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एएमयूू बवाल में साजिश के आरोपी बनेंगे यूनिवर्सिटी के तीन बड़े अधिकारी
Sat, 13 Apr 2019 01:31 AM IST
राजेश सिंह
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 13 Apr 2019 01:31 AM IST
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AMU
एएमयू में 12 फरवरी को हुए ओवैसी के आगमन के विरोध के बाद हुए बवाल के मामले में दर्ज बरौली विधायक पौत्र ठा.अजय सिंह व भाजपा जिला प्रवक्ता डॉ. निशित शर्मा पर हमले के मुकदमे की साजिश का ठीकरा तीन बड़े अधिकारियों पर फूटने जा रहा है। मुकदमे में तीनों को जल्द साजिश का आरोपी बनाए जाने की तैयारी है। इस दिशा में मुकदमे के वादी व गवाह ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं, जिसमें इन तीनों को साजिश का आरोपी करार दिया है। वहीं अब विवेचक इनके खिलाफ साक्ष्य संकलन का काम कर रहा है। जल्द ही इन तीनों को साजिश का आरोपी बनाया जाएगा। जांच कर रही एजेंसियां तीनों अधिकारियों के नाम के पर्चे काटने की तैयारी कर रही हैं।
12 फरवरी को एएमयू में एआईएमआईएम के सांसद असदउद्दीन ओवैसी का आना प्रस्तावित था। इस पर छात्रों का एक गुट आने का विरोध कर रहा था, जबकि एक गुट आने के समर्थन में था। इसे लेकर तनाव पैदा हुआ और जब एक छात्र संग मारपीट के बाद छात्र नेता अजय सिंह रजिस्ट्रार दफ्तर पर धरने पर बैठे तो उन पर एएमयू के दूसरे छात्र हमलावर हो गए। उनके समर्थन में आए भाजपा जिला प्रवक्ता डॉ. निशित शर्मा व भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह पर भी हमला बोला गया। इसे लेकर जमकर बवाल काटा गया। इसमें एक मुकदमा निशित की ओर से खुद पर व अजय सिंह पर हमले का दर्ज हुआ।
वहीं दूसरा मुकदमा भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी की ओर से दर्ज कराया गया। डॉ. निशित की ओर से मुकदमे में आठ-दस लोग नामजद थे। इस मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के समय मामले की जांच थाना सिविल लाइन के एसआई कर रहे थे। वादी डॉ. निशित के अनुसार उन्होंने अपने व मुकदमे के गवाह अजय सिंह ने अपने बयान पूर्व विवेचक के समक्ष ही दर्ज कराए थे, जिसमें उन्होंने एएमयू के उन तीन बड़े अधिकारियों को इस हमले की साजिश का आरोपी बनाया है, जिनके नाम की तहरीर भी दी थी। मगर उस पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। बाद में तहरीर बदलने पर ही मुकदमा दर्ज हुआ था।
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इधर, अब मुकदमे की विवेचना कर रहे एसआईटी के सदस्य हाथरस गेट थाने के एसएसआई विपिन कुमार यादव बताते हैं कि पिछले विवेचक के पर्चों में वादी और गवाह ने अपने बयानों में यूनिवर्सिटी के तीन बड़े अधिकारियों के नाम साजिशकर्ता के रूप में लिए हैं। इस पहलू को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही इनके खिलाफ साक्ष्य संकलित करने व पर्चे काटे जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जा सकें। वहीं सद्दाम व अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ अदालत से वारंट लेने की तैयारी है।
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12 फरवरी को एएमयू में एआईएमआईएम के सांसद असदउद्दीन ओवैसी का आना प्रस्तावित था। इस पर छात्रों का एक गुट आने का विरोध कर रहा था, जबकि एक गुट आने के समर्थन में था। इसे लेकर तनाव पैदा हुआ और जब एक छात्र संग मारपीट के बाद छात्र नेता अजय सिंह रजिस्ट्रार दफ्तर पर धरने पर बैठे तो उन पर एएमयू के दूसरे छात्र हमलावर हो गए। उनके समर्थन में आए भाजपा जिला प्रवक्ता डॉ. निशित शर्मा व भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह पर भी हमला बोला गया। इसे लेकर जमकर बवाल काटा गया। इसमें एक मुकदमा निशित की ओर से खुद पर व अजय सिंह पर हमले का दर्ज हुआ।
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वहीं दूसरा मुकदमा भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी की ओर से दर्ज कराया गया। डॉ. निशित की ओर से मुकदमे में आठ-दस लोग नामजद थे। इस मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के समय मामले की जांच थाना सिविल लाइन के एसआई कर रहे थे। वादी डॉ. निशित के अनुसार उन्होंने अपने व मुकदमे के गवाह अजय सिंह ने अपने बयान पूर्व विवेचक के समक्ष ही दर्ज कराए थे, जिसमें उन्होंने एएमयू के उन तीन बड़े अधिकारियों को इस हमले की साजिश का आरोपी बनाया है, जिनके नाम की तहरीर भी दी थी। मगर उस पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। बाद में तहरीर बदलने पर ही मुकदमा दर्ज हुआ था।
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इधर, अब मुकदमे की विवेचना कर रहे एसआईटी के सदस्य हाथरस गेट थाने के एसएसआई विपिन कुमार यादव बताते हैं कि पिछले विवेचक के पर्चों में वादी और गवाह ने अपने बयानों में यूनिवर्सिटी के तीन बड़े अधिकारियों के नाम साजिशकर्ता के रूप में लिए हैं। इस पहलू को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही इनके खिलाफ साक्ष्य संकलित करने व पर्चे काटे जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जा सकें। वहीं सद्दाम व अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ अदालत से वारंट लेने की तैयारी है।