{"_id":"5be88631bdec222f4e267dd1","slug":"too-late-to-be-appointed-chairman-of-the-department-of-english","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहुत हुआ विलंब, अंग्रेजी विभाग में चेयरमैन नियुक्त हो अविलंब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहुत हुआ विलंब, अंग्रेजी विभाग में चेयरमैन नियुक्त हो अविलंब
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:22 AM IST
विज्ञापन
AMU
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में वरिष्ठता को लेकर पिछले तीन-चार साल से विवाद चल रहा है। इसकी वजह से विभाग में स्थायी चेयरमैन नहीं है। अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इसकी वजह से कई तरह की परेशानियां होती है। एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य भी चाहते है कि जल्द से जल्द इसका समाधान निकले और विभाग में चेयरमैन नियुक्त किया जाए।
रविवार को एएमयू में एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक आयोजित की गई। इसमें ईसी सदस्यों ने कहा कि पिछले चार साल से विवाद चल रहा है। इसके लिए गठित कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। उसके आलोक में चेयरमैन की नियुक्त कर देना चाहिए।
ईसी सदस्यों ने इस मामले पर फैसला लेने के लिए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को अधिकृत कर दिया। अंग्रेजी विभाग में प्रो. रिजवान खान एवं प्रो. आसिम सिद्दीकी के बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा है। इन्फारमेशन एंड लाइब्रेरी साइंस विभाग में वर्तमान चेयरमैन ही रहेंगी। प्रो. नौशाद अली पीएम ने इस मामले को ग्रीवांस कमेटी में उठाया था।
विज्ञापन
एनी अदर्स आइटम के अंतर्गत डायनेमिक अशुर्ड कैरियर प्रोगेशन (डीएसीपी) स्कीम के अंतर्गत मेडिसन फैकल्टी के शिक्षकों को लाभ देने का आग्रह कुलपति से की गई। कुछ सदस्यों ने कहा गया कि इस स्कीम को यूजीसी की स्वीकृति मिल चुकी है और बीएचयू, डीयू एवं जामिया इस्लामिया ने स्वीकार कर लिया है। इसके अतिरिक्त सलेक्शन कमेटी कराने एवं शिक्षकों के पे स्कूल पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने की। प्रो. एम हनीफ बेग, प्रो. एएम पठान, प्रो. राम रक्षपाल सिंह, प्रो. उमेश अशोक कदम, प्रो. एसएम खान, प्रो. नईमा गुलरेज, प्रो. नजम खलीक, प्रो. आफताब आलम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
रविवार को एएमयू में एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक आयोजित की गई। इसमें ईसी सदस्यों ने कहा कि पिछले चार साल से विवाद चल रहा है। इसके लिए गठित कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। उसके आलोक में चेयरमैन की नियुक्त कर देना चाहिए।
विज्ञापन
ईसी सदस्यों ने इस मामले पर फैसला लेने के लिए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को अधिकृत कर दिया। अंग्रेजी विभाग में प्रो. रिजवान खान एवं प्रो. आसिम सिद्दीकी के बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद चल रहा है। इन्फारमेशन एंड लाइब्रेरी साइंस विभाग में वर्तमान चेयरमैन ही रहेंगी। प्रो. नौशाद अली पीएम ने इस मामले को ग्रीवांस कमेटी में उठाया था।
विज्ञापन
एनी अदर्स आइटम के अंतर्गत डायनेमिक अशुर्ड कैरियर प्रोगेशन (डीएसीपी) स्कीम के अंतर्गत मेडिसन फैकल्टी के शिक्षकों को लाभ देने का आग्रह कुलपति से की गई। कुछ सदस्यों ने कहा गया कि इस स्कीम को यूजीसी की स्वीकृति मिल चुकी है और बीएचयू, डीयू एवं जामिया इस्लामिया ने स्वीकार कर लिया है। इसके अतिरिक्त सलेक्शन कमेटी कराने एवं शिक्षकों के पे स्कूल पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने की। प्रो. एम हनीफ बेग, प्रो. एएम पठान, प्रो. राम रक्षपाल सिंह, प्रो. उमेश अशोक कदम, प्रो. एसएम खान, प्रो. नईमा गुलरेज, प्रो. नजम खलीक, प्रो. आफताब आलम आदि मौजूद थे।