू 11 वीं में प्रवेश की तैयारी में जुटे है।
मैथ टीचर बनना चाहते है योवन
एटा चुंगी वैष्णवधाम निवासी योवन जिले के थर्ड टॉपर है। उनकी इच्छा मैथ टीचर बनकर छात्रों को पढ़ाना है। सुधीर कुमार के पिता सुधीर कुमार व्यापार करते है। योवन कहते है कि आज देश में अच्छे शिक्षकों खासकर साइंस एवं मैथ के शिक्षकों की जरूरत है जो बच्चों में साइंस के प्रति रूचि पैदा कर देश की तरक्की की भूमिका तैयार करे। पढ़ना एवं पढ़ाना उन्हें बेहद अच्छा लगता है, इसलिए वे टीचर बनना चाहते है।
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12 वीं में गगन पब्लिक स्कूल के कामर्स के छात्र परम सहगल एवं विपुल अग्रवाल 90.4 प्रतिशत अंक के साथ जिले के संयुक्त टॉपर बने है। इन दोनो टॉपरों की गजब की यारी है। गगन पब्लिक स्कूल की ही कामर्स छात्रा राधा शर्मा दूसरे एवं एसजेडी के साइंस के छात्र धर्वेश कुमार तीसरे स्थान पर है।
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साइंस स्ट्रीम में सर्वेश जिले के टॉपर है। खास बात यह है कि आईसीएसई के अधिकतर टॉपर महानगर की तंग गलियों से निकले है। उनके घरों तक पहुंचने के लिए संकरी गलियों से होकर गुजरना पड़ता है। हालांकि संकरी गलियों से निकले टॉपरों के हौसले चांद-तारों को छूने की है। 10 वीं एवं 12 वीं में करीब 559 छात्र-छात्रा शामिल हुए थे। 10 वीं में जनपद का रिजल्ट शत प्रतिशत है जबकि 12 वीं में करीब 95 प्रतिशत के आसपास है।
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परम एवं विपुल के सोच में भी गजब की समानता
12 वीं के टॉपर गगन पब्लिक स्कूल के परम सहगल एवं विपुल अग्रवाल है। परम छर्रा अड्डा स्थित पंजाबी कॉलोनी में रहते है, जबकि विपुल गोपालपुरी की संकरी गलियों के है। परम के पिता मुकेश सहगल प्रापर्टी डीलर है जबकि मां कुसुम सहगल गृहणी।
परम दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर एमबीए करना चाहते है। परम का फंडा है पढ़ते रहो और मजे लो। यानी तनावयुक्त अध्ययन। 24 घंटे में करीब 14 घंटे पढ़ाई के लिए निकाल लेते है। शहर की गंदगी एवं मच्छर से वे परेशान होते है। अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ-साथ दिलीप जुनेजा सर, अनुराग सर एवं मोनू सर को देते है। परम की शानदार सफलता से पंजाबी कॉलोनी में खुशी की लहर दौड़ गई है। मोहल्ले में लड्डू बंट रहे है।
वहीं गोपालपुरी के विपुल अग्रवाल और परम क्लास 4 से साथ-साथ पढ़ रहे है। दोनो में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ गजब की दोस्ती भी है। विपुल कहते है कि हम दोनो में बहुत कुछ समान है। हम लोगों के सोच में भी गजब की समानता है। जो मैं सोच रहा होता हूं, वहीं परम भी सोचता है। या वह जो सोचता है वैसा ही कुछ मेरे दिमाग में चलता है। खास बात यह है कि हम लोग अपने कार्यों को एक ही तरह से इम्पलीमेंट भी करते है। विपुल इसे ‘एलोपैथी सेम’ का नाम देते है।
विपुल की बहन सीए कर रही है। एक छोटा भाई है। पिता किशन अग्रवाल बिजनेस मैन है। विपुल भी परम की तरह डीयू से बीकॉम करने की तैयारी में है। विपुल कहते है कि 10 वीं में मुझे 86.2 एवं परम को 84.3 प्रतिशत अंक था।
भाई डॉक्टर एवं बहन इंजीनियर, सीए बनना चाहती है राधा
मूल रूप से हाथरस के सासनी निवासी राधा शर्मा 12 वीं की सेकेंड टॉपर है। संयुक्त टॉपर परम एवं विपुल से मामूली अंक से पीछे है। रामबाग कॉलोनी में अपनी बहन एवं भाई के साथ रहकर एएमयू बीकॉम प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है।
खास बात यह है कि राधा की बहन वंदना शर्मा एएमयू से इंजीनियरिंग कर रही है। जबकि भाई विवेक पचौरी एएमयू से एमबीबीएस कर रहे है। यहां पर भाई बहन किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करते है। पिता डॉ. अनिल कुमार शर्मा एवं मां सुधा शर्मा सासनी में रहते है।
राधा कहती है कि उनका लक्ष्य सीए करना है। लेकिन घर में अभी आर्थिक कठिनाई है, इसलिए बीकॉम में एडमिशन की सोच रही हूं। एक साल में दीदी वंदना इंजीनियरिंग कर लेंगी एवं जॉब करेगी तो आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएगी। उसके बाद एक मात्र लक्ष्य सीए करना है।
साइंस टॉपर धर्वेश की मां की आंखों से छलके खुशी के आंसू
12 वीं के जिले के थर्ड टॉपर एवं साइंस स्ट्रीम के टॉपर धर्वेश कुमार की मां ओमवती देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक गए। धर्वेश परीक्षा देने के बाद कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे है। एसजेडी मेमोरियल स्कूल में धर्वेश की मां एवं दीदी मधुबाला रिजल्ट देखने पहुंची थी। पिता कंचन सिंह तसील में डीड राइटर है। ओमवती देवी कहती है कि धर्वेश क्लास 8 से कहता आ रहा है कि इंजीनियर बनेंगे।
आईपीएस बनना चाहता है अरुण
महानगर के अंबेडकर कॉलोनी निवासी अरुण कुमार 10 वीं में जिले का टॉपर बना है। एसजेडी में अपने पिता के साथ पहुंचे अरुण ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहता है ताकि अपराध एवं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर देश में खुशहाली ला सके। अरुण के पिता सत्यपाल सिंह एक एडेड स्कूल में शिक्षक है। वह अपने जूनियर छात्रों के लिए संदेश दिया कि आत्म विश्वास बनाए रखे और कठोर परिश्रम करे। सफलता कदम चुमेंगी।
राइट ब्रदर्स की तरह हवाई जहाज बनाएगा शिखर
10 वीं का सेकेंड टॉपर शिखर वर्मा अपने भाई प्रखर वर्मा के साथ मिलकर राइट ब्रदर्स की तरह हवाई जहाज बनाएगा। पक्की सराय की बेहद तंग गलियों में रहने वाले शिखर के घर तक पहुंचने एवं बाइक खड़ी करने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। लेकिन हौसला सातवें आसमान पर है।
शिखर के पिता नागेंद्र वर्मा एलआईसी एजेंट है और मां माधुरी वर्मा गृहणि। बड़े भाई प्रखर वर्मा एएमयू मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र है। बहन सीए कर रही है। शिखर कहते है कि बचपन में राइट ब्रदर्स के बारे में पढ़ा था। उसी समय मैं और भैया ने तय किया था कि बड़ा होकर राइट ब्रदर्स की तरह हमलोग भी हवाई जहाज बनाएंगे। भविष्य में वे अपने बचपन के इस सपने को अंजाम तक पहुंचाएंगे। फिलहाल एएमयू 11 वीं में प्रवेश की तैयारी में जुटे है।
मैथ टीचर बनना चाहते है योवन
एटा चुंगी वैष्णवधाम निवासी योवन जिले के थर्ड टॉपर है। उनकी इच्छा मैथ टीचर बनकर छात्रों को पढ़ाना है। सुधीर कुमार के पिता सुधीर कुमार व्यापार करते है। योवन कहते है कि आज देश में अच्छे शिक्षकों खासकर साइंस एवं मैथ के शिक्षकों की जरूरत है जो बच्चों में साइंस के प्रति रूचि पैदा कर देश की तरक्की की भूमिका तैयार करे। पढ़ना एवं पढ़ाना उन्हें बेहद अच्छा लगता है, इसलिए वे टीचर बनना चाहते है।