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तीन तलाक में सरकारी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं : बुखारी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 08 May 2017 01:25 AM IST
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तीन तलाक में सरकारी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं : बुखारी
- फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद बुखारी ने कहा कि तीन तलाक मामले में सरकार की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इसको लेकर टीवी पर होने वाली बहसों पर भी उन्होंने कड़ा एतराज जताया। शिवपाल यादव की नई पार्टी की सफलता को लेकर भी उन्होंने संदेह जाहिर किया।
रविवार को वे निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इमाम बुखारी ने अमर उजाला से तीन तलाक मसले पर कहा कि इसमें हुकूमत की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इस मामले को उलेमा तय करेंगे। इसके लिए पर्सनल लॉ बोर्ड काम कर रहा है। टीवी पर इसको लेकर बहस बंद होनी चाहिए। सूबे में शिवपाल यादव की नई पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी पार्टी एक दिन में अवाम के दिल में जगह नहीं बना सकती और न ही उसे मकबूलियत (प्रसिद्धि) मिल सकती है, यह तब जब सपा का सिराजा बिखर चुका है और उस पार्टी से निकलकर कोई शख्स नई पार्टी बना ले। सपा का जो हश्र हुआ है, उसके पीछे एक बेटे का अहंकार है, जिन्होंने अपने बुजुर्ग पिता को पार्टी से बाहर कर दिया। वह पिता जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पार्टी को वक्फ कर दी।
उन्होंने कश्मीर मामले पर कहा कि वहां आज से नहीं, बल्कि बरसों से हालात बिगड़े हैं। सबको गौर करना होगा कि आखिर वहां के लोग खासकर छोटे-छोटे बच्चे पत्थरबाजी करने पर आमादा क्यों हैं ? कश्मीर जल रहा है। इसलिए इसका हल पत्थर, पैलेट गन, गोलियों से नहीं निकाला जा सकता है, बातचीत से निकालना होगा। पैलेटगन का इस्तेमाल गलत है। सीज फायर उल्लंघन के मामले में कहा कि पाकिस्तान की करतूत से हिंदुस्तान के मुस्लिमों को ताने झेलने पड़ते हैं। वह अपनी नापाक हरकतें बंद करे।
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देरी और सड़क अच्छी न होने से लौटे
अलीगढ़ । इमाम बुखारी को अलीगढ़ के देहात छर्रा क्षेत्र में किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने जाना था। मगर अलीगढ़ पहुंचते-पहुंचते उन्हें शाम हो गई। यहां होटल में रुककर फ्रेश होने पर जब उन्होंने सवाल दागा कि अभी कितनी दूर और जाना होगा तो पता चला कि छर्रा कस्बा अलीगढ़ शहर से 50-55 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा सड़कों का हाल भी बेहाल है। इतना सुनते ही उन्होंने छर्रा जाने से तौबा की और कहा कि यहीं से खाना खाकर वापस लौट चलते हैं। इस तरह वह शहर से ही दिल्ली लौट गए।
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रविवार को वे निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इमाम बुखारी ने अमर उजाला से तीन तलाक मसले पर कहा कि इसमें हुकूमत की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इस मामले को उलेमा तय करेंगे। इसके लिए पर्सनल लॉ बोर्ड काम कर रहा है। टीवी पर इसको लेकर बहस बंद होनी चाहिए। सूबे में शिवपाल यादव की नई पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि कोई भी पार्टी एक दिन में अवाम के दिल में जगह नहीं बना सकती और न ही उसे मकबूलियत (प्रसिद्धि) मिल सकती है, यह तब जब सपा का सिराजा बिखर चुका है और उस पार्टी से निकलकर कोई शख्स नई पार्टी बना ले। सपा का जो हश्र हुआ है, उसके पीछे एक बेटे का अहंकार है, जिन्होंने अपने बुजुर्ग पिता को पार्टी से बाहर कर दिया। वह पिता जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पार्टी को वक्फ कर दी।
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उन्होंने कश्मीर मामले पर कहा कि वहां आज से नहीं, बल्कि बरसों से हालात बिगड़े हैं। सबको गौर करना होगा कि आखिर वहां के लोग खासकर छोटे-छोटे बच्चे पत्थरबाजी करने पर आमादा क्यों हैं ? कश्मीर जल रहा है। इसलिए इसका हल पत्थर, पैलेट गन, गोलियों से नहीं निकाला जा सकता है, बातचीत से निकालना होगा। पैलेटगन का इस्तेमाल गलत है। सीज फायर उल्लंघन के मामले में कहा कि पाकिस्तान की करतूत से हिंदुस्तान के मुस्लिमों को ताने झेलने पड़ते हैं। वह अपनी नापाक हरकतें बंद करे।
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अलीगढ़ । इमाम बुखारी को अलीगढ़ के देहात छर्रा क्षेत्र में किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने जाना था। मगर अलीगढ़ पहुंचते-पहुंचते उन्हें शाम हो गई। यहां होटल में रुककर फ्रेश होने पर जब उन्होंने सवाल दागा कि अभी कितनी दूर और जाना होगा तो पता चला कि छर्रा कस्बा अलीगढ़ शहर से 50-55 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा सड़कों का हाल भी बेहाल है। इतना सुनते ही उन्होंने छर्रा जाने से तौबा की और कहा कि यहीं से खाना खाकर वापस लौट चलते हैं। इस तरह वह शहर से ही दिल्ली लौट गए।