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एएमयू प्रोफेसर से रंगदारी मांगने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार
Sun, 06 Oct 2019 03:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2019 03:41 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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एएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर को फोन कर 10 लाख की रंगदारी मांगने और रकम न मिलने पर उनकी बेटी का अपहरण कर हत्या करने की धमकी देने वाले तीन बदमाशों को बन्नादेवी पुलिस ने शनिवार को दबोच लिया। इस वारदात का मुख्य साजिशकर्ता एएमयू में ही पोस्टर-बैनर लगाने वाला युवक निकला। गिरोह का एक साथी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
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सीओ द्वितीय प्रशांत सिंह के अनुसार 15 सितंबर को एएमयू की असिस्टेंट प्रोफेसर सविता गौतम निवासी वैष्णो अपार्टमेंट, बन्नादेवी को फोन कर एक युवक ने 10 लाख रुपये मांगे थे। रकम न देने पर उनकी बेटी जो कि शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 11वीं की छात्रा है। उसका अपहरण कर हत्या करने की धमकी दी थी। सविता गौतम के पति विनोद कुमार उप्र रोडवेज के लखनऊ मुख्यालय में सेक्शन अधिकारी हैं। विनोद ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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सर्विलांस और थाना पुलिस की टीम ने रंगदारी के लिए आई कॉल के फोन नंबर और आईईएमआई नंबर को ट्रेस कर शनिवार को पुरानी चुंगी, सिविल लाइंस से मजाहिद अली पुत्र मकसूद अली निवासी साकनी थाना जहांगीराबाद, बुलंदशहर एवं हाल पता अल्लानूर की टाल, सिविल लाइंस, हारुन पुत्र चांद मो. निवासी फैजियाम मस्जिद जमालपुर और वाहिद पुत्र नैकसे खां निवासी आसिफ नगर, जमालपुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कुबूल कर एक अन्य साथी सलमान के संबंध में जानकारी दी।
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गिरफ्तार अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। सलमान की तलाश जारी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई दीपक नागर, सुमित कुमार, रविंद्र कुमार, कमलेश कुमार, कृष्णवीर शामिल रहे। सीओ द्वितीय के अनुसार रंगदारी मांगने की साजिश हारुन ने रची थी। उसने बताया कि उसे एएमयू में पोस्टर लगाने के दौरान सविता गौतम का नंबर मिला था।
इसके बाद उसने उनकी आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई और अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रच डाली। रंगदारी मांगने के लिए एक फर्जी आईडी पर दो सिम कार्ड लिए थे। फोन करने के बाद दोनों सिमों को तोड़कर फेंक दिया था।